NEET में गड़बड़ी से जुड़ी 38 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में CJI की बेंच के सामने तीसरी सुनवाई लंच के बाद भी जारी है। CJI चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।
याचिकाकर्ता के वकील नरेंद्र हुड्डा ने कहा- एग्जाम से 5 महीने पहले NTA ने सिलेबस बढ़ाया। इसे ही ग्रेस मार्क्स का आधार बनाया गया। फिर गड़बड़ी छिपाने के लिए रीएग्जाम कराए गए। CJI ने पूछा-23.33 लाख में से कितने छात्रों ने अपने सेंटर बदले हैं। इस पर NTA ने कहा- फिलहाल सिस्टम से ये डेटा नहीं मिल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में 8 और 11 जुलाई को सुनवाई हुई थी
सुप्रीम कोर्ट ने NEET विवाद पर पहली सुनवाई 8 जुलाई को की थी। इसके बाद कोर्ट ने इससे जुड़े चारों स्टेकहोल्डर्स – NTA, केंद्र सरकार, CBI और रीएग्जाम की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं को हलफनामा दायर करने के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया था।
NEET पर दूसरी सुनवाई 11 जुलाई को हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने मामले को 18 जुलाई तक के लिए टाल दिया था। CJI की बेंच ने कहा था कि NTA और केंद्र सरकार के हलफनामे सभी लोगों तक नहीं पहुंचे हैं। इस वजह से सुनवाई की डेट बढ़ा दी गई।
कोर्ट रूम में सुनवाई के मिनट-टु-मिनट अपडेट सिलसिलेवार पढ़िए
