लड़कियों को शादी के लिए 1 लाख मिलेंगे:14 नए मेडिकल कॉलेज, 3 यूनिवर्सिटी खुलेंगी, 400 करोड़ की स्कूटी बांटेंगे; 10 लाख को रोजगार
योगी सरकार ने 2027 चुनाव से पहले अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बार बजट में पिछले साल से 12% की बढ़ोत्तरी की गई है।
साथ ही 43 हजार करोड़ रुपए की नई योजनाएं शुरू करने का ऐलान हुआ है। महिलाओं के बड़े वर्ग को साधने के लिए अब बेटियों की शादी के लिए 51 हजार की जगह 1 लाख 1 हजार रुपए दिए जाएंगे।
युवा वर्ग लुभाने के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 10 लाख रोजगार देने का वादा किया है। प्रदेश में 60 मेडिकल कॉलेज हैं, 14 नए और खोले जाएंगे। 3 यूनिवर्सिटीज को भी शुरू किया जाएगा। 7 शहरों को स्मार्ट बनाएगी।
मेधावी छात्राओं को 400 करोड़ रुपए से स्कूटी बांटी जाएगी। हालांकि पिछले साल भी बजट में इसका प्रावधान किया गया था, लेकिन किसी को नहीं दी गई।
मध्यम वर्ग को घर दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद न्यू रेजीडेंशियल स्कीम लॉन्च करेगी। 34 हजार करोड़ रुपए से नार्थ-ईस्ट कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह गोरखपुर से लेकर नेपाल बॉर्डर होते हुए सहारनपुर तक जाएगा। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अब 2 की बजाय 5 रनवे बनेंगे।
योगी सरकार ने बजट का 25% इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया है। कृषि को 12%, उच्च से लेकर बेसिक एजुकेशन को 12.50 से 15% तक, जबकि हेल्थ को 6-8% राशि दी गई है। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का लोन बिना ब्याज, बिना गारंटी मिलेगा।
सरकार ने AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 225 करोड़ रुपए दिए हैं। योगी सरकार ने धार्मिक पर्यटन का इस बार भी खास ध्यान रखा है। अयोध्या और नैमिषारण्य के विकास के लिए 100-100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। सरकार प्रदेश के बड़े मंदिरों का जीर्णोद्धार भी करेगी। इसके अलावा, मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण के विकास के लिए 800 करोड़ रुपए दिए है।
छात्रों को फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़ रुपए बांटे जाएंगे। चुनाव में छुट्टा गोवंश बड़ा मुद्दा बनता है, इसलिए इनके रख-रखाव के लिए 2000 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है।
वित्त मंत्री ने 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। यह योगी सरकार 10वां बजट है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूपी सरकार ने 8.7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पेश किया था।
सेक्टर वाइज बजट में क्या घोषणाएं हुईं, पढ़िए…
इनकी उम्मीदों पर पानी फिरा
- शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को उम्मीद थी कि उनका मानदेय बढ़ाया जाएगा। विधवा, निराश्रित, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने की भी उम्मीद थी, लेकिन सभी के हाथ खाली रहे।
- उम्मीद थी कि एक अप्रैल, 2026 से यूपी में 8वां वेतनमान लागू करने की घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को भी उम्मीद थी कि उन्हें रोडवेज में मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाएगी, लेकिन यह भी नहीं हुई।

एक्सपर्ट ने बजट पर क्या कहा, जानिए
CA आशीष पाठक का कहना है, ‘सीएम योगी ने “सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध उत्तर प्रदेश” को बजट की थीम बताया है। इसीलिए बजट में सीधे तौर पर कोई चुनावी वादा नहीं किया गया।
लेकिन सरकार ने शहरों से गांवों तक राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए युवाओं, महिलाओं, किसानों और रोजगार के लिए बड़ी योजनाओं की बात की है। अब सरकार मानसून सत्र में अनुपूरक बजट के जरिए इन लोगों के लिए गेम चेंजिंग और लोकलुभावन घोषणाएं कर सकती है। यही वर्ग सरकार के चुनावी रथ को धक्का लगाएंगे।’

बजट से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बोले- यह जनता को भ्रमित करने वाला बजट
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बजट पर कहा “यह जनता को भ्रमित करने वाला बजट है। योगी जी ने इससे पहले जो बजट प्रस्तुत किया, 9-9 महीने से किसी विभाग में पैसे ही नहीं गए हैं।
