धनखड़ ने किया RSS नेता की किताब का विमोचन:भोपाल में पूर्व उप-राष्ट्रपति का स्वागत करने नहीं पहुंचे नेता; दिग्विजय बोले- ‘यूज एंड थ्रो’, यही भाजपा
पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को भोपाल पहुंचे। यहां वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य की पुस्तक ‘हम और यह विश्व’ का विमोचन किया।
कार्यक्रम में मनमोहन वैद्य ने अपने संबोधन की शुरुआत में जगदीप धनखड़ को अपना अभिभावक कहा। वैद्य ने कहा एक घटना ने मेरे अंदर के लेखक को जाग्रत किया।
संघ के तृतीय वर्ग के प्रशिक्षण वर्ग में प्रणब मुखर्जी को बुलाया था। वो संघ जॉइन नही करने वाले थे। उन्हें सिर्फ संबोधन देना था, लेकिन उनका बहुत विरोध हुआ। बेवजह विरोध देखकर मैंने लेखन की शुरुआत की।
रात में दिल्ली होंगे रवाना दिल्ली से भोपाल पहुंचने के बाद धनखड़ सीधे एयरपोर्ट से राजभवन रवाना हुए। कार्यक्रम में वृंदावन के श्री आनंदम धाम आश्रम के पीठाधीश्वर रीतेश्वर जी महाराज और वरिष्ठ पत्रकार विष्णु त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि हैं। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद यह धनखड़ का संभवतः पहला बड़ा सार्वजनिक संबोधन होगा। वे रात में दिल्ली लौट जाएंगे।
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एयरपोर्ट पर BJP नेता नहीं पहुंचे, दिग्विजय ने साधा निशाना एयरपोर्ट पर धनखड़ की अगवानी के लिए कोई भाजपा नेता नहीं पहुंचा। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टिप्पणी की कि भाजपा के लिए वही महत्त्वपूर्ण होता है, जो उनके काम आए “यूज एंड थ्रो यही नीति है भाजपा की।”
दिग्विजय ने कहा कि धनखड़ RSS कार्यक्रम में आए हैं, इसलिए उनके कार्यक्रम पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। उन्होंने यह भी कहा कि मनमोहन वैद्य वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने गोमांस खाने पर संघ की कोई आपत्ति नहीं वाला बयान दिया था। दिग्विजय ने धनखड़ के साथ आए अफसर से मुलाकात का समय भी मांगा है।
उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद पहली बार मंच से संबोधन धनखड़ ने 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र से पहले इस्तीफा दिया था। उसके बाद वे किसी सार्वजनिक मंच पर संबोधित करते नहीं दिखे। वे केवल 12 सितंबर को नए उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में देखे गए थे।
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धनखड़ ने कहा- मैं अंग्रेजी में संबोधन करूंगा
धनखड़ ने कहा, यह पुस्तक हमारी गौरवशाली बातों का दर्पण है। आप थोड़ी सी सतह में जाइए, डुबकी लगाइए, आपका अतीत गौरवशाली था… ये समझ आ जाएगा। 8 साल के अनुभवों का यह संग्रह है। प्रणव दा के ऊपर 2 लेख हैं। यह पुस्तक सोए हुए को जगा देगी। मैंने विचार विमर्श का बाद तय किया कि आगे मैं अंग्रेजी में संबोधन करूंगा, क्योंकि जो समझना नहीं चाहते, हर हाल में धूमिल करना चाहते हैं। उनको मेरा सही मंतव्य पता नहीं लगेगा, क्योंकि में उनकी खास भाषा में बात नहीं करूंगा।
पूर्व उप राष्ट्रपति ने किया किताब का विमोचन
बेवजह विरोध करने पर कई बार संघ का फायदा
मनमोहन वैद्य ने कहा कि मेरे पिता जी लेखक थे, मैं नहीं था। 2018 में 1 से 6 जून तक 378 लोगों की मिलने के लिए रिक्वेस्ट आई थी। संघ का बेवजह विरोध करने से कई बार संघ का फायदा होता है।
हमने वेबसाइट पर join rss की शुरुआत की तो एक लाख लोगों की रिक्वेस्ट आ रही है। केवल अक्टूबर महीने में संघ की वेबसाइट पर 48890 रिक्वेस्ट आई है।
वैद्य बोले- प्रणब मुखर्जी के विरोध के बाद लिखना शुरू किया
मनमोहन वैद्य ने अपने संबोधन की शुरुआत में जगदीप धनखड़ को अपना अभिभावक कहा। वैद्य ने कहा एक घटना ने मेरे अंदर के लेखक को जाग्रत किया। संघ के तृतीय वर्ग के प्रशिक्षण वर्ग में प्रणब मुखर्जी को बुलाया था। वो संघ जॉइन नही करने वाले थे। उन्हें सिर्फ संबोधन देना था। लेकिन उनका बहुत विरोध हुआ। बेवजह विरोध देखकर मैंने लेखन की शुरुआत की।
संघ के प्रांत संघ चालक पांडे भी मौजूद
मंत्री कृष्णा गौर, संघ के प्रांत संघ चालक अशोक पांडे भी कार्यक्रम में मौजूद।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी हो रही शामिल
रविंद्र भवन में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी मौजूद हैं।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दीप जलाया
रवींद्र भवन में ऋतेश्वर महाराज, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और आरएसएस के कई पदाधिकारी मौजूद हैं।
कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहुंच
