राहुल बोले-मोदी गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं:रायबरेली में कहा- देश का धन अंबानी-अडाणी को देना चाह रहे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने रायबरेली दौरे पर हैं। उन्होंने कहा- नरेंद्र मोदी सारा पावर अपने हाथों में लेकर गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाकर उनका अपमान किया है। मगर मुख्य बात नाम बदलने की नहीं है। हमारी गरीब जनता को जो सुरक्षा दी गई थी, उसे मोदी सरकार ने खत्म कर दिया है।
एक तरफ हम जनता की रक्षा कर रहे हैं, दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी देश का पूरा धन खींचकर अंबानी और अडाणी के हाथों में दे रहे हैं। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने का आंदोलन कर रही है। हम मजदूरों की रक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
राहुल ने मंगलवार सुबह कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, फिर रायबरेली प्रीमियर लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने टीमों के खिलाड़ियों से मुलाकात की। टॉस के लिए सिक्का भी उछाला। इसके बाद राहुल ने चौपाल लगाई और मनरेगा मजदूरों से बात की।
राहुल सोमवार देर रात रायबरेली पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद राहुल गांधी अब तक 5 बार रायबरेली आ चुके हैं। यह उनका छठा दौरा है। इससे पहले, राहुल 10 सितंबर 2025 को रायबरेली दौरे पर आए थे।
राहुल के रायबरेली दौरे की तस्वीरें देखिए-
राहुल गांधी की बड़ी बातें पढ़िए-
- नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि मनरेगा योजना खत्म हो जाए, ताकि जो पैसा बहनों और मजदूरों को जाता है, वह सीधे अंबानी, अडाणी और बड़े-बड़े उद्योगपतियों के पास चला जाए। सामने से तो यह नहीं कर सकते, इसलिए धीरे-धीरे मनरेगा का गला घोंटा जा रहा है।
- हम संविधान की रक्षा करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि संविधान रद्द हो, खत्म हो। वे अंबेडकर जी की सच्चाई को मिटाना चाहते हैं। गांधी जी की सोच को मिटाना चाहते हैं। आजादी से पहले जो हिंदुस्तान था, वैसा हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं, जहां आपके हाथों से जमीन छीनी जाए।
- आपके सारे हक छीन लिए जाएं। आपकी सारी योजनाएं खत्म कर दी जाएं। योजनाओं का पैसा अंबानी और अडाणी जैसे उद्योगपतियों को दिया जाए। आपकी जमीन अडाणी-अंबानी के हवाले कर दी जाए और आप सभी भुखमरी की ओर चले जाएं। यह इनका लक्ष्य है। हमें एक साथ खड़ा होना है।
- हिंदुस्तान की सरकार अडाणी-अंबानी की सरकार है, किसानों और मजदूरों की सरकार नहीं है। इस देश को अडाणी-अंबानी की सरकार से कोई फायदा नहीं होने वाला है, बल्कि जबरदस्त नुकसान होगा।
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अपडेट्स
राहुल गांधी कार्यकर्ताओं से मिले, देखें VIDEO
हिंदुस्तान की सरकार अडाणी-अंबानी की सरकार है
राहुल ने कहा- हिंदुस्तान की सरकार अडाणी-अंबानी की सरकार है, किसानों और मजदूरों की सरकार नहीं है। इस देश को अडाणी-अंबानी की सरकार से कोई फायदा नहीं होने वाला है, बल्कि जबरदस्त नुकसान होगा। आपकी जमीन और आपका भविष्य आपके हाथों से छीन लिया जाएगा।
मुझे बहुत खुशी हो रही है कि आज यहां बड़ी संख्या में हमारी बहनें आई हैं, मनरेगा के मजदूर आए हैं। आप लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस पार्टी आपके साथ खड़ी है। हम इस योजना को खत्म नहीं होने देंगे। आप सभी का दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद।
आजादी से पहले वाला हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं
