एमपी के महू में छत गिरी, 5 की मौत:शव निकालने लगानी पड़ी 3 जेसीबी, 1 पोकलेन; मृतकों में दो सगे भाई, ठेकेदार भी
इंदौर के पास महू के चोरल गांव में एक निर्माणाधीन फार्म हाउस की छत गिर गई। हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई। घटना गुरुवार देर रात की है। शुक्रवार सुबह ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो हादसे का पता लगा। उन्होंने सिमरोल पुलिस को सूचना दी।
पुलिस-प्रशासन की टीम ने तीन जेसीबी और एक पोकलेन की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू के दौरान एक-एक कर पांचों मजदूरों के शव निकाले गए। मृतकों में दो सगे भाई और कॉन्ट्रेक्टर भी शामिल हैं।
एसपी हीतिका वासल ने बताया कि 2 मजदूर इंदौर, 2 शाजापुर और 1 राजस्थान का रहने वाला था। गुरुवार को काम खत्म होने के बाद रात में खाना खाकर निर्माणाधीन इमारत में ही सोए थे। मालिक की लोकेशन पता लगाई जा रही है।
पुलिस ने निर्माणाधीन रिसोर्ट के मालिक विकास पिता श्रीनिवास डबकरा, अनाया पति भरत डेम्बला, विहाना पति जतिन डेम्बला और रिसोर्ट के मैनेजर राहुल अहिरवार पर केस दर्ज किया है।
इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
हादसे में इनकी गई जान
- पवन (35) पिता भंवरलाल पांचाल निवासी बांसवाड़ा, राजस्थान (ठेकेदार)
- हरिओम (22) पिता रमेश मालवी निवासी गांव उन्मोद, शाजापुर
- अजय (20) पिता रमेश मालवी निवासी गांव उन्मोद, शाजापुर
- गोपाल (45) पिता बाबू लाल प्रजापति निवासी छोटा बांगड़दा, इंदौर
- राजा (22) पिता शेर सिंह निवासी इंदौर
इंदौर के रहने वाले हैं फार्म हाउस के मालिक
पटवारी प्रकाश सोनी ने कहा कि खसरे पर फार्म हाउस मालिक का नाम ममता पति कन्हैया लाल और अनाया पति भरत डेमला दर्ज है, जो इंदौर के रहने वाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छत लोहे के एंगल पर डाली गई थी, जो उसका वजन नहीं सह सके।
परिवार में सभी वकील
फॉर्म हाउस के मालिक भरत एडवोकेट है। उनके पिता पिता कन्हैया लाल हाईकोर्ट में वकील है। उनकी मां और भाई जतिन भी वकील है। भरत का एक बेटा है।
गुरुवार को ही डाली थी स्लैब
इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा- फार्म हाउस में गुरुवार को ही स्लैब डाली गई थी। रात को मजदूर उसी के नीचे सो गए। पांचों शव पोस्टमॉर्टम के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल भेजे गए हैं।
सभी अनुमति रद्द कर निर्माण तोड़ेंगे
चोरल के सरपंच अशोक सैनी ने कहा- ये निर्माण एक एडवोकेट करवा रहे थे। उनका पूरा नाम नहीं पता। उन्होंने ये जमीन सुंदरलाल यादव से खरीदी थी। उनकी पुश्तैनी जमीन थी। पहले यहां खेती होती थी। एडवोकेट एक विला और 6 कॉटेज बनवा रहे थे। परमिशन से ज्यादा स्ट्रक्चर तैयार कराए थे। चार महीने से निर्माण चल रहा था।
अब सभी अनुमति निरस्त कर रहे हैं। हमें सभी स्ट्रक्चर तोड़ने का आदेश जिला प्रशासन से मिला है।
राजस्व विभाग की परमिशन नहीं थी
महू एसडीएम चरणजीत सिंह हुड्डा ने कहा, ‘राजस्व विभाग से फार्म हाउस के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। चोरल नदी नजदीक है, ऐसे में पता कर रहे हैं कि क्या वन विभाग से निर्माण की परमिशन ली गई है? यह भी साफ है कि उचित मापदंडों पर निर्माण नहीं हुआ है।’
5 फोटो में देखिए रेस्क्यू…
फार्म हाउस मालिक बोला- बल्ली सरकने से हुआ होगा हादसा
फार्म हाउस मालिक भरत डेबला ने से कहा कि पूरा निर्माण अनुमति लेकर किया जा रहा था। गुरुवार रात ही मजदूरों ने छत भरी थी और उसी के नीचे सो गए थे। ताजा भरी हुई छत लोहे की बल्ली पर टिकी थी। शायद रात में किसी का पैर लगने से बल्ली सरक गई और यह हादसा हो गया।
