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ग्रीनलैंड विवाद के बीच थोड़ी देर में ट्रम्प का भाषण:दावोस से दुनिया को संबोधित करेंगे; आज 7 भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात संभव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प थोड़ी देर में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में भाषण देंगे। यह बैठक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित की गई है। वे यहां ग्रीनलैंड को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
ट्रम्प पिछले कुछ दिनों में कई बार ग्रीनलैंड पर कब्जे करने का दावा कर चुके हैं। यही वजह है कि दावोस में ट्रम्प की मौजूदगी और उनके हर बयान पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
ट्रम्प WEF में भाषण देने के बाद एक खास उच्चस्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी भी करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत के 7 बड़े बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित किया गया है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के बड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइये…
लाइव अपडेट्स
WEF में 130 देशों के 3000 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 का आयोजन 19 से 23 जनवरी तक स्विट्जरलैंड के दावोस में हो रहा है। इस साल की बैठक का थीम है ‘A Spirit of Dialogue’ यानी ‘संवाद की भावना’।
इस बैठक में 130 से ज्यादा देशों के करीब 3,000 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इनमें 60 से ज्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, G7 देशों के नेता, करीब 850 बड़े CEOs और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल हैं।
इस साल WEF की चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि दुनिया एक साथ कई संकटों से गुजर रही है। युद्ध, टैरिफ वॉर, वैश्विक मंदी की आशंका, जलवायु संकट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी बदलावों ने सरकारों और कंपनियों दोनों को नए फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है।
दावोस को इसलिए अहम माना जाता है क्योंकि यहां होने वाली बातचीत और बैठकों का असर आने वाले सालों की वैश्विक नीति और बाजारों पर साफ दिखाई देता है।
भारत और ग्लोबल साउथ देशों के लिए भी यह मंच बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां निवेश, सप्लाई चेन और विकास से जुड़े बड़े फैसलों पर चर्चा होती है। दावोस में भारत की बढ़ती मौजूदगी यह दिखाती है कि वैश्विक ताकत का संतुलन धीरे-धीरे बदल रहा है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की खास बातें…
- डोनाल्ड ट्रम्प अपने साथ अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी टीम लेकर आ रहे हैं, जिसमें पांच कैबिनेट मंत्री शामिल हैं।
- दावोस में पहली बार अमेरिका के लिए एक अलग ‘USA हाउस’ बनाया गया है।
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मुताबिक कम से कम 64 देशों के राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख इस बैठक में शामिल होंगे।
- पाकिस्तान पहली बार दावोस में ‘सूफी नाइट’ का आयोजन करेगा, जिसमें सिंधु घाटी के पारंपरिक खाने परोसे जाएंगे।
- इस साल 130 से ज्यादा देशों के 3,000 से ज्यादा प्रतिनिधि बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 1,700 से ज्यादा कारोबारी हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा CEO या चेयरमैन हैं।
- करीब 400 बड़े राजनीतिक नेता भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे। इनमें 30 से ज्यादा विदेश मंत्री, 60 से ज्यादा वित्त मंत्री और 30 से ज्यादा व्यापार मंत्री हैं।
- भारत से चार केंद्रीय मंत्री और छह राज्यों के मुख्यमंत्री भी बैठक में हिस्सा लेंगे। 100 से ज्यादा भारतीय कारोबारी भी दावोस में मौजूद रहेंगे।
आज सुबह ट्रम्प के विमान को यूटर्न लेना पड़ा था
ट्रम्प के विमान को आज सुबह तकनीकी खराबी की वजह से रास्ते में यूटर्न लेना पड़ा था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, टेकऑफ के बाद क्रू को एक मामूली इलेक्ट्रिकल खराबी का पता चला था, जिसके बाद वे वॉशिंगटन लौट आए थे।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान ने न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद वापस मुड़ने का फैसला किया। इसके बाद एयर फोर्स वन सुबह करीब 9:30 बजे मैरीलैंड में सुरक्षित उतरा।
विमान उतरने के लगभग एक घंटे बाद ट्रम्प दूसरे विमान से दावोस के लिए रवाना हो गए। इस दूसरे विमान को भी एयर फोर्स वन के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाता है।
चार दशक पुराने प्लेन का इस्तेमाल कर रहे ट्रम्प
ट्रम्प वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम सम्मेलन में शामिल होने के लिए दावोस पहुंच गए हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच तनाव बना हुआ है।
ट्रम्प की ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की रणनीति को लेकर नाटो के नेताओं ने चेतावनी दी है कि इससे सैन्य गठबंधन को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने अमेरिका को ग्रीनलैंड में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के कई विकल्प सुझाए हैं। ग्रीनलैंड एक रणनीतिक द्वीप है, जहां करीब 57 हजार लोग रहते हैं।
