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शहीद इंस्पेक्टर का बेटा बोला- पापा आज तो बोल दो:मेरठ में अंतिम संस्कार हुआ, ADG-SSP ने कंधा दिया; 4 बदमाशों को ढेर किया था

पापा आज तो बोल दो। प्लीज एक बार कुछ तो बोल दो…ये कहते हुए बेटा मंजीत मेरठ पुलिस लाइन में शहीद इंस्पेक्टर के शव से लिपट गया। फूट-फूटकर रोने लगा। यह देखकर वहां मौजूद हर शख्स रो पड़ा।

शामली एनकाउंटर में शहीद STF इंस्पेक्टर सुनील कुमार का अंतिम संस्कार मेरठ के इंचौली स्थित उनके गांव मसूरी में किया गया। बेटे मंजीत ने शहीद पिता को मुखाग्नि
शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी-बेटी को संभालते परिवार के लोग।
शहीद सुनील कुमार का पार्थिव शरीर सुबह 9 बजे गुरुग्राम से मेरठ पुलिस लाइन लाया गया। परिजन साढ़े 10 बजे शव घर लेकर पहुंचे। घर से श्मशान घाट तक हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान ‘सुनील कुमार अमर रहें’ के नारे लगते रहे।

शहीद इंस्पेक्टर के घर पहुंचे मेरठ जोन के पुलिस अफसर।
श्मशान घाट पर शव से लिपटा तिरंगा इंस्पेक्टर के भाई को सौंपा गया। सांसद अरुण गोविल ने भी शहीद के परिवार को सांत्वना दी।

सीएम योगी ने शहीद के परिजनों को 50 लाख मदद का ऐलान किया। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी। एक सड़क का नामकरण भी शहीद के नाम पर किया
शहीद इंस्पेक्टर के भाई अनिल कुमार को शव से लिपटा तिरंगा सौंपा गया।
इससे पहले, मेरठ पुलिस लाइंस में ADG डीके ठाकुर, DIG कलानिधि नैथानी, SSP विपिन टाडा, SSP STF घुले सुशील चंद्रभान ने शहीद के शव को कंधा दिया। बड़ी संख्या में एसटीएफ टीम भी अपने साथी को अंतिम श्रद्धांजलि देने
मेरठ सांसद अरुण गोविल भी शहीद इंस्पेक्टर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
सुनील कुमार बुधवार को शहीद हो गए थे। सोमवार (20 जनवरी) की रात उनकी टीम ने शामली में कग्गा गैंग के 4 बदमाशों का एनकाउंटर किया था। मुठभेड़ में इंस्पेक्टर के पेट में दो गोली लगी थी। उनका लीवर फट गया था।

सुनील कुमार को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई थी। हालांकि, 36 घंटे जिंदगी-मौत से लड़ने के बाद इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अंतिम सांस ली। उनका 2030 में रिटायरमेंट था।

इंस्पेक्टर के अंतिम संस्कार की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

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