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कांग्रेस का दावा- अनिल अंबानी ने एपस्टीन से मदद मांगी:मोदी-ट्रम्प की मुलाकात करानी थी; कल कहा था- ट्रम्प के लिए मोदी इजराइल में नाचे

कांग्रेस ने रविवार को लगातार दूसरे दिन एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा उठाया। इस बार पीएम मोदी के अलावा दिवालिया हो चुके बिजनेसमैन अनिल अंबानी का भी नाम है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आज दो पोस्ट X पर शेयर की हैं।

खेड़ा ने पोस्ट में अनिल अंबानी और अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 16 मार्च 2017 को हुई चैट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। अनिल अंबानी इसमें एपस्टीन से कुशनर और बैनन (ट्रम्प के करीबी) से मुलाकात में उसकी मदद मांगते नजर आ रहे हैं। साथ ही ट्रम्प-मोदी की मुलाकात में भी एपस्टीन की हेल्प मांग रहे हैं।

खेड़ा की दूसरी पोस्ट में 24 मई 2019 को जेफ्री एपस्टीन ने स्टीव बैनन से बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट है। इसमें एपस्टीन ने बैनन से कहा है कि मोदी की मीटिंग सच में दिलचस्प थी। मोदी के ‘आदमी’ ने उसे बताया कि वॉशिंगटन (अमेरिका) में कोई भी उससे बात नहीं करता।

31 जनवरी को खेड़ा ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने मानव तस्करी, नाबालिगों के यौन शोषण और बलात्कार के दोषी जेफ्री एपस्टीन की सलाह मानी। अमेरिका के राष्ट्रपति को फायदा पहुंचाने के लिए इजराइल में नाच-गाना किया। कुछ हफ्ते पहले उनकी मुलाकात हुई थी।

खेड़ा की पहली पोस्ट और सवाल…

खेड़ा का दावा है कि इस स्क्रीनशॉट में जो बातचीत है वो अनिल अंबानी और जेफ्री एपस्टीन के बीच की है।

खेड़ा के 4 सवाल… 1. एक निजी उद्योगपति को संदिग्ध व्यक्ति के माध्यम से उच्च स्तरीय अमेरिकी राजनीतिक पहुंच में तेजी से स्वीकृति क्यों दिलाई जा रही थी? 2. अनिल अंबानी को प्रधानमंत्री के अमेरिका दौरे को सुगम बनाने या चर्चा करने से क्यों जोड़ा गया था? 3. जेफ्री एपस्टीन की मदद ही क्यों मांगी जा रही थी- अंबानी की वरिष्ठ अमेरिकी राजनीतिक हस्तियों तक पहुंच के लिए और मोदी-ट्रंप बैठक के संभावित संबंध में? इस चैनल को किसने अधिकृत किया? 4. यदि आधिकारिक राजनयिक संबंध पहले से स्थापित थे, तो स्वर्गीय सुषमा स्वराज जी के नेतृत्व में विदेश मंत्रालय और नियमित सरकारी चैनलों को कथित तौर पर दरकिनार क्यों किया जा रहा था?

खेड़ा की दूसरी पोस्ट

खेड़ा ने लिखा- 24 मई 2019 को मोदी के दूसरी बार भारत के PM के तौर पर शपथ लेने से ठीक एक हफ्ते पहले जेफ्री एपस्टीन ने स्टीव बैनन से चर्चा की थी। इस दौरान कहा था…

  • मोदी की मीटिंग सच में दिलचस्प थी।
  • मोदी के ‘आदमी’ ने उसे बताया कि वॉशिंगटन में कोई भी उससे बात नहीं करता।
  • मोदी के ‘आदमी’ ने उसे बताया कि मुख्य दुश्मन चीन है और इस इलाके में उसका प्रॉक्सी पाकिस्तान है।
  • वह स्टीव बैनन के विजन से पूरी तरह सहमत है।
  • स्टीव बैनन को उससे मिलना चाहिए और एपस्टीन यह मीटिंग करवा सकता है।
खेड़ा के मुताबिक यह स्क्रीनशॉट जेफ्री एपस्टीन और ट्रम्प के करीबी स्टीव बैनन के बीच हुई चैटिंग का है।

दूसरी पोस्ट से जुड़े खेड़ा के सवाल

1. क्या 2019 के चुनावों के आस-पास मोदी एपस्टीन जैसे एक बदनाम अमेरिकी के संपर्क में थे? 2. मोदी अमेरिका के साथ अपनी दोस्ती के बारे में देश से झूठ क्यों बोल रहे थे, जब ‘वॉशिंगटन’ में कोई भी उनकी/ ‘उनके आदमी’ की बात नहीं सुन रहा था? 3. ठीक एक साल बाद, गलवान संकट के बाद, उन्होंने अपने ‘मुख्य दुश्मन’ चीन को क्लीन चिट क्यों दी? 4. अमेरिकी मीडिया एग्जीक्यूटिव, पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट स्टीव बैनन का वह कौन सा ‘विजनट है, जिससे मोदी/ टउनका आदमीट सहमत है? 5. क्या बैनन और मोदी और ‘उनके आदमी’ के बीच तय मीटिंग हुई? उसमें क्या बात हुई?

31 जनवरी: कांग्रेस का दावा- ट्रम्प के फायदे के लिए मोदी इजराइल में नाचे

कांग्रेस ने कहा था कि यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने लिखा था कि यह राष्ट्रीय शर्म का विषय है। पीएम किसलिए जेफ्री एपस्टीन की सलाह ले रहे थे?

पहली पोस्ट में खेड़ा ने लिखा कि अमेरिका के राष्ट्रपति को फायदा पहुंचाने के लिए इजराइल में नाच-गाना किया। कुछ हफ्ते पहले उनकी मुलाकात हुई थी और यह काम कर गया।

खेड़ा ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की लिंक शेयर करते हुए लिखा है कि भारत के पीएम का ऐसे बदनाम व्यक्ति के इतने करीब होना, उनके फैसलों, पारदर्शिता और कूटनीतिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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