बदलापुर केस…आरोपी ने तीन शादियां कीं, तीनों पत्नियों ने छोड़ा:एक महीने में ही छोड़ गई तीसरी पत्नी, मोबाइल में मिले पोर्न वीडियो
‘उसे चौराहे पर फांसी पर लटका देना चाहिए। ऐसी सजा मिले कि उसके जैसे लोगों के मन में दहशत भर जाए। हमारे गांव का नाम खराब कर दिया। अब उसके परिवार को भी यहां नहीं रहने देंगे। उसने जो किया है, उसके लिए पूरा गांव शर्मिंदा है।’
बदलापुर के खरवई गांव के लोग गुस्से में हैं। ये गांव महाराष्ट्र के ठाणे जिले में है। मामला स्कूल में 4 साल की दो बच्चियों के सेक्शुअल असॉल्ट का है और आरोपी अक्षय शिंदे इसी गांव का रहने वाला है। ये सब 13 अगस्त को हुआ। अक्षय और उसके परिवार के लोग स्कूल में सफाई का काम करते थे।
घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया। भीड़ ने अक्षय के घर और स्कूल पर हमला कर दिया। हजारों लोग रेलवे स्टेशन में घुस गए और ट्रैक बंद कर दिया।
फिलहाल अक्षय पुलिस कस्टडी में है। दैनिक भास्कर उसके गांव पहुंचा। उसके पड़ोसियों और स्कूल स्टाफ से बात की। कुछ पड़ोसियों के मुताबिक, 24 साल की उम्र में ही अक्षय ने तीन शादियां की थीं, लेकिन तीनों पत्नियां उसे छोड़कर चली गईं। दो शादियां तो उसने 4 महीने के अंदर की थीं। तीसरी शादी भी सिर्फ एक महीने चली।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के मोबाइल से पोर्न वीडियो मिले हैं। इस एंगल से जांच की जा रही है कि वो पोर्न देखने का एडिक्ट तो नहीं था।
हमले के डर से परिवार घर से गायब
अक्षय शिंदे का घर खरवई गांव के बीचोबीच है। पुलिस ने भले उसे अरेस्ट कर लिया है, लेकिन लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ। 20 अगस्त को हाथ में डंडे-रॉड और पत्थर लेकर पहुंची भीड़ ने अक्षय के घर को घेर लिया। उसके परिवार को इसका अंदेशा था, इसलिए सभी घर में ताला लगाकर भाग गए। भीड़ ने खाली पड़े घर पर गुस्सा उतारा और पूरा सामान तोड़ दिया।
अक्षय के घर के बाहर अब भी पुलिस का पहरा है। ज्यादातर पड़ोसी उसके बारे में बात नहीं करना चाहते। हालांकि, कुछ महिलाएं उसके बारे में बताने के लिए तैयार हो गईं।
अक्षय के पड़ोस में रहने वालीं मनोरमा तुपे उसकी फैमिली के बारे में बताती हैं, ‘करीब 3 साल पहले उसकी शादी हुई थी। तब वो 21 साल का था। पहली शादी 4 महीने भी नहीं चली। पहली पत्नी के जाने के बाद उसने दूसरी शादी कर ली। दूसरी पत्नी भी उसे छोड़कर मायके चली गई।’
ऐसा क्यों हुआ? मनोरमा बताती हैं, ‘दो साल बाद अक्षय ने तीसरी शादी की। तीसरी पत्नी भी एक महीने में अक्षय को छोड़कर चली गई। वो क्यों गई, इसकी वजह पता नहीं चली। ये उनका पर्सनल मैटर था, इसलिए हमने कभी पूछा भी नहीं।’
मनोरमा से मिलने के बाद हम उस घर तक पहुंचे, जहां अक्षय बचपन से रह रहा था। यहां मिलीं नंदूबाई शेंडे बताती हैं, ‘मैंने अक्षय को तब से देखा है, जब वो बच्चा था। वो यहां 15 साल से रह रहा है। मैंने कभी नहीं सुना कि उसका किसी से झगड़ा भी हुआ हो। अभी उसने क्या किया, ये तो भगवान ही जानता है।’
