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गाजा में खाने के लिए भगदड़, 3 की मौत:46 घायल, 7 लापता; दावा- इजराइली सैनिकों ने हवाई फायर किया था

गाजा में खाने के लिए भगदड़, 3 की मौत:46 घायल, 7 लापता; दावा- इजराइली सैनिकों ने हवाई फायर किया था
राफा1 घंटे
राफा में खाना के लेने के लिए भागते फिलिस्तीनी नागरिक।
गाजा के दक्षिणी शहर राफा में मंगलवार को खाना लेने पहुंचे लोगों में भगदड़ मच गई। इससे 3 लोगों की मौके पर मौत हो गई, वहीं 46 घायल हो गए। इसके अलावा 7 लोग लापता भी हैं।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यह भगदड़ इजराइली सैनिकों के हवा में फायर करने के बाद बची। वहीं इजराइल सेना ने कहा कि उसके सैनिकों ने भीड़ को नियंत्रण में रखने के लिए चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई थीं।

गाजा में लोगों को खाना मुहैया कराने के लिए फूड सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। मंगलवार को राफा शहर में ऐसे ही एक सेंटर पर खाना लेने के लिए हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। इजराइली फायरिंग के बाद हजारों फिलिस्तीनी खाने के लिए सेंटर पर दौड़ पड़े।

गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने एक बयान में कहा,

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राफा में आज जो कुछ हुआ, वह एक जानबूझकर किया गया नरसंहार और एक पूर्ण युद्ध अपराध है।

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हजारों लोग खाद्य सामग्री के लिए फेंसिंग को लांघकर सेंटर की तरफ दौड़े।
गाजा में राहत सामग्री बांटने के दौरान इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी।

राफा में फिलीस्तीनी लोग खाने का सामान और जरूरी मदद से भरे डिब्बे उठाकर घर ले जा रहे हैं।
UN नहीं, अमेरिकी एजेंसी बांट रही खाना

गाजा में फिलहाल एक हफ्ते के लिए मदद पहुंचाई जाएगी। इस दौरान इजराइल गाजा में खाना बांटने के लिए नए वितरण केंद्र बनाएगा। ये सेंटर इजराइली सेना की निगरानी में रहेंगे। इसका संचालन अमेरिकी कंपनियां करेंगी।

नई व्यवस्था के तहत गाजा के लोगों को गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) के जरिए मदद दी जाएगी। हालांकि कई सहायता एजेंसियों ने इस योजना की आलोचना की है। उनका कहना है कि इससे मानवाधिकार का उल्लंघन होता है।

GHF स्विट्जरलैंड में रजिस्टर्ड है। पूर्व अमेरिकी मरीन जेक वुड्स इसे चलाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र (UN) का कहना है कि वह GHF के साथ काम नहीं करेंगे, क्योंकि यह निष्पक्ष नहीं है।
गाजा में GHF के 4 वितरण केंद्र खोले जाने की तैयारी है जबकि UN के पूरे गाजा में 400 वितरण केंद्र हैं।
अगर GHF से गाजा के लोगों को खाना मिले तो बहुत कम लोगों तक ही मदद पहुंच पाएगी।

राहत सामग्री वाले पैकेट में तेल, बिस्किट, अनाज, चायपत्ती समेत कई चीजें हैं।
गाजा में 2 मार्च से अनाज नहीं पहुंचा था

पिछले ढाई महीने में गाजा में UN और बाकी एजेंसियों के खाद्य भंडार पूरी तरह से खत्म हो गए हैं। खाने-पीने के सामानों की कमी के चलते गाजा में भुखमरी का खतरा बढ़ गया है।

इस वजह से अमेरिका समेत कई देशों का इजराइल पर दबाव बढ़ रहा था, जिसके बाद पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को गाजा पट्टी में जरूरी मदद फिर से शुरू करने का आदेश दिया।

नेतन्याहू ने कहा कि गाजा में मदद पहुंचाना जरूरी है ताकि गाजा में भूख की स्थिति न पैदा हो, क्योंकि इससे हमास के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि इजराइल यह सुनिश्चित करेगा कि मदद सिर्फ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और हमास को न मिले।

