जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में बॉर्डर पर पाकिस्तान की ओर से 2 राउंड फायरिंग की गई। घटना केरन सेक्टर में मंगलवार देर रात हुई। सेना के सूत्रों के मुताबिक 6 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान केरन बाला इलाके में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगा रहे थे। इसी दौरान फायरिंग की गई।
सीजफायर उल्लंघन पर भारतीय सेना ने भी जवाब दिया। फायरिंग के बाद सेना ने इलाके की घेराबंदी की और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग घुसपैठियों की मदद के लिए की गई होगी।
वहीं, जम्मू-कश्मीर के कठुआ में मंगलवार रात भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास पाकिस्तानी ड्रोन नजर आया था। भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट किए थे। इसके अलावा रामगढ़ सेक्टर में भी ड्रोन देखा गया था। सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद ड्रोन पाकिस्तान की ओर लौट गया।
तारीख में ड्रोन दिखने की घटनाएं
15 जनवरी: रामगढ़ सेक्टर में एक बार ड्रोन नजर आया।
13 जनवरी: राजौरी जिले में दो बार पाकिस्तानी ड्रोन दिखे।
11 जनवरी: नौशेरा सेक्टर में, धरमसाल सेक्टर में, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एकसाथ 5 ड्रोन स्पॉट हुए थे।
सेना के सूत्रों के मुताबिक यह ड्रोन नियमित निगरानी के दौरान नजर आया। पिछले 10 दिनों में बॉर्डर के पास ड्रोन देखे जाने की यह पांचवी घटना थी।
जवानों ने मशीन गन से फायर किया था
11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ में पाकिस्तान से लगी सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास 5 ड्रोन दिखाई दिए थे। राजौरी में नौशेरा सेक्टर में तैनात जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन देखा।
इसके बाद मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की। राजौरी के तेरियाथ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और ड्रोन देखा गया। यह ड्रोन कलाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आया और आगे भरख की ओर बढ़ गया।
वहीं, सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे ड्रोन जैसी चीज कुछ मिनट तक मंडराती दिखी। पुंछ में भी मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन से टोपा की ओर ड्रोन जैसी एक और चीज जाती हुई देखी गई।
इससे पहले 9 जनवरी को सांबा में IB के पास घगवाल के पालूरा गांव में हथियार की खेप मिली थी, जिसे पाकिस्तान से आए ड्रोन ने गिराया था। इसमें 2 पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था।
7 मई 2025ः भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया
सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के 8 महीने बाद ड्रोन पर अटैक किया। ऑपरेशन सिंदूर भारत का सैन्य अभियान था जो 7 मई 2025 को चलाया गया, जिसमें पाकिस्तानी और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक्स की गईं। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था।
यह अभियान 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। लगभग 25 मिनट के अंदर पाकिस्तान में बहावलपुर, मुरीदके जैसे जैश और लश्कर के 9 ठिकानों को स्ट्राइक करके ध्वस्त किया गया था।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को ही कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। पाकिस्तान अगर आतंकी हमले या घुसपैठ की कोशिश भी करेगा तो भारत जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।