अक्षय के पड़ोस में ही रहने वालीं अलका बताती हैं, ‘हम दो साल से यहां रह रहे हैं। अक्षय के परिवार के बारे में कुछ भी गलत नहीं सुना। समझ नहीं आ रहा कि इस घटना को कैसे देखें।’
कर्नाटक से आया था अक्षय का परिवार
बच्चियों के साथ हुई घटना के विरोध में प्रदर्शन करने वालों में गांव के राजेंद्र पाले भी शामिल थे। वे बताते हैं, ‘अक्षय का परिवार कर्नाटक के बेलगांव से आया था। उसका जन्म यहीं हुआ। अक्षय की हरकत से हमारे गांव का नाम खराब हुआ है। इससे पहले हमारे गांव में कभी ऐसी घटना नहीं हुई।’
यहीं मिले महेंद्र भालेराव कहते हैं कि इस घटना से पूरा गांव शर्मसार है। पीड़ितों को जल्दी इंसाफ मिलना चाहिए। उनके बगल में खड़े मोहन भालेराव गुस्से में कहते हैं, ‘हम उसके परिवार को भी गांव में नहीं घुसने देंगे। उन्होंने गांव को बदनाम कर दिया।’
मां, पिता और भाई भी स्कूल में स्वीपर
अक्षय के पिता ने खरवई गांव में 15 साल पहले घर खरीदा था। उनका एक घर बदलापुर में भी है। अक्षय के पिता, मां और भाई भी उसी आदर्श मराठी विद्यालय में काम करते थे, जहां बच्चियों का सेक्शुअल असॉल्ट किया गया। ये स्कूल गांव से करीब 4 किमी दूर है।
घटना के बाद स्कूल प्रिंसिपल, बच्चियों के क्लास टीचर और आरोपी अक्षय को अरेस्ट कर लिया गया है। तीनों 26 अगस्त तक पुलिस की कस्टडी में रहेंगे। पुलिस ने अक्षय का फोन जांच के लिए जब्त किया है। जांच अब SIT कर रही है।
शुरुआती जांच करने वाले बदलापुर पुलिस स्टेशन के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, आरोपी के फोन से अश्लील वीडियो भी मिले हैं। हमने मोबाइल और सारे सबूत SIT को दे दिए हैं।
स्कूल का स्टाफ बोला- एक आदमी की वजह से सब बदनाम हो गए
आखिर में हम बच्चियों के स्कूल पहुंचे। स्टाफ से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। एक महिला टीचर ने कैमरे पर आए बिना बताया कि स्कूल बंद होने के बाद अक्षय का परिवार यहां सफाई करता था। एक आदमी की गलती ने पूरा स्कूल बदनाम हो गया। लोग सभी टीचर्स को शक की नजरों से देख रहे हैं।
छोटी बच्चियों को वाशरूम तक ले जाता था अक्षय
अक्षय शिंदे ने 1 अगस्त को ही स्कूल में काम शुरू किया था। अपने काम के अलावा वो छोटी बच्चियों को वाशरूम तक ले जाता था। नियम के मुताबिक, ये काम किसी महिला स्टाफ को ही करना चाहिए।
स्कूल मैनेजमेंट पर ये भी आरोप है कि बच्चियों के माता-पिता की शिकायत के बावजूद स्कूल 12 घंटे तक केस दर्ज करवाने से बचता रहा। स्कूल के CCTV कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे। इसीलिए स्कूल प्रिंसिपल और क्लास टीचर को भी अरेस्ट किया गया है।
स्कूल के सेक्रेटरी बोले- स्टाफ की गलती से बच्चियों तक पहुंचा अक्षय
स्कूल में मिले सेक्रेटरी तुषार आप्टे घटना का जिम्मेदार महिला स्टाफ को बताते हैं। वे कहते हैं, ‘बच्चियों को टॉयलेट तक ले जाने के लिए हमने दो महिला स्टाफ को रखा है। वे कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर हैं। आरोपी सिर्फ टॉयलेट में सफाई का काम करता था।’
