जिनकी 20 करोड़ की हवेली गिराई, 3 कारें कुचलीं…वो कौन:छतरपुर में इनकी मर्जी के बिना कोई कारोबार नहीं होता; खुद की अदालतें लगाते
मध्यप्रदेश के छतरपुर में कोतवाली थाने पर पथराव के 24 घंटे के भीतर सरकार ने यहां 20 हजार स्क्वायर फीट में बनी 20 करोड़ रुपए की तीन मंजिला हवेली को जमींदोज कर दिया। हवेली में रखी तीन लग्जरी कारें- फॉर्च्यूनर, सफारी और स्कॉर्पियो को भी बुलडोजर से कुचल दिया।
बड़ा सवाल ये है कि आखिर बिना परमिशन के 5 साल से जब ये हवेली बन रही थी, तब सरकारी अमले को क्यों कुछ नजर नहीं आया? इसका जवाब है- इस खानदान का रसूख। हवेली के मालिक हाजी शहजाद, आजाद, फैयाज और इम्तियाज, इन चारों भाइयों का इस शहर में ऐसा दखल है कि उनकी मर्जी के बिना कोई यहां बिजनेस नहीं कर सकता।
बता दें कि पुलिस ने शहजाद और उसके भाइयों को 21 अगस्त को थाने पर पथराव के मुख्य आरोपियों के तौर पर नामजद किया है। FIR के मुताबिक, चारों भाइयों ने भीड़ को पुलिस पर हमला करने के लिए उकसाया था।
फिलहाल, चारों भाई और उनका परिवार गायब है। पुलिस सरगर्मी से उनको तलाश रही है, लेकिन 22 अगस्त की रात तक उनका कोई पता-ठिकाना नहीं मिल पाया है। जब उनकी हवेली गिराई जा रही थी, तब भी उनके परिवार का कोई सदस्य यहां मौजूद नहीं था। शहजाद अली और उसके भाइयों की राजनीतिक दखल भी था। शहर में उनका किस तरह का रसूख था, पढ़िए रिपोर्ट…
जमीन से लेकर पारिवारिक विवाद तक सुलझाता था शहजाद
शहजाद अली और उसके चारों भाई अलग-अलग कारोबार से जुड़े हैं। बड़ा भाई आजाद अली नगर पालिका का पार्षद है। शहजाद खुद जिला कांग्रेस का पूर्व उपाध्यक्ष रह चुका है। बाकी दोनों भाई जमीन, रेत, पुराने टायर और ऑयल का कारोबार करते थे। उनका ऐसा कब्जा था कि दूसरा व्यक्ति इस धंधे में एंट्री नहीं कर सकता था। उस पर जमीन पर कब्जे के भी आरोप हैं। इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं…
छतरपुर में रहने वाले सरकारी कर्मचारी दीनदयाल असाटी ने पत्नी कल्पना के नाम पर नवा रोड पर रिलायंस पेट्रोल के पास 2600 वर्गफीट का प्लॉट खरीदा था।
दीनदयाल के भतीजे प्रशांत ने बताया कि प्लॉट खरीदने के बाद चाचा ने वहां बाउंड्रीवॉल बनवाई। गेट भी लगवाया, लेकिन जैसे ही गेट लगा, वहां शहजाद के भाई के गुर्गे पहुंच गए। उन्होंने गेट पर अपना ताला लगा दिया। एक बोर्ड भी लगा दिया कि यह प्रॉपर्टी फैयाज अली और अन्य के नाम पर है। जबकि हकीकत ये है कि आज भी राजस्व रिकॉर्ड में ये जमीन चाची कल्पना के नाम पर है।
असाटी कहते हैं कि हम कोर्ट से भी केस जीत चुके हैं, लेकिन हमें कब्जा नहीं मिल रहा है। हमने ओरछा थाने में भी शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने भी उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया।
इस जमीन की कीमत 1 करोड़ रुपए है, लेकिन फैयाज के लोग हमें धमकी दे रहे हैं कि 5 लाख रुपए लेकर इस प्लॉट को छोड़ दो। हमने मेहनत की कमाई से ये प्लॉट लिया है, हम कैसे इसे छोड़ देंगे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाजी शहजाद अपनी अदालत में ही बिरादरी के लोगों के प्रॉपर्टी और पारिवारिक विवाद से जुड़े फैसले सुनाता था। इसमें कई केस आपराधिक भी होते थे। वह जिसके पक्ष में फैसला सुनाता था, उससे गरीबों की मदद करने के नाम पर पैसे भी लेता था।
