कांग्रेस ने सैन्य और विदेश नीति पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार से संसद का तत्काल विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान के सिंगापुर में दिए इंटरव्यू के बाद यह मांग की गई है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने PTI से कहा- सरकार सभी दलों और राष्ट्र को विश्वास में ले। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की रक्षा तैयारियों और रणनीति पर चर्चा करे। PM या रक्षा मंत्री को सर्वदलीय बैठक में विपक्षी नेताओं को यह बताना चाहिए था कि जनरल चौहान ने सिंगापुर में क्या कहा है।
दरअसल, CDS चौहान ने 31 मई को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग कार्यक्रम में ब्लूमबर्ग को इंटरव्यू में दिया। पाकिस्तान के भारतीय जेट को मार गिराने के दावों के सवाल पर उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि कितने विमान गिरे, बल्कि यह है कि वे क्यों गिरे?
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को नसीहत दी है। उन्होंने कहा- PM मोदी को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर खुद की तारीफ करने की जगह दुश्मन पर फोकस करना चाहिए। उनके अलावा कोई भी ऐसा नहीं कर सकता है।
खड़गे बोले- सेना के साथ हमारा पूरा समर्थन
- मैं उनके (PM मोदी) सभी बयानों पर प्रतिक्रिया देना पसंद नहीं करता, लेकिन मेरा उनसे केवल यही अनुरोध है कि सत्ता में बैठे लोगों को कभी-कभी अपना मुंह बंद रखना चाहिए। उन्हें खुद को चुनावों से अलग कर लेना चाहिए और देश पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
- देश में जो कुछ भी हुआ, पीएम मोदी को उस समझना चाहिए और बोलना चाहिए। मैं बिना किसी राजनीतिक मतभेद के कह रहा हूं कि मोदी को खुद पर गर्व करने के बजाय दुश्मन पर फोकस करना चाहिए। उनके अलावा कोई और ऐसा नहीं कर सकता है।
- जब तक सेना है, हम सभी सुरक्षित हैं। इसलिए हम सेना का समर्थन करते हैं। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने विचार-विमर्श के लिए विदेश यात्रा की है। उनको वापस आने दीजिए। जब तक वे वापस नहीं आते, तब तक इधर-उधर घूमना और भाषण देना सही नहीं है।
- जब पीएम मोदी ने कहा है कि उन्होंने सेना को पूरी शक्ति दी है, तो वे यह दावा क्यों कर रहे हैं कि उन्होंने ऐसा किया है? आत्म-प्रशंसा अच्छी नहीं है। हम कुछ नहीं कहेंगे, क्योंकि स्थिति सामान्य नहीं है।
जयराम बोले- CDS के बयान आ रहे, पीएम जानकारी क्यों नहीं दे सकते थे
जयराम रमेश ने कहा- ये चिंता का बात है कि सिंगापुर से CDS की ओर से ऐसे बयान आ रहे हैं। पीएम मोदी विपक्ष को जानकारी क्यों नहीं दे सकते थे? क्या यह सच है कि नेता इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं? हम इसी उद्देश्य से सर्वदलीय बैठक और संसद के विशेष सत्र की मांग कर रहे हैं।
रमेश ने कहा कि कारगिल वॉर खत्म होने के 3 दिन बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के पिता की अध्यक्षता में एक कारगिल समीक्षा समिति गठित की थी। रिपोर्ट को बाद में संसद में पेश किया गया था, जिस पर चर्चा की गई थी। क्या अब ऐसी समिति गठित की जा रही है।
कांग्रेस के दूसरे नेताओं के सवाल
पवन खेड़ा, प्रवक्ता कांग्रेस
ऑपरेशन सिंदूर, CDS के बयान जैसे मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाकर सभी को विश्वास में लेकर चर्चा होनी चाहिए। अमेरिका ने युद्ध विराम की घोषणा की तो नेता ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने के लिए विदेश चले गए। सवालों का जवाब कौन देगा? जवाब सेना से नहीं, बल्कि सरकार से आना चाहिए।
सेना मजबूत है और उसने वही किया जो जरूरी था, लेकिन युद्ध विराम किसके दबाव में किया गया। पहलगाम हमले के आतंकवादी कहां हैं? युद्ध विराम के लिए क्या शर्तें थीं? सीडीएस ने जो कहा वह चौंकाने वाला था। अब स्पष्टता होनी चाहिए। सरकार को विशेष सत्र बुलाकर सवालों के जवाब देने चाहिए।
प्रमोद तिवारी, राज्यसभा में कांग्रेस उपनेता
जनता को तार्किक जवाब मिलना चाहिए। पूरा देश पूछ रहा है, नेता अलग-अलग बातें कर रहे हैं, दूसरी तरफ CDS ने विदेश में कुछ और ही कहा है। यह स्वीकार करते हुए कि हमारा जेट गिराया गया। सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। इसलिए हम बातचीत के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं। सर्वदलीय बैठक बुलाई जा सकती है। लेकिन पीएम मोदी चार दिनों से सेना के पराक्रम का राजनीतिकरण करने पर तुले हुए हैं।