तुषार आगे कहते हैं, ‘ये घटना 13-14 अगस्त को हुई। बच्चियों के पेरेंट्स हमारे पास 16 अगस्त को आए। इसके तुरंत बाद हमने जांच शुरू कर दी है। 12 घंटे बाद एक्शन लेने की बात गलत है। हम बच्चियों के पेरेंट्स के साथ खुद पुलिस स्टेशन गए थे।’
तुषार स्कूल में CCTV न होने की बात भी खारिज करते हैं। वे कहते हैं कि हमारे स्कूल में कुछ जगहों पर कैमरे हैं। बाकी जगह भी कैमरे लगाने का काम चल रहा है।
आरोपी की मां बोली- बेटे की दिमागी हालत ठीक नहीं
अक्षय की फैमिली फिलहाल सामने नहीं आ रही है। हमने उसके पिता अन्ना शिंदे से फोन पर बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। अक्षय की मां ने दावा किया था कि वो बचपन से मानसिक रूप से कमजोर है। इसके लिए उसका इलाज भी चला था।
उन्होंने बताया, ‘मैं और मेरे पति भी स्कूल में सफाई के लिए जाते थे। हम शाम 5.30 बजे जाते और रात 8.30 बजे के आसपास वापस आते थे। अक्षय को स्कूल में काम करते हुए 15 दिन ही हुए थे। वो रोज सुबह 11 बजे स्कूल में टॉयलेट साफ करने जाता था। इसके बाद इसी काम के लिए दूसरी जगह जाता था। मुझे 13 अगस्त को पता चला कि स्कूल में इस तरह की घटना हुई है। बेटे को 17 अगस्त को पुलिस ने पकड़ लिया।’
‘स्कूल में काम करने वाली एक महिला ने मुझे इस बारे में बताया। उसने कहा कि अक्षय को पुलिस चौकी ले गए हैं। मैं तुरंत चौकी पहुंची। देखा कि पुलिस उसे पीट रही है। उन्होंने मेरे छोटे बेटे को भी पीटा।’
कोर्ट ने कहा- 4 साल की बच्चियों को नहीं बख्शा जा रहा, ये कैसी स्थिति है
बच्चियों के यौन शोषण मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट में 22 अगस्त को सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि अब 4 साल की बच्चियों को भी नहीं बख्शा जा रहा। यह कैसी स्थिति है।
कोर्ट ने कहा कि अगर स्कूल ही सेफ नहीं है, तो शिक्षा के अधिकार और बाकी चीजों की बात करने का क्या मतलब। हाईकोर्ट ने मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में स्कूल प्रशासन के खिलाफ पॉक्सो के तहत केस दर्ज करने को कहा है। कोर्ट ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
आरोपी का केस लड़ने के लिए वकील तैयार नहीं
ठाणे और भिवंडी की क्राइम ब्रांच की टीमें केस की जांच कर रही हैं। वे स्कूल में हुई घटना, तोड़फोड़ के अलावा CCTV फुटेज और कमरों की जांच कर रही हैं। इस मामले में टीचर्स से भी पूछताछ की गई है।
उधर, आरोपी अक्षय का केस लड़ने के लिए कोई वकील तैयार नहीं है। कल्याण जिला न्यायालय वकील संस्था के अध्यक्ष प्रकाश जगताप ने बताया कि बच्चियों के साथ जो हुआ है, वो हमारे समाज के लिए बहुत घातक है। ऐसे आरोपी समाज में घूमने नहीं चाहिए। इसलिए हमने तय किया है कि आरोपी का केस कोई भी वकील नहीं लेगा।
प्रोटेस्ट करने वाले 300 लोगों पर केस दर्ज
बच्चियों के सेक्शुअल असॉल्ट की बात सामने आते ही लोग सड़क पर उतर आए थे। उन्होंने रेलवे स्टेशन में घुसकर तोड़फोड़ की थी। इसके बाद करीब 300 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अब तक 72 लोगों को अरेस्ट किया गया है। आरोपी के घर में तोड़फोड़ करने वालों की भी पहचान की जा रही है।