अंजुमन इस्लामिया कमेटी का सदर भी रह चुका
शहजाद मुस्लिम अंजुमन इस्लामिया कमेटी का सदर भी रह चुका है। कमेटी का पिछला चुनाव वह जावेद से हार चुका है।
लोगों का ये भी कहना है कि वह जरूरतमंदों का बड़ा मददगार है। उसकी गाड़ी पर लगी प्लेट में कांग्रेस उपाध्यक्ष लिखा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि वह कांग्रेस नेता मुन्ना राजा उर्फ शंकर प्रताप सिंह का नजदीकी रहा है। दिग्विजय सिंह शासनकाल में शंकर प्रताप सिंह को-ऑपरेटिव के अध्यक्ष रहे हैं।
5 साल से बन रही थी 3 मंजिला हवेली, 3 एंट्रेंस गेट
शहजाद के परिवार की यह हवेली शहर के नया मोहल्ला मस्तान शाह कॉलोनी में 20 हजार स्क्वायर फीट से ज्यादा जमीन पर तैयार हो रही है। आसपास के लोग बताते हैं कि बीते 5 साल से इसमें काम हो रहा है। इसमें 3 तरफ से एंट्रेंस गेट बनाए गए हैं।
पूरी बिल्डिंग में बिजली के लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। इतना सब कुछ होने के बावजूद शहजाद ने इसकी आधिकारिक बिल्डिंग परमिशन हासिल नहीं की थी। सरकारी अधिकारियों ने इसी आधार पर इस बिल्डिंग को अवैध बताकर चंद घंटों में जमींदोज करने का निर्णय ले लिया।
4 बुलडोजर और JCB मशीनों से गिराई हवेली
गुरुवार सुबह होते ही शहर के सभी थानों के TI, पुलिसकर्मी, राजस्व अमला, नगर पालिका और मेडिकल टीमें हाजी शहजाद अली की कोठी पर पहुंचीं। सरकारी अमले के साथ 4 बुलडोजर और JCB मशीनें थीं। कड़ी सुरक्षा के बीच टीम ने करीब 11.30 बजे कार्रवाई शुरू की।
जब सरकारी अमला पहुंचा, उस वक्त भी कोठी के एक हिस्से का निर्माण चल रहा था। पुलिस ने JCB की मदद से ताला तोड़कर कोठी को ढहाना शुरू कर दिया।
शाम तक बिना रुके बुलडोजर और JCB चलती रहीं। हवेली में रखे 3 चार पहिया वाहनों को कुचलकर स्क्रैप बना दिया गया, जबकि एक बुलेट मोटर साइकिल को मशीन से बाहर निकाला गया। दो राइफलें भी जब्त की गईं।
बिना परमिशन कैसे बनी हवेली, अफसरों के पास जवाब नहीं
जिस हवेली को सरकार ने जमींदोज कर दिया, उसे अब अफसर अवैध बता रहे हैं। नायब तहसीलदार इंदु गौड़ ने बताया कि हाजी शहजाद अली ने मकान बनाने की परमिशन नहीं ली थी, इसलिए उसे जमींदोज किया गया।
RI देवेंद्र पटेरिया ने बताया कि 20 हजार वर्गफीट में ये कोठी बनी थी। मगर, अफसरों के पास इस बात का जवाब नहीं है कि पिछले 5 साल से यह बिल्डिंग बन रही थी, तब उस पर उनका ध्यान क्यों नहीं गया? इस सवाल का जवाब जानने भास्कर ने छतरपुर CMO माधुरी शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
प्रशासन का तर्क- अवैध निर्माण गिराने से पहले 3 नोटिस दिए
छतरपुर नगर पालिका सीएमओ माधुरी शर्मा ने बताया कि अवैध निर्माण ढहाने से पहले हाजी शहजाद को 3 नोटिस दिए थे। पहला नोटिस जुलाई में दिया था। दूसरा 13 अगस्त को दिया था। अवैध निर्माण हटाने से 24 घंटे पहले भी शहजाद को नोटिस जारी किया गया था। सीएमओ ने बताया कि इस निर्माण की कोई परमिशन ही नहीं थी। कोई आवेदन ही नहीं आया। हालांकि, सीएमओ ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो रहा था, तब उसे क्यों नहीं रोका गया?