राहुल गांधी ने कहा कि जो हमारा अंबेडकर जी का संविधान है, उसे भाजपा सरकार खत्म करना चाहती है। हमारे संविधान में है कि हर नागरिक को एक वोट मिलना चाहिए। हम संविधान की रक्षा करते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी संविधान को खत्म करना चाहते हैं। यह लड़ाई संविधान की है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि संविधान रद्द हो, खत्म हो। वे अंबेडकर जी की सच्चाई को मिटाना चाहते हैं। गांधी जी की सोच को मिटाना चाहते हैं। आजादी से पहले जो हिंदुस्तान था, वैसा हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं, जहां आपके हाथों से जमीन छीनी जाए।
आपके सारे हक छीन लिए जाएं। आपकी सारी योजनाएं खत्म कर दी जाएं। योजनाओं का पैसा अंबानी और अडाणी जैसे उद्योगपतियों को दिया जाए। आपकी जमीन अडाणी-अंबानी के हवाले कर दी जाए और आप सभी भुखमरी की ओर चले जाएं। यह इनका लक्ष्य है। हमें एक साथ खड़ा होना है।
राहुल बोले- नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि मनरेगा योजना खत्म हो
राहुल ने कहा- नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि मनरेगा योजना खत्म हो जाए, ताकि जो पैसा बहनों और मजदूरों को जाता है, वह सीधे अंबानी, अडाणी और बड़े-बड़े उद्योगपतियों के पास चला जाए। सामने से तो यह नहीं कर सकते, इसलिए धीरे-धीरे मनरेगा का गला घोंटा जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि अब सरकार ने तय किया है कि मनरेगा सिर्फ केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं होगी, बल्कि राज्य सरकारों को भी 40% हिस्सा देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आप देखना, भाजपा शासित राज्यों में से एक भी राज्य यह 40% हिस्सा नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा पंचायतों और प्रधानों का कार्यक्रम था, लेकिन अब इसे अफसरों के जरिए चलाना चाहते हैं। इससे समय पर पैसा नहीं मिलेगा। राहुल गांधी ने कहा कि मैं गारंटी से कह रहा हूं कि जिस योजना ने आपकी रक्षा की है, उसे भाजपा खत्म करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि नाम बदलकर गांधी जी का अपमान किया गया। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में इस तरह की बैठकें कर रही है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि यह योजना बंद हो। अगर ऐसा हुआ तो सबसे ज्यादा नुकसान देश के गरीब मजदूरों को होगा। हम इस योजना को बंद नहीं होने देंगे।
राहुल बोले- कोरोना में जब सारी योजनाएं फेल हुईं तो मनरेगा ने मजदूरों रक्षा की
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा योजना, जो कांग्रेस ने लागू की थी, उसकी मंशा यह थी कि इसे केंद्र या राज्य सरकार की बजाय पंचायत के माध्यम से चलाया जाए। इसी लक्ष्य के साथ यह योजना लाई गई थी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा ने मजदूरों और गरीब लोगों की जबरदस्त मदद की। लाखों लोगों को इस योजना ने गरीबी से निकाला। गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर बना, सड़कें बनीं। अगर कोई मजदूर मनरेगा का काम मांगता था, तो कानून था कि उसे काम देना पड़ेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा में नरेंद्र मोदी ने कुछ साल पहले मजाक उड़ाते हुए कहा था कि इस योजना से किसी को फायदा नहीं होता और मनरेगा को खत्म करने की कोशिश की गई। मगर देश के गरीब लोगों ने जोरदार आवाज उठाई और मनरेगा बच गया। जब कोरोना आया तो बाकी सारी योजनाएं फेल हो गईं, लेकिन मनरेगा ने मजदूरों और देश की रक्षा की।
अमेठी सांसद बोले-संसद में लड़कर विरोध दर्ज नहीं कराया जा सकता
- अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जो मनरेगा योजना लाई थी, उसमें गांव की जरूरत के अनुसार योजनाएं बनाने का अधिकार दिया गया था। लेकिन नए कानून में इसे बदल दिया गया है। अब योजनाएं केंद्र सरकार तय करेगी और गांव में कौन से विकास कार्य होंगे, यह भी केंद्र ही तय करेगी।
