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असम में भीड़ ने घरों-चौकी में आग लगाई, हाइवे जाम:कोकराझार में इंटरनेट बंद; देर रात मॉब लिंचिंग में एक की मौत हुई थी

असम में भीड़ ने घरों-चौकी में आग लगाई, हाइवे जाम:कोकराझार में इंटरनेट बंद; देर रात मॉब लिंचिंग में एक की मौत हुई थी

कोकराझार2 घंटे पहले
बोडो और अदिवासी समुदाय के बीच युवकी की मौत के बाद झड़प हुई। क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन होने लगा।

असम के कोकराझार में बोडो समुदाय और आदिवासियों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद दोनों समुदायों ने घरों और करिगांव पुलिस चौकी में आग लगा दी।

भीड़ ने टायरों में आग लगाकर करिगांव के पास नेशनल हाइवे जाम कर दिया। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर दी है। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अगले आदेश तक इंटरनेट पर भी रोक लगा दी है।

दरअसल, सोमवार रात करिगांव चौकी के पास मानसिंह रोड पर एक गाड़ी ने दो आदिवासी समुदाय के लोगों को टक्कर मार दी थी। कार में बोडो समुदाय के तीन लोग सवार थे।

हादसे के बाद कार सवार लोगों को आस-पास के आदिवासी ग्रामीणों ने पीटा और गाड़ी में आग लगा दी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

प्रदर्शनकारियों ने टायरों में आग लगाकर नेशनल हाइवे जाम किया।
हाइवे जाम करने के बाद वाहनों की लंबी कतार लग गई।

इलाज के दौरान घायल की मौत

देर रात हुए भीड़ के हमले के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां सिखना ज्वह्वलाओ बिस्मित उर्फ राजा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

वह ठेकेदार मोरांडा बसुमतारी का दामाद था, जो इलाके में चल रही सड़क निर्माण परियोजना से जुड़े हैं।

इस हमले में प्रभात ब्रह्मा, जुबिराज ब्रह्मा, सुनील मुर्मू और महेश मुर्मू गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों के अनुसार, प्रभात ब्रह्मा की हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर और इमरजेंसी सर्विसेज की टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। हालांकि, कोकराझार और आसपास के इलाकों में अब भी तनाव का माहौल है।

पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सीएम ने लोगों से शांति की अपील की

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कोकराझार में बढ़ते तनाव पर क्षेत्र के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने सामान्य स्थिति बहाल करने में तेजी लाने के लिए सामुदायिक और राजनीतिक नेताओं से पूरे सहयोग का आग्रह किया।

पिछले साल दिसंबर में भी असम में हिंसा हुई थी

पिछले साल 22 दिसंबर को भी असम के कार्बी आंगलोंग जिले में हिंसा भड़की थी। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े आंदोलनकारी कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों में पेशेवर चराई रिजर्व (PGR) और ग्रामीण चराई रिजर्व (VGR) में अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाने की मांग कर रहे थे।

इसी दौरान विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य और बीजेपी नेता तुलिराम रोंगहांग के डोंकामुकाम स्थित पैतृक घर में आग लगा दी और जमकर पथराव किया था। खेरोनी बाजार की करीब 15 दुकानों को आग लगा दी था। झड़प में एक पुलिसकर्मी समेत चार लोग घायल हुए थे।

वहीं दूसरे दिन खेरोनी बाजार इलाके में प्रदर्शनकारियों के दो गुट आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पथराव शुरू हो गया था। इस दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 38 पुलिसकर्मियों समेत कुल 45 लोग घायल हुए थे।

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