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मोदी बोले- ये युवा शक्ति का बजट:राहुल ने कहा- युवाओं को कुछ नहीं मिला; ममता बनर्जी ने बिखरा हुआ बजट बताया

मोदी बोले- ये युवा शक्ति का बजट:राहुल ने कहा- युवाओं को कुछ नहीं मिला; ममता बनर्जी ने बिखरा हुआ बजट बताया

नई दिल्ली2 घंटे पहले
पीएम मोदी ने रविवार को आम बजट के बाद देश को संबोधित किया।

पीएम मोदी ने आम बजट को युवाओं को बजट बताया है। कहा कि देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया।

उधर विपक्ष ने बजट को निराशाजनक बताया। राहुल गांधी ने कहा, युवाओं के लिए रोजगार वाला बजट नहीं है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर गिर रहा है। निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत में भारी गिरावट आ रही है।

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह बेहद ही बिखरा बजट है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने आम जनता को कुछ नहीं दिया।

मोदी के स्पीच की 6 बड़ी बातें, कहा- यह युवा शक्ति बजट

  • हम तेजी से बढती अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं है। बल्कि जल्द से जल्द तीसरी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है। भारत जिस रिफॉर्म्स पर सवार है, बजट से उसे नई गति मिलेगी।
  • सनराइज सेक्टर को जिस मजबूती के साथ महत्व दिया है वह अहम है। रेयर अर्थ कॉरिडोर, क्रिटिकल मिनिरल्स पर बल, टैक्सटाइल, हाईटेक टूल मैनुफैक्चरिंग जैसी चीजें भविष्य और वर्तमान की जरूरतों का ध्यान रखती हैं।
  • बजट में इंफ्रा को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर टियर टू और थ्री शहरों के विकास पर ध्यान ये सारे कदम विकसित भारत की यात्रा की गति को और तेज करेंगे। किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी नागरिक हैं। हमने इस पर निवेश किया है। हमारा प्रयास स्किल, स्केल और सस्टेनिबिलिटी को मजबूत करने पर रहा है।
  • संसद में वित्त मंत्री ने कहा है कि यह युवा शक्ति बजट है। ऑरेंज इकोनॉमी, पर्यटन और खेलो इंडिया मिशन के जरिए युवाओं के लिए नए अवसरों द्वार खुलेंगे। भारत को दुनिया का डेटा सेंटर हब बनाने टैक्स में बड़ी छूट दी गई है।
  • इस बजट से एम्प्लॉयमेंट जनरेशन को बढ़ावा मिलेगा। हमारे देश में 10 करोंड़ से ज्यादा महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं। महिलाओं द्वारा निर्मित संचालित ग्रुप का सिस्टम बने इसका ध्यान बजट में रखा गया है। कोशिश है हर घर लक्ष्मी पहुंचे। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे।
  • हमारी सरकार ने डेयरी उद्योग को भी प्राथमिकता दी है। इस बजट में नारियल, काजू कोको की पैदावार वाले किसानों को प्राथमिकता दी गई है। भारत विस्तार ऐप से किसानों को उनकी भाषा में जानकारी मिलने में आसानी रहेगी।

ममता बोलीं- 3 कॉरिडोर की बात झूठ

बजट के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बात की।
  • पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने कहा, तीन कॉरिडोर के बारे में उन्होंने (वित्त मंत्री) जो कहा वह सरासर झूठ है। यह प्रोजेक्ट पहले से ही चल रहे हैं। हमने इस पर काम शुरू कर दिया है। पुरुलिया में जंगलमहल जंगल सुंदरी परियोजना के लिए, इस आर्थिक कॉरिडोर में 72,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। उन्होंने बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया है। सिर्फ एक ही टैक्स है, जीएसटी। दरअसल वित्त मंत्री ने आज बजट में तीन फ्रेट कॉरिडोर, डंकुनी (प. बंगाल) से सूरत (गुजरात) तक, दुर्गापुर में ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक रेल कॉरिडोर के बारे में जिक्र किया।
  • सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा, यह बजट गरीबों और गांवों में रहने वालों की समझ से परे है। इस बजट में न तो नौकरी दी गई है और न ही रोजगार के अवसर। उन्होंने कहा कि ये बजट गरीब का पेट नहीं भर सकता है। नौकरी रोजगार दिए नहीं। सपने दिखाने वाला बजट है। जिस सरकार से कोई उम्मीद ही न हो, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है? यह बजट सिर्फ पांच प्रतिशत लोगों के लिए बनाया गया है।
  • केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि ये बहुत क्रांतिकारी बजट है। देश को सुंदर बनाने वाला बजट है। देश के हर वर्ग पर ध्यान दिया गया है। व्यापारी, उद्योगपति और मजदूरों पर ध्यान दिया गया है। ये सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय देने वाले बजट है।
  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘यह एक प्रगतिशील बजट है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर पर फोकस करता है। यह हर नागरिक के लिए बजट है। खासकर टेलीकॉम और डीओएनईआर के क्षेत्रों को इस बजट में मजबूत बढ़ावा मिला है। यह भारत को सशक्त और शक्तिशाली बनाएगा। पूर्वोत्तर के लिए बहुत सारे संस्थानों और जलमार्गों का आवंटन किया गया है।’

बजट पर किसने क्या कहा…

कर्नाटक डिप्टी सीएम शिवकुमार: केंद्रीय बजट से कर्नाटक को कोई लाभ नहीं मिला। केंद्र सरकार ने एक कार्यक्रम का नाम Mahatma Gandhi के नाम पर रख दिया है, जबकि पहले गांधी जी के नाम से जुड़े रोजगार कानून को समाप्त कर दिया गया। VB-G RAM G जिसे केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के फंड शेयरिंग फार्मूले पर लागू किया गया है, कर्नाटक में लागू नहीं किया जा सकता।

RJD सांसद मीसा भारती: केंद्रीय बजट मेरी समझ से बाहर है, और इसे समझने में जनता को समय लगेगा। बिहार में NDA की सरकार प्रचंड जीत से आई है। हालांकि वो जनता नहीं तंत्र से आई है। बजट में कम से कम बिहार का ख्याल तो रखना चाहिए था।

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह: सरकार घोषणाएं तो करती है, लेकिन बाद में उनका कोई अता-पता नहीं होता। यह एक दिशाहीन, किसान विरोधी बजट है, जिससे युवाओं को कोई फायदा नहीं होगा। देश के कल्याण के लिए कोई रोडमैप नहीं है, 2047 तक देश को कैसे विकसित किया जाए, इसकी कोई योजना नहीं है, कोई बुनियाद नहीं है और कोई सिस्टम नहीं है।

SP सांसद जियाउर रहमान बर्क: आम लोगों को केंद्रीय बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन यह बहुत निराशाजनक रहा है। बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है जो उन उम्मीदों को पूरा करे। जैसा कि अखिलेश यादव ने कहा है, ऐसा लगता है कि अब लोगों को सोने की परत चढ़े पीतल का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

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