हमास इजराइल के साथ सीजफायर के लिए तैयार

फिलिस्तीन के उग्रवादी संगठन हमास ने अमेरिका की तरफ से गाजा में युद्धविराम के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। यह प्रस्ताव ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने दिया था। इस नए प्रस्ताव में 10 इजराइली बंधकों की रिहाई और 70 दिन का युद्धविराम शामिल है।

रॉयटर्स के मुताबिक इस प्रस्ताव में इजराइल की तरफ से कई फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई का मुद्दा भी शामिल है, जिनमें लंबी सजा काट रहे सैकड़ों कैदी शामिल हैं।

अभी तक इजराइल ने इस प्रस्ताव पर कोई बयान नहीं दिया है।

इससे पहले इजराइल और हमास के बीच 19 जनवरी को सीजफायर हुआ था। हालांकि दो महीने बाद यानी 18 मार्च को इजराइल ने गाजा में कई जगह पर मिसाइल अटैक करके इसे तोड़ दिया था।

18 मार्च को इजराइली टैंक गाजा में एंट्री करते हुए।
इजराइल का गाजा के 77% हिस्से पर कब्जा

इजराइल ने गाजा पट्टी के 77% हिस्से पर कंट्रोल हासिल कर लिया है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यह दावा गाजा के सरकारी मीडिया ऑफिस ने रविवार को किया।

उन्होंने इजराइल पर नरसंहार का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

बयान में कहा गया है कि इजराइली सेना ने बफर जोन, सुरक्षा कॉरिडोर और भारी गोलाबारी के जरिए गाजा के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को अपने कब्जे में लिया है।

बीते 1 सप्ताह में 500 से ज्यादा लोगों की मौत

इजराइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है, जिससे मानवीय संकट भयावह हो गया है। बीते हफ्ते शनिवार और रविवार (24-25 मई 2025) को इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 182 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं।

इजराइल सेना के हमले में एक सप्ताह में 500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। 19 जनवरी 2025 को इजराइल ने सीजफायर तोड़ दिया था। इसके बाद से अब तक गाजा में 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

7 अक्टूबर 2023 से शुरू इजराइल-हमास जंग में अब तक 55,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें हजारों बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं।

गाजा के खान यूनुस शहर में एक तबाह इमारत के मलबे में बचावकर्मी जीवित लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं। तस्वीर 23 मई की है।
गाजा में 70% बिल्डिंग्स तबाह

गाजा के मीडिया कार्यालय ने इजराइल पर आरोप लगाया कि वह गाजा पट्टी से फिलिस्तीनी आबादी खाली करने की साजिश रच रहा है। ऑफिस ने कहा कि इजराइली सेना जबरन बेदखली, बमबारी और सहायता रोककर गाजा को तबाह कर रही है। यह नरसंहार और नस्लीय सफाई है।

कार्यालय ने दावा किया कि गाजा का 70% से ज्यादा नागरिक बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है और 19 लाख लोग (85% आबादी) अपने घरों से बेघर हो गए हैं।

इजराइली अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया। गाजा में अपनी कार्रवाइयों को हमास के खिलाफ ‘टारगेट ऑपरेशन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि हमास जानबूझकर आम लोगों के इलाके में सैन्य ढांचे स्थापित करता है, जिससे नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ती है।

इजराइल ने कहा था हमास के खत्म होने तक हमले जारी रहेंगे

इजराइली अधिकारियों इससे पहले ने कहा कि उनके हमले आतंकी संगठन हमास को खत्म करने के लिए हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में घोषणा की थी कि गाजा में सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक हमास पूरी तरह नष्ट नहीं हो जाता।

उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के बाद गाजा इजराइली सेना (IDF) के पूर्ण नियंत्रण में रहेगा और सहायता वितरण भी इजराइल की निगरानी में होगा।

संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने गाजा में मानवीय संकट पर चिंता जताई है। यूनिसेफ और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने 12 मई को चेतावनी दी कि गाजा में 96% बच्चे कुपोषित हैं और अकाल का खतरा मंडरा रहा है।

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