मैं यूपी सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल इस पर श्वेत पत्र जारी करें और बताएं किस समय आपने कितने पैसे अलॉट किए थे। कितने खर्च हुए और किस विभाग के कितने पैसे बचे हैं।
अखिलेश का योगी पर पलटवार, गाना चलवाया- हम कयामत तक इंतजार करेंगे
अखिलेश यादव ने कहा, जब एफआईआर ही नहीं दर्ज होगी तो आंकड़े अपने आप नीचे आ जाएंगे। पहले पुलिस और अपराधी दो टीम होती थी, अब बीजेपी के भ्रष्टाचार की वजह से पुलिस और अपराधी एक टीम में आ गए हैं। भाजपा इसकी कैप्टन है।
अगर 50 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए तो उसमें कितनी जमीन पर उतरे और जमीन पर कितना निवेश हुआ। अगर हम खबरों को देखें तो समझ आता है कि महज 1 लाख करोड़ के एमओयू ही जमीन पर उतर सके। यह तो सोचने वाली बात है।
मुख्यमंत्री को पता ही नहीं कि मेट्रो क्या होती है, इसलिए गोरखपुर में सब बना लिया लेकिन मेट्रो नहीं बनाया। झांसी में वादा करके चले गए। लखनऊ में जितना हमने बनाकर छोड़ा था, उतना ही आज तक है। गोरखपुर में इन्होंने लिंक एक्सप्रेसवे बनाया, 91 किलोमीटर बनाने में 7 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। ग्रीन कॉरिडोर में भी 60 किलोमीटर बनाने में 7 हजार करोड़ रुपए खर्च कर दिए।
मुख्यमंत्री के कयामत वाले बयान पर अखिलेश यादव ने गाना चलवाया। जिसके बोल थे- हम इंतजार करेंगे, तेरा कयामत तक खुदा करे कि कयामत हो और तू आए..।
अखिलेश यादव बोले- बजट निराशाजनक रहा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह बजट निराशाजनक रहा। हमने पुलिस के लिए जो इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए, उन्हें इन्होंने बर्बाद कर दिया। हेल्थ को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए हैं, लेकिन हेल्थ सेक्टर कहां पहुंच गया है, यह सबको पता है। मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी, पीएचसी तक की हालत खराब है। इनकी मंशा है कि सरकारी स्वास्थ्य विभाग ठप पड़ जाए, ताकि लोग प्राइवेट में इलाज करवाने जाएं। कई जिलों में गलत दवाएं दी गईं, बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। फूड एडल्टरेशन में हम नंबर वन हैं।
अखिलेश यादव ने कहा, सपा का मानना है कि जो भी हॉस्पिटल पहुंचे, उसका इलाज फ्री में हो। बीजेपी तो पिछले 10 सालों से कैंसर इंस्टीट्यूट तक नहीं चला पाई है। इन्हें हटाने के लिए किसानों को एकजुट होना पड़ेगा, क्योंकि किसानों को भी इस बजट में कुछ नहीं मिला है। हमने कन्नौज में काऊ मिल्क प्लांट लगाया था, उसे बंद कर दिया और बेच दिया। किसानों के लिए ये मंडिया बना नहीं पा रहे हैं।
इन्होंने दावा किया कि हमने डेढ़ लाख से ज्यादा नौकरी दी, लेकिन उसमें पीडीए के कितने बच्चों के साथ आरक्षण का धोखा किया, यह वे नहीं बताएंगे। हमने तो पुलिस के लिए बहुत शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया था, इस सरकार ने उसे बर्बाद कर दिया। इधर हथेली गरम, उधर पुलिस नरम वाले सिद्धांत पर प्रशासन चल रहा है।
महाना बोले- विपक्ष पहले पूरा बजट पढ़े, फिर कुछ कहे
यूपी विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने कहा, “आज वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया गया। मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री की इच्छा रहती है कि जल्द से जल्द बजट का जनता के लिए उपयोग हो… विपक्ष किस बात का विरोध कर रहा है? उन्हें पहले पूरा विस्तार से पढ़ना चाहें फिर कहें…”
योगी बोले- 18 स्पोर्ट्स कॉलेज खोले जाएंगे
- सीएम योगी ने कहा- चार चीनी मिलों की क्षमता विकसित करने के प्रावधान किए गए हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे को बढ़ाने के लिए घोषणा हुई है। युवाओं को डिजिटली सशक्त बनाने के लिए टैबलेट देने की व्यवस्था की गई है। एआई मिशन, डेटा सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समेत आईटी सेक्टर में कई घोषणाएं की गई हैं।
- शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। साथ ही सीएम आवासीय विद्यालयों के लिए बजट में हमने व्यवस्था की है। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों समेत उच्चतर विद्यालयों के शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था की है।