कांग्रेस सांसद बोले- सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा
इस मामले को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने X अकाउंट पर लिखा- भाजपा सरकार की मुसलमानों के खिलाफ नफरत का एक और उदाहरण देखिए। जल्द ही इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।
वहीं, BJP प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने कहा- ऐसे गुंडे, ऐसे अपराधी छतरपुर में एक कदम भर नहीं चल सकते। ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद कर देंगे। किसी को नहीं छोड़ेंगे।
हथियार लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे 150 लोग
FIR के मुताबिक, बुधवार को शहजाद अली के साथ 150 लोग थाने में ज्ञापन देने आए थे। वे डंडे, पत्थर और लोहे की रॉड लेकर आए थे। थाने पहुंचने पर उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।
स्टाफ ने थाने का गेट बंद कर TI और बाकी अधिकारियों को वायरलेस से सूचना दी। SDM, CSP और TI थाने पहुंचे। शहजाद अली और जावेद अली से बातचीत शुरू की। प्रदर्शनकारी बोले कि महाराष्ट्र के अहमद नगर के रामगिरी महाराज ने पैगंबर हजरत मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। वे उनके खिलाफ FIR दर्ज करवाना चाहते हैं।
SDM ने कहा- घटनास्थल महाराष्ट्र का है और वहां FIR दर्ज हो चुकी है।
भीड़ ने पथराव किया, पुलिसकर्मी थाने के भीतर भागे
बातचीत के दौरान भीड़ में शामिल युवक TI अरविंद कुजूर के साथ गाली-गलौज करने लगे। कुछ पुलिसकर्मी उन्हें शांत करवाने बाउंड्री वॉल पर चढ़े। वे भीड़ से शांत रहने की अपील करने लगे। TI कुजूर आवेदन लेने मेन गेट पर पहुंचे ही थे कि बाहर से पथराव शुरू हो गया। बांउड्री वॉल पर खड़े जवान कूदकर थाने के अंदर भागे।
TI पर चाकू से वार, पकड़ने के दौरान हाथ में लगा
TI ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे और पुलिसकर्मी पत्थर लगने से घायल हो गए। TI को सिर, हाथ, पैर और सीने पर पत्थर लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, भीड़ में से किसी ने उन पर चाकू से वार किया। वे अचानक मुड़े और चाकू देखकर उसे पकड़ने की कोशिश की, जिससे चाकू हाथ में घुस गया।
पथराव के दौरान भीड़ में सबसे आगे था शहजाद
जानकारी के मुताबिक, हाजी शहजाद अली ज्ञापन सौंपने वालों की भीड़ में सबसे आगे था। पथराव की घटना के बाद से ही पुलिस उस पर कड़ा एक्शन लेने की तैयारी में थी। इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। रात भर पुलिस फोर्स मार्च पास्ट करता रहा।
22 अगस्त की सुबह टीकमगढ़, पन्ना समेत सीमा से लगे अन्य जिलों से भी अतिरिक्त फोर्स को बुला लिया गया। सुबह करीब 10 बजे सभी सीनियर अधिकारी भी पुलिस लाइन पहुंच गए।
30 से ज्यादा पत्थरबाज हिरासत में, आरोपियों का जुलूस निकाला
पुलिस ने पथराव करने वाले 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। गुरुवार शाम को पथराव करने वाले 20 आरोपियों को पुलिस कोतवाली से कोर्ट तक पैदल लेकर पहुंची। आरोपी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। वे कह रहे थे- पत्थर फेंकना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।
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छतरपुर में एक समुदाय को लेकर किसी शख्स के आपत्तिजनक कमेंट से नाराज लोगों ने बुधवार शाम को सिटी कोतवाली पर पथराव कर दिया। भीड़ ने पहले नारेबाजी की। फिर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसमें थाना प्रभारी अरविंद कुंजर, आरक्षक भूपेंद्र प्रजापति और एडीएम के गनमैन राजेंद्र चढ़ार घायल हो गए। TI की हालत गंभीर है, जिनका ICU में इलाज चल रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
