बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराध से जुड़े आरोपों में ट्रायल शुरू हो गया है। बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) में रविवार को इन आरोपों को औपचारिक तौर पर दर्ज किया गया।
चीफ प्रॉसिक्यूटर ताजुल इस्लाम ने ट्रिब्यूनल में ये आरोप दर्ज कराए हैं। ICT के प्रॉसिक्यूटर गाजी मनोवार हुसैन तमीम ने डेली स्टार को यह जानकारी दी है। 12 मई को ट्रिब्यूनल की जांच एजेंसी ने हसीना के खिलाफ अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी।
इसमें जुलाई 2024 में आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के पांच आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक आंदोलन के दौरान 1500 से अधिक लोग मारे गए जबकि 25 हजार से ज्यादा घायल हुए थे।
आतंकी हाफिज के संगठन ने हसीना के तख्तापलट का जिम्मा लिया
26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा (JUD) के कुछ आतंकियों ने दावा किया है कि उन्होंने पिछले साल बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भूमिका निभाई थी।
इसकी वजह से प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था। PTI के अनुसार, ये बयान JUD आतंकी सैफुल्लाह कसूरी और मुजम्मिल हाशमी ने अपने भाषणों के दौरान दिए।
लाहौर में समर्थकों को संबोधित करते हुए कसूरी ने कहा,
मैं चार साल का था जब 1971 में पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था। तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने घोषणा की थी कि उन्होंने खलीज (बंगाल की खाड़ी) में दो-राष्ट्र सिद्धांत को डुबो दिया है। 10 मई को हमने 1971 का बदला ले लिया है।

हसीना का पासपोर्ट रद्द, गिरफ्तारी वारंट जारी
बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद बनी यूनुस सरकार ने हसीना पर हत्या, अपहरण से लेकर देशद्रोह के 225 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं।
बांग्लादेश सरकार ने जुलाई में हुई हत्याओं की वजह से शेख हसीना का पासपोर्ट भी रद्द कर दिया है। वहीं बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ट्रिब्यूनल ने हसीना को 12 फरवरी तक पेश होने का निर्देश दिया था।
बांग्लादेश भारत से हसीना को डिपोर्ट करने की अपील भी कर चुका है। हालांकि भारत सरकार उनका वीजा बढ़ा चुकी है, जिससे यह साफ हो गया कि उन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट नहीं किया जाएगा।
इंटरपोल से हसीना के खिलाफ रेड-कॉर्नर नोटिस मांग चुके हैं
बांग्लादेश पुलिस ने इस साल अप्रैल में इंटरपोल से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की थी। हसीना के अलावा 11 अन्य लोगों के खिलाफ भी ऐसी ही मांग की गई।
शेख हसीना पिछले साल अगस्त में हुए तख्तापलट के बाद से भारत में रह रही हैं।
बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने शेख हसीना, उनके पूर्व मंत्रियों, सलाहकारों और अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इन पर मानवता के विरुद्ध अपराध और नरसंहार के आरोप थे।
इंटरपोल का रेड नोटिस किसी व्यक्ति को ढूंढ़ने और उसे प्रत्यर्पण या कानूनी कार्रवाई से पहले अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने में मदद करता है।
