पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को इलेक्शन कमिशन पर सवाल उठाया कि चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों किया जा रहा है?
चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने है। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। क्योंकि वह ‘डबल इंजन’ राज्य है।
ममता बनर्जी ने घुसपैठियों पर कहा कि ये लोग (BJP) घुसपैठियों की बात करते हैं लेकिन ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बॉर्डर की रखवाली केंद्र की जिम्मेदारी है। ऐसे में घुसपैठ के लिए वही जिम्मेदार है।
ममता बनर्जी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये बातें कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके पीछे कई लोग बैठे दिखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी SIR के पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहतीं तो लाखों लोगों को दिल्ली ला सकती थीं, लेकिन ये लोग पिछले छह-सात दिनों से यहां रुके हुए हैं।
ममता बनर्जी की 5 बड़ी बातें…
- चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने है। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। क्योंकि वह ‘डबल इंजन’ राज्य है।
- पहले चरण में 58 लाख नाम हटाए गए हैं। पीड़ित लोगों को खुद का बचाव करने का कोई मौका नहीं दिया गया। हकीकत की जांच किए बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
- मैंने चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। हमारे लोग आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मिले, फिर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
- दिल्ली की प्रेस को शायद यह अंदाजा नहीं है कि बंगाल में क्या हो रहा है। इसमें आपकी गलती नहीं है, यह आज की व्यवस्था की गलती है, जहां असली मुद्दे सही तरीके से सामने नहीं आ पाते।
- मैं संसद की सदस्य नहीं हूं, इसलिए सीधे वहां नहीं बोल रही, लेकिन टीवी पर जो देखा, उसमें विपक्ष भी अपनी बात ठीक से नहीं रख पा रहा।
अभिषेक बनर्जी बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त ने पत्र का जवाब नहीं दिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने ही दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। एक राज्य की मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त को छह पत्र लिखे, लेकिन एक का भी जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में सवाल यह है कि असल में बदतमीजी कौन कर रहा है।
2 फरवरी: ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं
ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ममता ने अपने मुद्दे CEC को बताए लेकिन उनका जवाब सुने बिना ही नाराज होकर चली गईं। मुलाकात के बाद ममता ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। वह इस तरह से बात करते हैं जैसे वह जमींदार हों और हम नौकर।
