केरल में RSS की 3 दिन की बैठक शुरू:मोहन भागवत और जेपी नड्डा मौजूद; नया BJP अध्यक्ष और 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव पर चर्चा संभव
केरल के पलक्कड़ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की 3 दिन की वार्षिक समन्वय बैठक शनिवार (31 अगस्त) सुबह 9 बजे से शुरू हुई।
मीटिंग में RSS चीफ मोहन भागवत, सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महासचिव बीएल संतोष शामिल हुए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मीटिंग में नए भाजपा अध्यक्ष के नामों पर चर्चा हो सकती है। 4 राज्यों की विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी बातचीत हो सकती है।
बैठक में RSS के 32 सहयोगी संगठनों के 300 कार्यकर्ता शामिल हुए। इसका उद्देश्य संगठनों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर चर्चा करना है।
वायनाड लैंडस्लाइड पर चर्चा हुई
मीटिंग में वायनाड में आई लैंडस्लाइड में RSS द्वारा पहुंचाई गई मदद के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा RSS की शाखाओं के विस्तार और सभी संगठनों के कामकाज की भी समीक्षा की गई। संगठनों के लिए अगले एक साल का लक्ष्य भी तय किया जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के नतीजों समेत 9 मुद्दों पर चर्चा हो सकती है
- लोकसभा चुनाव के नतीजों और भाजपा की सीटें घटने की वजह पर चर्चा हो सकती है।
- जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में होने वाले चुनावों की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
- महिला सुरक्षा और पश्चिम बंगाल में रेप-मर्डर केस पर बातचीत हो सकती है।
- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद इस पद के लिए नए नाम की चर्चा हो सकती है।
- संघ के सहयोगी संगठन तालमेल को बेहतर कैसे बना सकते हैं, इस पर भी बातचीत होगी।
- पर्यावरण संरक्षण , खेती-किसानी और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दे पर भी प्रतिनिधि मीटिंग करेंगे।
- झारखंड-छत्तीसगढ़ और आदिवासी इलाकों में बढ़ रहे धर्मांतरण के मामलों पर भी चर्चा की जाएगी।
- वायनाड में लैंडस्लाइड और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में RSS की भूमिका पर बातचीत होगी।
- हाल में हुई महत्वपूर्ण घटनाओं और योजनाओं के को लेकर भी चर्चा होगी।
5 पॉइंट में समझिए केरल में बैठक की वजह
- केरल में RSS की अच्छी पैठ है। भारत में उसकी सबसे ज्यादा 5,142 शाखाएं केरल में ही हैं। यहां RSS 1946 से एक्टिव है। इसके बावजूद केरल में BJP को एंट्री का रास्ता नहीं मिला। पहली बार पार्टी ने त्रिशूर सीट जीतकर खाता खोला है। यहां से एक्टर सुरेश गोपी का चुनाव जीतना संकेत है कि RSS ने जो जमीन तैयार की है, उसका फायदा भाजपा को मिल रहा है।
- अब रणनीति बनाई जाएगी कि 2026 के विधानसभा चुनाव में त्रिशूर फॉर्मूला इस्तेमाल कर ज्यादा से ज्यादा सीटें जीती जाएं। फिलहाल नजर त्रिशूर और पलक्कड़ पर है। त्रिशूर में BJP जीती और पलक्कड़ में उसे 24% वोट मिले। पार्टी कैंडिडेट सी. कृष्णकुमार तीसरे नंबर पर रहे। 2019 के मुकाबले 2024 में BJP को केरल में 4% ज्यादा, यानी 16.8% वोट मिले हैं। NDA को 19.4% वोट मिले।
- केरल में RSS की तैयार जमीन पर सरकार कैसे अपनी योजनाएं लागू करे, जिससे वोटर्स का झुकाव पार्टी की तरफ हो। वहां के BJP नेताओं की केंद्र में भूमिका बढ़े ताकि वोटर्स को लगे कि BJP से जुड़े तो उनकी आवाज केंद्र तक पहुंचाई जाएगी।
- केरल में BJP और RSS वर्कर्स को टारगेट किया जाता रहा है। दावा है कि BJP के 300 से ज्यादा वर्कर्स की हत्या की गई है। इसलिए वोटर्स के दिमाग में साफ है कि अगर इन्हें वोट दिया भी तो कोई फायदा नहीं।
- RSS का मानना है कि कम्युनिस्ट पार्टी का प्रोपेगैंडा खत्म करने और BJP को ताकतवर दिखाने के लिए सेंट्रल लीडरशिप को केरल में दखल देना होगा। केरल के नेताओं को केंद्र में तवज्जो देनी होगी।
मीटिंग में 32 संगठन के 300 कार्यकर्ता मौजूद
इस समन्वय बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के सभी छह सह सरकार्यवाह और अखिल भारतीय पदाधिकारी उपस्थित हैं। बैठक में राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शान्तका, प्रमुख कार्यवाहिका सीता अन्नदानम, वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह, पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वीके चतुर्वेदी, ग्राहक पंचायत के अध्यक्ष नारायण शाह, VHP अध्यक्ष आलोक कुमार, महामंत्री बजरंग बागड़ा, ABVP के संगठन मंत्री आशीष चौहान, विद्या भारती के अध्यक्ष रामकृष्ण राव, भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष हिरणम्य पण्ड्या, आरोग्य भारती के अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित सहित 32 संघ प्रेरित विविध संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संगठन मंत्री और प्रमुख पदाधिकारी सहित 300 कार्यकर्ता उपस्थित हैं।
पिछली समन्वय बैठक में RSS की भाजपा को सलाह- लापरवाही से काम नहीं चलेगा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पिछली बैठक में भाजपा को RSS की ओर से कहा गया था कि विरोधी दलों ने ‘इंडिया’ गठबंधन से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही से भी काम नहीं चलेगा। इस बैठक की शुरुआत सरसंघचालक डाॅ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता की फोटो की पूजा से की थी। इस बैठक में संघ के 36 संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए थे। पूरी खबर पढ़ें…
