जम्मू-कश्मीर में जैश के 2 आतंकियों के एनकाउंटर का VIDEO:उधमपुर में गुफा में छिपे थे, सेना ने ग्रेनेड से उड़ाया; अमेरिकन M4 राइफल और AK-47 बरामद
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बुधवार को सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया। दोनों आतंकवादी गुफा में छिपे हुए थे। सेना ने गुफा को ग्रेनेड से विस्फोट कर उड़ा दिया। एनकाउंटर का वीडियो भी सामने आया है।
इसके बाद एक आतंकवादी का शव गुफा के बाहर था, जबकि दूसरे आतंकी का शव गुफा के अंदर काफी गहराई में मिला। इस ऑपरेशन में जैस का टॉप कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया भी मारा गया। वो इलाके में कई साल से सक्रिय था।
मुठभेड़ मंगलवार को शाम 4 बजे शुरू हुई थी। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के पास से M4 कार्बाइन, AK-47 असॉल्ट राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है।
आतंकियों के एनकाउंटर की 3 तस्वीरें…
ऑपरेशन ‘किया’ के तहत सेना की कार्रवाई
व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF का यह जॉइंट आपरेशन था। इसके तहत इलाके की घेराबंदी की गई। इसे ऑपरेशन ‘किया’ नाम दिया गया।
मुठभेड़ मंगलवार को शाम 4 बजे शुरू हुई। आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की। करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को गोली लगी, लेकिन वह अपने साथी के साथ गुफा के अंदर जाकर छिप गया।
मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे आतंकियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर गुफा से बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान फिर से फायरिंग हुई और तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। इसके बाद अतिरिक्त सुरक्षाबलों को इलाके में भेजा गया और घेराबंदी और कड़ी कर दी गई।
सुरक्षा बलों ने बुधवार को आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए।
ऑपरेशन त्राशी-1 अभी भी जारी
उधमपुर के साथ-साथ किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 भी चल रहा है। यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था।
ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान पिछले 15 दिनों में आतंकियों के साथ चार बार मुठभेड़ हो चुकी है। 18 जनवरी को हुए पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई।
सुरक्षाबलों के पिछले 3 बड़े एनकाउंटर
23 जनवरी: जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर मारा गया
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 23 जनवरी को सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को मार गिराया था। आतंकियों की तलाश में पिछले एक हफ्ते से ऑपरेशन चल रहा था।
उस्मान पिछले 2 साल से अन्य आतंकवादियों के साथ डोडा-उधमपुर-कौथा इलाके में एक्टिव था। एनकाउंटर की साइट से अमेरिका में बनी M4 राइफल, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ।
18 जनवरी: ग्रेनेड हमले में जवान शहीद
18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे।
19 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है।
यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है।
18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे।
19 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है।
यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है।
16 दिसंबर: एक जवान शहीद, 2 घायल
16 दिसंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में मजालता क्षेत्र के सोहन गांव के पास लगातार दूसरे दिन को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर हुआ था। आतंकियों की गोलीबारी में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के दो जवान घायल हुए थे। एक दिन पहले हुई मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर पुलिस का जवान शहीद हुआ था।
