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कर्नाटक सरकार ने SBI-PNB के बायकॉट का फैसला वापस लिया:दोनों बैंकों ने गवर्नमेंट को 23 करोड़ चुकाए; सरकारी पैसे के गलत इस्तेमाल का आरोप था

कर्नाटक सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) बैंक को बायकॉट करने का फैसला वापस ले लिया है। सरकार ने गुरुवार (5 सितंबर) को इसकी घोषणा की।

SBI और PNB ने सरकार को एक साल के ब्याज के साथ गबन किए गए 22.67 करोड़ का भुगतान कर दिया है। इसके बाद सरकार ने 12 अगस्त को जारी किया अपना सर्कुलर वापस ले लिया।

सरकार का आरोप था कि SBI और PNB ने सरकारी धन का गलत इस्तेमाल किया है। हालांकि, दोनों बैंकों की अपील के बाद सरकार ने 16 अगस्त को अपने सर्कुलर पर 15 दिनों के लिए रोक लगाई थी।

सरकार ने बैंकों से पैसा निकालकर अकाउंट बंद करने को कहा था
कर्नाटक सरकार ने 12 अगस्त को सर्कुलर में सभी सरकारी विभागों को दोनों बैंकों के साथ कामकाज बंद करने का निर्देश दिया था। इन बैंकों से अपना पैसा निकालने और अकाउंट को बंद करने को कहा गया था।

साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और स्थानीय निकायों को इन बैंकों से अपना पैसा निकालने का आदेश दिया गया था। यूनिवर्सिटी और दूसरे सरकारी संस्थानों को भी इन बैंकों में अपने खाते बंद करने के निर्देश दिए गए थे। इन बैंकों में कोई और जमा या निवेश नहीं करने का ऑर्डर था।

SBI और PNB में सरकार की FD से जुड़ा है मामला

राज्य सरकार ने 12 अगस्त को अपने सर्कुलर में बताया कि कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड (KIADB) ने सितंबर 2011 में PNB के राजाजीनगर ब्रांच में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में 25 करोड़ रुपए रखे थे।

इसमें 13 करोड़ की एक FD के पैसे निकाले गए थे। हालांकि, बैंक ने अपने अधिकारियों की तरफ से की गई अनियमितताओं का हवाला देते हुए सरकार को दूसरी FD के 12 करोड़ रुपए नहीं लौटाए।

दूसरा मामला SBI के एवेन्यू रोड ब्रांच से जुड़ा है। कर्नाटक स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (KSPCB) ने अगस्त 2013 में 10 करोड़ की FD खोली थी। हालांकि, बैंक ने FD मैच्योर होने से पहले ही इसे बंद कर दिया। बैंक ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इन पैसों को एक प्राइवेट कंपनी के लोन अकाउंट के साथ एडजस्ट किया था।

SBI ने सरकार को 10 करोड़, PNB ने 13 करोड़ लौटाए
सर्कुलर में कहा गया कि दोनों बैंकों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत को लेकर कई मीटिंग्स हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। 2012-2013 से मामले अनसुलझे हैं। मामला अदालत में भी है।

सूत्रों के अनुसार, बुधवार (4 सितंबर) को SBI ने एक साल के ब्याज KS साथ सरकार को 9.67 करोड़ रुपए वापस किए। PNB ने ब्याज के साथ 13 करोड़ वापस कर दिए हैं। वित्त विभाग ने ब्याज की वसूली के लिए बैंकों से संपर्क जारी रखने का फैसला किया है।

SBI और PNB देश के दो सबसे बड़े सरकारी बैंक

SBI देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 7.17 लाख करोड़ रुपए है। SBI में केंद्र सरकार की 56.92% हिस्सेदारी है।

पंजाब नेशनल बैंक दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। इसकी मार्केट वैल्यू 1.25 लाख करोड़ रुपए है। राज्य सरकार के कर्मचारियों की पेंशन हो या फिर अन्य फाइनेंशियल काम आमतौर पर इन्हीं दोनों बैंकों में किए जाते हैं। कर्नाटक में सरकारी विभागों के ज्यादातर फाइनेंशियल काम-काज इन्हीं दो बैंकों के साथ होते हैं।

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