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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन:पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप से मुठभेड़ के बाद से 4 आतंकियों की तलाश जारी

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन:पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप से मुठभेड़ के बाद से 4 आतंकियों की तलाश जारी

राजौरी5 घंटे पहले
7 अक्टूबर की रात से राजौरी के बीरंथुब में सर्च ऑपरेशन जारी है।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में 7 अक्टूबर की रात आतंकियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के बीच मुठभेड़ हुई थी। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग की गई थी। इसके बाद आतंकी जंगल की ओर भाग गए थे।

बीरंथुब में हुए इस एनकाउंटर के बाद से जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ की जॉइंट टीमें यहां पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मंगलवार की पूरी रात चली सर्चिंग के बाद बुधवार सुबह भी सर्च ऑपरेशन जारी है। यहां 4 आतंकियों के छिपे होने की खबर है।

सुरक्षाबल राजौरी-कोटरणका-बुधाले सड़क से गुजरने वाले वाहनों की जांच कर रहे हैं। वहीं, आज सुबह से टेरर फंडिंग केस को लेकर स्टेट इंवेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) श्रीनगर, गांदरबल, वडगाम, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपुरा और गांदरबल में छापेमारी कर रही है।

सर्च ऑपरेशन की 2 तस्वीरें…

बीरंथुब में सुरक्षाबलों की जॉइंट टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
बीरंथुब में जंगलों में 7 अक्टूबर की रात से सर्चिंग जारी है।

8 सितंबर: कुलगाम में 2 आतंकियों का एनकाउंटर हुआ था

सेना ने कश्मीर के कुलगाम में मुठभेड़ के दौरान 2 आतंकियों को मार गिराया था। गुड्डर के जंगलों में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। सेना ने इसे ऑपरेशन गुड्‌डर नाम दिया था। इस दौरान घायल हुए दो जवान भी शहीद हुए थे।

मारे गए एक आतंकी की पहचान शोपियां के रहने वाले आमिर अहमद डार के तौर पर हुई थी। वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और सितंबर 2023 से एक्टिव था। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से जारी 14 आतंकवादियों की लिस्ट में यह भी शामिल था।

पुलिस, सेना की 9RR और CRPF की एक जॉइंट टीम ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद इलाके में सर्चिंग शुरू की थी।

एनकाउंटर और फायरिंग में 7 सुरक्षाकर्मी शहीद

13 अगस्त : 13 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में हुई गोलीबारी में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया है। LoC पर गोलीबारी की यह घटना उरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर स्थित चुरुंडा गांव के पास हुई थी।

8 मई : LoC पर पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में जवान लांस नायक दिनेश कुमार शहीद हो गए थे। यह गोलाबारी जम्मू-कश्मीर के पुंछ, तंगधार और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई। शहीद दिनेश कुमार 5 फील्ड रेजिमेंट से थे।

12 अप्रैल : अखनूर में 12 अप्रैल को आतंकवादियों से मुठभेड़ में 9 पंजाब रेजिमेंट के JCO कुलदीप चंद शहीद हो गए थे। अखनूर के केरी बट्टल इलाके में एक रात पहले एनकाउंटर शुरू हुआ था।

28 मार्च : इससे पहले 28 मार्च को कठुआ में हुई मुठभेड़ में 2 आतंकी मारे गए थे। जबकि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के 4 जवान तारिक अहमद, जसवंत सिंह, जगबीर सिंह और बलविंदर सिंह शहीद हुए थे। इनके अलावा DSP धीरज सिंह समेत तीन जवान घायल हुए थे।

अगस्त में हुए 2 ऑपरेशन

  • गुरेज सेक्टर में मारे गए थे 2 आतंकी: 26 अगस्त में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में हुई एक मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे। उनमें से एक की पहचान बागू खान के रूप में हुई, जिसे ‘ह्यूमन GPS’ कहा जाता था। सुरक्षा बलों को दशकों से इसकी तलाश थी क्योंकि वह 1995 से 100 से ज्यादा घुसपैठ की कोशिशों में शामिल था।
  • कुलगाम में चला था सबसे लंबा ऑपरेशन: 1 से 12 अगस्त श्रीनगर से लगभग 70 किलोमीटर दूर कुलगाम में ऑपरेशन अखल नामक एक ऑपरेशन चलाया गया। इसमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक आतंकवादी मारा गया। इसकी पहचान पुलवामा निवासी हारिस डार के रूप में हुई थी।

22 अप्रैल : पहलगाम में आतंकी हमला, 26 टूरिस्ट्स की मौत, सेना ने​​ ऑपरेशन सिंदूर चलाया

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की हत्या की थी। इसके बाद 7 मई को भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी।

सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था। दोनों देशों के बीच 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर पर सहमति बनी थी।

28 जुलाई : सेना का ऑपरेशन महादेव, पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत 3 आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के दाचीगाम नेशनल पार्क के पास हरवान इलाके में 28 जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें पहलगाम हमले का मुख्य आरोपी हाशिम मूसा भी शामिल था।

सेना ने यह कार्रवाई ऑपरेशन महादेव के तहत की थी। बाकी दो आतंकियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई। जिबरान 2024 के सोनमर्ग सुरंग प्रोजेक्ट पर हुए हमले में शामिल था।

आतंकियों के पास से अमेरिकी M4 कार्बाइन, AK-47, 17 राइफल और ग्रेनेड मिले थे। कुछ और संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ।

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