कांग्रेस बोली- पीएम का देश के नाम दिखावटी मैसेज:संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देते; सदन के अंदर उनकी स्पीच चुनावी रैली जैसी
संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित किया। पीएम ने गुरुवार को कहा, ‘हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं।
उन्होंने कहा, ‘यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। यह दूसरे चौथाई की शुरुआत है। 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ये 25 साल बहुत अहम हैं।’
पीएम के इस बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि, पीएम ने हर बार की तरह देश के नाम दिखावटी मैसेज दिया। हमें यही उम्मीद थी। संसद में पीएम विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देते। सदन के अंदर उनकी स्पीच चुनावी रैली जैसी होती है।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को हुई थी। सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया था।
सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव
लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…
अपडेट्स
लोकसभा में इकोनॉमिक सर्वे पेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया। इससे पहले प्रश्नकाल खत्म हुआ।
कांग्रेस सांसद का आरोप- मनरेगा का गला घोंटा जा रहा
मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा, ‘जब यूपीए ने मनरेगा की शुरुआत की थी, तब यह काम का अधिकार देने वाली योजना थी और रोजगार की गारंटी देती थी। अब इसके लिए आवंटित धन में कटौती कर दी गई है और राज्यों का हिस्सा बढ़ा दिया गया है, जिससे इस योजना का गला घोंटा जा रहा है और इसे समाप्त करने की स्थिति पैदा हो गई है।’
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू
बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को लोकसभा के कार्यवाही शुरू हुई। शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। उधर, राज्यसभा में अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों को संबोधित किया। पहला मुद्दा केरल के बागान (प्लांटेशन) क्षेत्र से संबंधित था, जिसे सीपीआई के संदोष कुमार पी ने उठाया।
पीएम ने कहा, सरकार की पहचान रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफोर्म
पीएम मोदी ने कहा, ‘देश का ध्यान बजट की तरफ होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार कि पहचान रही है कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफोर्म।
सांसदों को धन्यवाद देता हूं कि वो इस तरफ लगातार काम कर रहे हैं। हमारे हर निर्णय में देश की प्रगति लक्ष्य है। हमारे सारे फैसले ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हमारे योजनाएं ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हम टेक्नोलॉजी को आत्मसात भी करेंगे, लेकिन साथ-साथ हम मानव केंद्रित व्यवस्था को कम नहीं आंकेंगे।
भारत की डेमोक्रेसी और डेमोग्राफिक से आज दुनिया की बहुत बड़ी उम्मीद है। विश्व इसका जरूर स्वागत करता है और स्वीकार भी करता है। देश आज आगे बढ़ रहा है। देश आज व्यवधान का नहीं, समाधान की तरफ बढ़ रहा है। आज भूमिका व्यवधान के माध्यम से रोकर बैठने की नहीं, हिम्मत के साथ समाधान वाले फैसले लेने की है।
पीएम ने कहा- अच्छी क्वालिटी का सामान लेकर बाजार में जाएं
पीएम ने कहा, ‘मेरे देश के मैन्यूफैक्चरर के लिए यूरोपियन यूनियन का बहुत बड़ा बाजार खुल गया है। अब सस्ते में हमारा माल वहां पहुंचेगा। यह अवसर है। इसका पहला मंत्र होता है कि हम क्वालिटी पर बल दें। अच्छी से अच्छी क्वालिटी लेकर बाजार में जाएं।
उन्होंने कहा कि इससे यूरोपीय यूनियन के 27 देशों के खरीदारों का दिल जीत लेंगे। इसका प्रभाव दशकों तक रहेगा। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को प्रस्तावित करता है।’
पीएम ने कहा- आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत आशा की किरण
पीएम मोदी ने कहा,’वित्त मंत्री निर्मला जी देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट पेश करेंगी। बजट सत्र का प्रारंभ बहुत ही पॉजिटिव नोट पर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, ‘आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत आशा की किरण और आकर्षण का केंद्र बना है। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच समझौता हुआ है। मुझे विश्वास है कि भारत के जो मैन्यूफैक्चरर है, ये अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए इस अवसर का इस्तेमाल करेंगे।’
पीएम मोदी संसद पहुंचे
राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया
संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