- उन्होंने कहा कि ये लोग हर दिन अखबारों में विज्ञापन दे रहे हैं कि हम 125 दिन काम देंगे, लेकिन उनसे सवाल करना चाहिए कि जब 100 दिन की कानूनी गारंटी थी, तब भी वे काम नहीं दे पाए और सिर्फ 35 दिन ही काम मिला, तो अब 125 दिन कैसे दे पाएंगे।
- किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि जब तक जनभागीदारी नहीं होगी, तब तक कोई भी आंदोलन सफल नहीं हो सकता। सिर्फ संसद में लड़कर विरोध दर्ज नहीं कराया जा सकता। इसके लिए लोगों को भी आंदोलन में शामिल होना होगा। उन्होंने लोगों से हाथ उठाकर कहने को कहा कि वे इस आंदोलन में भागीदारी करेंगे।
राहुल ने बच्चे को चॉकलेट दिया, सेल्फी खिंचवाई
राहुल गांधी चौपाल में पहुंचे, मनरेगा मजदूरों से बात करेंगे
राहुल गांधी मनरेगा पर उमानंद गांव में आयोजित हो रही चौपाल में पहुंच गए हैं। यहां गांव के करीब 1000 महिला और पुरुष मौजूद हैं। राहुल मनरेगा मजूदरों से बातचीत करेंगे।
राहुल ने बच्चे से पूछा- बैटिंग करते हो या बॉलिंग
नगर पालिका अध्यक्ष के नाती हार्दिक सोनकर से राहुल गांधी ने मुलाकात की। उन्होंने हार्दिक से पूछा कि तुम्हें कौन सा खेल पसंद है। हार्दिक ने कहा-मुझे क्रिकेट पसंद है। तब राहुल गांधी ने पूछा-बैटिंग या बॉलिंग? हार्दिक ने जवाब दिया- मैं ऑलराउंडर हूं।
राहुल बोले-मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी हो
राहुल गांधी ने कहा-मनरेगा योजना का कॉन्सेप्ट गरीबों के हित में था। पहले के कानून में हर परिवार को न्यूनतम 100 दिनों के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी। हर गांव में काम की कानूनी गारंटी थी। अब नए कानून में आपके पास कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी। काम केवल मोदी सरकार द्वारा चुने गए गांवों में ही मिलेगा।
दूसरा, न्यूनतम मजदूरी पाने का अधिकार भी छीना जा रहा है। आप पूरे साल काम की मांग कर सकते थे और आपको कानूनी न्यूनतम मजदूरी की गारंटी थी, लेकिन नए कानून में फसल कटाई के मौसम में आपको काम नहीं मिलेगा। मोदी सरकार आपकी मजदूरी अपनी मर्जी से तय करेगी।
तीसरा, ग्राम पंचायत को दरकिनार किया जा रहा है। पुराने कानून में पंचायत के माध्यम से गांव के विकास के लिए काम मिलता था। आपके काम में मनरेगा मेट और रोजगार सहायकों का सहयोग मिलता था, जबकि नए कानून में क्या काम होगा, यह मोदी सरकार अपने पसंदीदा ठेकेदारों के माध्यम से तय करेगी।
अब आपको किसी मेट या रोजगार सहायक का सहयोग नहीं मिलेगा। राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला गया है। पुराने कानून में मजदूरी का 100% भुगतान केंद्र सरकार करती थी, इसलिए राज्य सरकार बिना किसी चिंता के काम उपलब्ध कराती थी, लेकिन नए कानून में राज्य सरकारों को 40% हिस्सा देना पड़ेगा। खर्च बचाने के लिए हो सकता है कि वे काम ही उपलब्ध न कराएं।
कांग्रेस की मांग है कि काम की गारंटी, मजदूरों की गारंटी और जवाबदेही की गारंटी लागू की जाए। मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी हो। काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली हो और न्यूनतम वेतन 400 रुपए तय किया जाए।
राहुल बोले-मोदी गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं
राहुल गांधी ने कहा- नरेंद्र मोदी सारा पावर अपने हाथों में लेकर गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाकर उनका अपमान किया है। मगर मुख्य बात नाम बदलने की नहीं है। हमारी गरीब जनता को जो सुरक्षा दी गई थी, उसे मोदी सरकार ने खत्म कर दिया है।
कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने का आंदोलन कर रही है और हम मजदूरों की रक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। एक तरफ हम जनता की रक्षा कर रहे हैं और दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी देश का पूरा धन खींचकर अंबानी और अडाणी के हाथों में दे रहे हैं।
