NCP के दोनों गुटों के विलय पर अब भी सस्पेंस:सुनेत्रा बारामती लौटीं, शरद पवार मुंबई पहुंचे; CM फडणवीस जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव प्रचार नहीं करेंगे
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच, एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार रविवार सुबह बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए, जबकि अजित पवार की पत्नी और डिप्टी CM सुनेत्रा पवार बारामती लौट आईं।
शरद पवार अपने भतीजे और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के चार दिन बाद मुंबई पहुंचे हैं। वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत से महाराष्ट्र में राजनीतिक कार्यक्रमों में बदलाव हुए हैं।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए प्रचार न करने का फैसला किया है। फडणवीस पहले सात दिन में 22 चुनावी सभाओं को संबोधित करने वाले थे, लेकिन पवार की मौत के बाद उन्होंने उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया है।
अब उन्होंने स्थानीय नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों को प्रचार करने का निर्देश दिया है। राज्य की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों में 7 फरवरी को चुनाव होंगे। प्रचार 5 फरवरी तक होना है। जबकि वोटों की गिनती 9 फरवरी को होगी।
शपथ लेने के बाद लौटीं सुनेत्रा
सुनेत्रा पवार ने शनिवार को मुंबई में डिप्टी CM की शपथ लेने के बाद पुणे जिले के बारामती स्थित अपने आवास लौट आईं।
मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम और एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर चल रही अटकलों के बीच यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि शरद पवार और सुनेत्रा पवार के बीच कोई मुलाकात या बातचीत हुई या नहीं।
वहीं, शरद पवार की बेटी और बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले शनिवार को बजट सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गईं।
शरद पवार से मिले अजित के बेटे पार्थ
शनिवार को अजित पवार के बेटे पार्थ ने बारामती के गोविंदबाग आवास पर शरद पवार से मुलाकात की थी। इस दौरान सुप्रिया सुले, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार और युगेंद्र पवार भी मौजूद थे।
इस मुद्दे पर प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि नारहरी जिरवाल जैसे नेता एकजुटता की अपील कर रहे हैं।
12 फरवरी को होने वाला था विलय एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि अजित पवार ने 12 फरवरी को एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की घोषणा करने की तारीख तय की थी। शरद पवार ने संकेत दिया कि अजित पवार के निधन के बाद अब एनसीपी (एसपी) और एनसीपी के बीच विलय प्रक्रिया में अड़चन आ सकती है।
सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण को लेकर उन्होंने कहा कि इस बारे में मुझसे कोई चर्चा नहीं हुई। यह फैसला पार्टी ने स्वयं लिया होगा। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने पहल की होगी और संभव है कि पार्टी के भीतर ही यह निर्णय लिया गया हो।
