हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शुक्रवार शाम के बाद कांग्रेस के अंदर राजनीतिक हलचल अचानक फिर बढ़ गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके सारे मंत्री कैबिनेट मीटिंग बीच में छोड़कर आनन-फानन में विधानसभा पहुंच गए। सूत्रों की मानें तो यहां कांग्रेस के 6 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने से जुड़े स्पीकर के फैसले और उसके कानूनी पहलुओं पर चर्चा की गई।
मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने फिर से दावा किया कि सरकार बिल्कुल स्थिर है और पूरे पांच साल चलेगी। चिंता की कोई बात नहीं है। BJP का ऑपरेशन लोटस नहीं चलेगी। बीजेपी को इसके लिए पहले बहुमत साबित करना चाहिए। अचानक कैबिनेट मीटिंग स्थगित करने के सवाल पर CM ने कहा कि स्पीकर ने चाय पीने बुलाया था। इसलिए कैबिनेट स्थगित करके स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह पूरी तरह शिष्टाचार भेंट थी।
बागी विधायकों को काला नाग बोला
मुख्यमंत्री सुक्खू ने फिर से कांग्रेस के 6 बागी विधायकों को काला नाग बोला। दिन में भी उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि भाजपा के साथ कांग्रेस के 6 काले नागों ने अपना ईमान बेचकर हमारी सरकार को गिराने का प्रयास किया। अब कैदी बनकर बैठे हैं। उनके परिवार को भी उनकी खबर तक नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, इससे पहले स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया के साथ एडवोकेट जनरल अनूप रत्न और वकीलों की टीम बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने से जुड़े फैसले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की है। इसके बाद कैबिनेट के साथ भी मंथन किया गया। सूत्रों के अनुसार, इस पॉइंट को भी चेक किया जा रहा है कि क्या किसी तरह इन 6 बागी विधायकों की वापसी हो सकती है या नहीं?
इससे पहले शनिवार सुबह मुख्यमंत्री की ओर से शाम 4 बजे कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई। शाम को तय समय पर CM के अलावा डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री और सारे कैबिनेट मंत्री सचिवालय पहुंच भी गए। कैबिनेट मीटिंग शुरू होने के कुछ ही देर बाद उसे रविवार तक स्थगित कर दिया गया और सभी लोग विधानसभा के लिए रवाना हुए।