राहुल गांधी क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया।
राहुल गांधी ने रायबरेली प्रीमियर लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने टीमों के खिलाड़ियों से एक-एक करके मुलाकात की।
जिला पंचायत सदस्य बोलीं- राहुल ने सड़क बनवाने का भरोसा दिया
- रायबरेली में जिला पंचायत सदस्य ने सड़क बनवाने की मांग को लेकर सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की। उन्होंने खराब सड़क की समस्या बताते हुए एक प्रार्थना पत्र दिया। राहुल गांधी ने तुरंत उस पत्र को पीडब्ल्यूडी को भेज दिया।
- राहुल गांधी ने कहा कि सांसद निधि से जल्द ही सड़क बनवाई जाएगी। उन्होंने अफसरों को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को खराब सड़क से राहत मिल सके।
राहुल गांधी से मिले सपा कार्यकर्ता
सपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की। बाहर निकलने पर कार्यकर्ताओं ने कहा- 2027 में यूपी में सपा की सरकार बनेगी और 2029 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इस मुलाकात को विपक्षी दलों के बीच तालमेल और आगे की चुनावी तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मिलीं, कहा- राहुल जैसा कोई नहीं
- पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष और जिला महिला कमेटी की पूर्व सचिव प्रियंका रावत ने राहुल गांधी से मुलाकात की। प्रियंका रावत ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को अपने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
- प्रियंका ने कहा कि राहुल जैसा कोई नहीं हैं। उसने मिलने के लिए कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं होता। इलाके का कोई भी बच्चा या आम आदमी उनसे आसानी से मिल सकता है। वे सबका प्यार से स्वागत करते हैं। बहुत विनम्रता से बात करते हैं।
राहुल से मिले कांग्रेस नेता अतुल, बोले- ऊंचाहार का विकास नहीं हो रहा
रायबरेली में ऊंचाहार विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी अतुल सिंह ने सांसद राहुल गांधी से मुलाकात कर इलाके की समस्याएं बताईं। अतुल सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले 18 साल से मौजूदा विधायक ने क्षेत्र में कोई बड़ा विकास काम नहीं कराया है।
मनरेगा रोजगार सेवकों ने राहुल को अपनी समस्याएं बताईं
रायबरेली में मनरेगा योजना के तहत काम कर रहे रोजगार सेवकों ने राहुल गांधी से मिलकर अपनी समस्याएं बताईं। इस दौरान उन्होंने अपनी पांच मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। रोजगार सेवकों ने कहा कि मनरेगा को लागू हुए करीब 19 साल हो चुके हैं, लेकिन इतने समय से काम करने के बाद भी उनकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
रायबरेली में ट्रांसपोर्ट नगर की मांग, पदाधिकारी राहुल से मिले
रायबरेली ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलकर जिले में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की मांग की। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा। पदाधिकारियों ने बताया कि इतने बड़े जिले में अब तक ट्रांसपोर्ट नगर नहीं है, जिससे ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को परेशानी हो रही है। भारी वाहन शहर के अंदर खड़े रहने से जाम लगता है और लोगों को भी दिक्कत होती है।
रायबरेली में लगे राहुल-अखिलेश के पोस्टर लगे
रायबरेली शहर के कई इलाकों में बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं, जिनमें राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को INDIA गठबंधन का “कप्तान” बताया गया है।