- महिलाओं के लिए क्रेडिट कार्ड योजना चलाई जाएगी। ताकि वह छोटे-छोटे काम के लिए किसी से ऋण न लेना पड़े और उन्हें ब्याजमुक्त ऋण मिल सके। इसके लिए बजट की व्यवस्था की गई है। युवाओं को ध्यान में रखते हुए सभी 18 कमिश्नरी में स्पोर्ट कॉलेज बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था है। हर ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम, मिनी स्टेडियम, खेलो इंडिया के कार्यक्रम आगे बढ़ा रहे हैं।
- सीएम योगी ने कहा- हर व्यक्ति सुरक्षा की गारंटी चाहता है, आज यूपी उसे गारंटी दे रहा है। सुरक्षा के साथ त्वरित न्याय व्यवस्था है, यह नागरिकों और निवेशकों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण देता है। क्या कोई सोच सकता था कि यूपी में 50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश के आवेदन आएंगे। लेकिन आज यूपी में संभव हो रहा है।
- ये बजट इमर्जिंग टेक्नोलॉजी को फोकस करते हुए पेश किया गया है 2017 में सुरक्षा का वातावरण नहीं था, यूपी का परसेप्शन दुनिया में खराब था। कोई सुरक्षा नहीं थी इसलिए कोई भी आता नहीं था। लेकिन पिछले एक साल में 121 करोड़ पर्यटक यूपी के अलग-अलग धार्मिक स्थलों में आए।
सीएम बोले- बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया
सीएम बोले- बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया। एमएसएमई, कौशल विकाश के साथ रोजगार जनरेटर के रूप में यूपी का बढ़ना तय है। हम जन विश्वास सिद्धांत के रूप में आगे बढ़ रहे। निवेशकों को सिंगल विंडो सुविधा दी जा रही है। हमने इज आफ डूइंग में अच्छा किया है। इसके लिए रूल आप लॉ रियल ग्रोथ की गांरटी है। आज यूपी सुरक्षा की गारंटी दे रहा है।
अन्नदाता किसान देश की अर्थव्यवस्था ओर उसके विकास की धुरी हैं। अन्नदाता केवल लाभार्थी नहीं विकास का आधार हैं। अन्नदाता से उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बजट में इसका प्रावधान है। हम ट्यूबवेलों को फ्री बिजली दे रहे हैं। किसान को कुसुम योजना का भी लाभ दिलाएंगे। गन्ना के साथ दलहनी और तिलहनी यानी सहफसली खेती की ओर आगे बढ़ेंगे। इससे और लाभ होगा। इसके लिए हमने बजट में प्रावधान किया है।
नोएडा एयरपोर्ट को विकसित करने की योजना बनाई है। एआई के प्रयोग की घोषणा की गई है। अन्न भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। बड़े-बड़े गोदाम बनें, इसके लिए सब्सिडी देंगे। पशुओं के स्वास्थ्य के लिए बीमा होगा। बीमा राशि का 50 फीसदी तक प्रीमियम सरकार देगी।
योगी बोले- पहली बार किसी सीएम को दसवां बजट पेश करने का मौका मिला
सीएम योगी ने बजट को लेकर कहा, पिछले 9 वर्ष के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। 9 साल में तीन गुना से अधिक बढ़ा है। बजट की थीम कहूं तो यह सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम है। आज यूपी तकनीक से समृद्ध हो रहा है।
- उन्होंने कहा- 43,565 करोड़ रुपए की धनराशि नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित है। 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च नए निर्माण पर खर्च कर रहे हैं। यहीं से रोजगार और विकास की गति मिलती है।
- ये हमारी सरकार का 10वां बजट है। यह पहली बार हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री को 10वीं बार बजट पेश करने का मौका मिला हो। इन 9 सालों में एक भी अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया गया है। यूपी में जो कर चोरी की शिकायतें थीं, उसे रोका गया। बीमारू राज्य से निकालकर देश के सामने रेवेन्यू प्लस राज्य के रूप में प्रस्तुत करने में सफलता प्राप्त की है।
बजट पर शिवपाल का तंज, ‘कागजी’ बजट मुबारक हो
बजट पर शिवपाल ने तंज कसा। उन्होंने कहा- उत्तर प्रदेश का ‘कागजी’ बजट मुबारक हो! यूपी की जनता को एक बार फिर “सपनों का अमृत” पिलाया गया है।
विकास केवल विज्ञापनों में दौड़ रहा है और हकीकत की सड़कों पर गड्ढे आज भी अपनी गिनती का इंतजार कर रहे हैं। बेरोजगारों की डिग्रियां अलमारी में है और सरकार का डेटा फाइलों में मुस्कुरा
पुलिस कर्मियों के वाहन खरीदने के लिए 25 करोड़ मिलेंगे
- 2016 की तुलना में डकैती में 89%, लूट में 85%, हत्या में 47%, बलवा में 70% और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 62% की कमी आई है।
- महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है। 2016 के मुकाबले हत्या में 48%, दहेज मृत्यु में 19%, बलात्कार में 67% और शील भंग के मामलों में 34% की कमी हुई है।
- अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े अपराधों में भी गिरावट आई है। हत्या में 43%, आगजनी में 94%, बलात्कार में 32% और गंभीर चोट के मामलों में 10% की कमी दर्ज की गई है।
- पुलिस के गैर-आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ और आवासीय भवनों के लिए 1,243 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है।
- नए जिलों में पुलिस भवनों के निर्माण के लिए 346 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
- अग्निशमन केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करने और नए केंद्रों को पूरी तरह चालू करने के लिए 190 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
- मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिसकर्मियों के लिए वाहन खरीदने को 25 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है।
वित्त मंत्री ने चार शायरियां पढ़ीं
- सितारा बनकर आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं, जो अपने आप को पसीने में।
- ये बात अलग है कि तुम ना बदलो मगर जमाना बदल रहा है गुलाब पत्थर पर खिल रहा है। चिराग आंधी में जल रहा है।
- यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है। दिया जला के रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है।
- “बड़ी मुश्किल से कोई सुबह मुस्कुराती है, और गम हर शाम दबे पांव चली आती है कि वक्त लगता ही नहीं जिंदगी बदलने में, बदलने में वक्त जिंदगी लग जाती है …
आयुष सेवाओं के लिए 2,867 बजट मिला
- आयुष सेवाओं के लिए करीब 2,867 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है।
- प्रदेश में इस समय 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी और 1,585 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं। इसके अलावा 8 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, 2 यूनानी मेडिकल कॉलेज और 9 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज अपने संबंधित अस्पतालों के साथ काम कर रहे हैं।
- आयुर्वेद और यूनानी अस्पतालों में अच्छी और प्रमाणित दवाइयों की आपूर्ति के लिए प्रदेश में लखनऊ और पीलीभीत में दो सरकारी औषधि निर्माणशालाएं चल रही हैं। सरकार इन्हें मजबूत करने और इनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और हथकरघा को क्या मिला, जानिए
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME)
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए 3,822 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 19 प्रतिशत ज्यादा है।
- एमएसएमई सेक्टर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस क्षेत्र से प्रदेश में करीब 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे यूपी देश में अग्रणी है।
- एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई योजना सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन शुरू करने जा रही है। इसके लिए 575 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके तहत हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जाएगा।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है।
- नई योजना “एक जनपद, एक व्यंजन” के लिए 75 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
हथकरघा और वस्त्रोद्योग
- हथकरघा और वस्त्रोद्योग से जुड़ी योजनाओं के लिए 5,041 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है, जो पिछले साल से पांच गुना से भी ज्यादा है।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 में वस्त्रोद्योग क्षेत्र में 30 हजार नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- प्रदेश को गारमेंटिंग हब बनाने के लिए पीएम मित्र पार्क योजना के तहत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जा रहा है।
- हथकरघा और पावरलूम बुनकरों के हित में अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिए 4,423 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- उत्तर प्रदेश वस्त्र और गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के लिए 150 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है
लड़कियों को स्कूटी के लिए 400 करोड़ रुपए दिए जाएंगे
