आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने मारपीट मामले में केजरीवाल की पत्नी सुनीता की आलोचना की है। सुनीता ने केजरीवाल के पूर्व PA बिभव कुमार और AAP नेता विजय नायर को जमानत मिलने पर 3 सितंबर को X पर दोनों की एक फोटो पोस्ट की थी। कैप्शन में लिखा- सुकून भरा दिन।
इसके जवाब में स्वाति मालीवाल ने बुधवार (4 सितंबर) को पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘मुख्यमंत्री की पत्नी मेरी पिटाई के दौरान घर पर थीं। उनको बड़ा सुकून महसूस हो रहा है। क्योंकि जिस आदमी ने मुझे उनके घर में पीटा और अभद्रता की, वो बेल पर आया है।’
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 2 सितंबर को स्वाति से मारपीट केस में बिभव को जमानत दी थी। वे 100 दिनों से जेल में थे। उसी दिन शराब नीति घोटाले में AAP नेता विजय नायर को भी बेल मिली थी। सुनीता ने अगले दिन X पर दोनों की साथ में एक फोटो शेयर की थी।
स्वाति का आरोप- बिभव को बचाने के लिए वकीलों की फौज खड़ी की
स्वाति मालीवाल ने पोस्ट में आगे लिखा, ‘ये साफ संदेश है, महिलाओं को मारो-पीटो, उसके बाद पहले गंदी ट्रोलिंग करवा दो, हम पीड़िता को पूरी तरह से बर्बाद करेंगे और कोर्ट में उस आदमी को बचाने के लिए देश के सबसे महंगे वकीलों की फौज खड़ी कर देंगे। जिनको ऐसे लोगों को देखकर सुकून मिलता है, उनसे बहन बेटियों की इज्जत की क्या उम्मीद रखनी। प्रभु सब देख रहे हैं, इंसाफ होकर रहेगा।’
स्वाति मालीवाल मारपीट केस, 3 पॉइंट में समझिए…
- बिभव पर स्वाति मालीवाल से 13 मई को सीएम आवास में मारपीट का आरोप है। स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस ने 16 मई को FIR दर्ज की थी।
- स्वाति ने दावा किया था कि वो केजरीवाल से मिलने उनके आवास गई थीं। वहां बिभव ने उन्हें सीएम से मिलने से रोका और मारपीट की। बिभव ने उन्हें 7-8 थप्पड़ मारे। पेट और प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। इससे उनके शर्ट के बटन टूट गए।
- मालीवाल के मुताबिक, उनके कपड़े खुल गए थे, लेकिन बिभव ने मारना नहीं छोड़ा। बिभव ने उनका सिर भी टेबल पर पटक दिया। केजरीवाल घर पर थे, लेकिन फिर भी कोई मदद के लिए नहीं आया। 18 मई को बिभव को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट बोला- चोटें सामान्य थीं, आरोपी बेल का हकदार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (2 सितंबर) को बिभव कुमार को जमानत देते हुए कहा कि आरोपी को जेल में बिताए 100 दिनों का जिक्र किया और कहा कि केस में चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा कि मालीवाल को आई चोटें सामान्य हैं। इस केस में जमानत मिलनी चाहिए। आप किसी व्यक्ति को ऐसे केस में जेल में नहीं रख सकते हैं।
जमानत के विरोध में दलील, कोर्ट की टिप्पणी
असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जमानत का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि पहले उन गवाहों की जांच हो जानी चाहिए, जो बिभव के प्रभाव में आते हैं। यह महिला अपराध का मामला है, CCTV फुटेज से छेड़छाड़ की जा सकती है। उन्हें अभी जमानत दिया जाना ठीक नहीं है।
अदालत ने कहा कि केस में चार्जशीट फाइल कर दी गई है। 100 दिन से वे जेल में हैं। मेडिकल रिपोर्ट कहती है कि मालीवाल को आई चोटें सामान्य हैं। ऐसे केस में जमानत मिलती है। असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल को जमानत का विरोध नहीं करना चाहिए।
