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गडकरी बोले- लाडकी बहन स्कीम से सब्सिडी अटकी:अन्य योजनाओं के पेमेंट लेट होंगे; विपक्ष बोला- महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा- महाराष्ट्र की लाडकी बहन योजना के कारण विभिन्न योजनाओं की सब्सिडी का भुगतान लेट हो जाएगा। गडकरी ने यह बात रविवार को नागपुर के एक कार्यक्रम में कही।

गडकरी ने कहा,

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यह तय नहीं है कि इन्वेस्टर्स को समय पर उनकी सब्सिडी का भुगतान मिलेगा या नहीं, क्योंकि सरकार को लाडकी बहन योजना के लिए भी धन जुटाना पड़ता है। विदर्भ के इन्वेस्टर्स को इन्वेस्टमेंट ​​​के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि सब कुछ सरकार पर नहीं छोड़ा जा सकता।

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महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहन योजना में महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिए जाते हैं। नितिन गडकरी के बयान पर विपक्ष ने कहा- इससे साफ है कि महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। यह चिंता का विषय है।

पिछले महीने महाराष्ट सरकार ने शुरू की थी योजना, गडकरी भी कार्यक्रम में थे महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहन योजना की शुरुआत 17 अगस्त, 2024 को हुई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत सरकार 21 साल से 65 साल की आयु की महिलाओं को 1500 रुपए देती हैं। वे महिलाएं जिनके परिवार की वार्षिक आय 2,50,000 रुपए है, वह इस योजना का लाभ उठा सकती है।

संजय राउत ने केंद्र सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाया नितिन गडकरी के बयान पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा- गडकरी के बयान से साफ है कि राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और यह चिंता का विषय है। जब राज्य सरकार के पास धन की कमी है और सरकार अन्य योजनाओं को निलंबित कर रही है, तो क्या केंद्र सरकार की कोई जिम्मेदारी है?

सांसद सुप्रिया सुले ने कहा- महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति संकट में यह चिंता की बात NCP सांसद सुप्रिया सुले ने पुणे में कहा- चाहे गडकरी हों, MNR प्रमुख राज ठाकरे, सरकार में बैठे लोग हों, सरकार के करीबी लोग हों वे लगातार कह रहे हैं कि राज्य की अर्थव्यवस्था संकट में है तो यह चिंता की बात है। उनका यह भी कहना है जब वित्त विभाग राज्य सरकार के सामने धन की कमी की बात रखता है, तब कोई नहीं सुनता।

गडकरी के पिछले 9 दिन में 3 बयान चर्चा में रहे

20 सितंबर: राजा ऐसा हो, जो आलोचना झेल सके गडकरी ने MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा- राजा (शासक) को ऐसा होना चाहिए कि कोई उसके खिलाफ बात करे, तो उसे बर्दाश्त करे। आलोचनाओं का आत्मचिंतन करे। यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा होती है।

15 सितंबर: हमारे यहां न्यूटन के पिता हैं, फाइल पर वजन डालते ही आगे बढ़ जाती है गडकरी ने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (COEP) में इंजीनियर्स डे कार्यक्रम में कहा था- ‘हमारे देश में किसी भी काम को पूरा करने के लिए पारदर्शिता की जरूरत होनी चाहिए। कई बार तो हालात ऐसे होते हैं कि सड़कों के गड्ढे भरने के लिए भी बॉस का आदेश चाहिए होता है। हमारे यहां न्यूटन के पिता हैं। फाइल पर वजन डालते ही आगे बढ़ जाती है।

14 सितंबर: विपक्षी नेता ने कहा था PM बनिए, समर्थन देंगे, मैंने ऑफर ठुकराया गडकरी ने कहा था कि मुझे एक घटना याद है। मैं किसी का नाम नहीं लूंगा… उस व्यक्ति ने कहा था कि अगर आप प्रधानमंत्री बनते हैं, तो हम समर्थन करेंगे। मैंने उनसे पूछा कि आप मेरा समर्थन क्यों करेंगे और मुझे आपका समर्थन क्यों लेना चाहिए? PM बनना मेरे जीवन का लक्ष्य नहीं।

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