- योगी सरकार ने उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए बजट में खास ध्यान दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 6,591 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 7 प्रतिशत ज्यादा है।
- मेधावी छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 400 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस योजना में योग्य छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी, ताकि उन्हें कॉलेज और विश्वविद्यालय आने-जाने में सुविधा मिल सके।
- युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- सरकार नए विश्वविद्यालयों की स्थापना पर भी जोर दे रही है। विंध्याचल मंडल में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर), मुरादाबाद मंडल में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद) और देवीपाटन मंडल में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) के लिए 50-50 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव है।
- इसके अलावा शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए नई योजना के तहत 21 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
- सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में उच्च शिक्षा का विस्तार होगा और युवाओं को बेहतर शैक्षिक अवसर मिलेंगे।
चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ मिला
- चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत ज्यादा है।
- जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम पूरे प्रदेश में लागू है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है।
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हर ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों की जांच कर रही हैं।
- 8 दिसंबर 2024 से चले पल्स पोलियो अभियान में प्रदेश भर में 3 करोड़ 28 लाख से ज्यादा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।
- जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए प्रदेश के 42 संवेदनशील जिलों में टीकाकरण अभियान लगातार चल रहा है।
- आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 49.22 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- प्रदेश के सभी 75 जिलों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
- बीमारियों पर नजर रखने के लिए एकीकृत रोग निगरानी पोर्टल पर 16 संक्रामक रोगों, 6 टीकाकरण से बचाव योग्य बीमारियों और कोविड-19 की नियमित रिपोर्टिंग की जा रही है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए लगभग 8,641 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है।
- आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है
14 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे
- चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है।
- प्रदेश में इस समय कुल 81 मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं।
- अभी 60 जिलों में मेडिकल कॉलेज की सुविधा है। बाकी 16 जिलों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं।
- सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें 2017 में 4,540 थीं, जिन्हें बढ़ाकर 12,800 कर दिया गया है।
- इसी तरह पीजी सीटों की संख्या 2017 में 1,221 थी, जो अब बढ़कर 4,995 हो गई है।
- 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
- गंभीर और असाध्य रोगों के इलाज के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा देने हेतु 130 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
मजदूरों के लिए लेबर अड्डे बनाए जाएंगे
- अपने घर और गांव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण किया जाएगा।
- ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता होने पर 2 लाख रुपए और आंशिक दिव्यांगता होने पर 1 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है।
- प्रदेश में पहली बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए मोबाइल हेल्थ वैन की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है।
- प्रदेश और देश के बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है, ताकि इच्छुक श्रमिकों को बेहतर नौकरी मिल सके।
पुलिस विभाग में 2.19 लाख भर्तियां की गईं
- 2017 से अब तक पुलिस विभाग में 2 लाख 19 हजार से ज्यादा भर्तियां की गई हैं। इनमें 1.83 लाख पुरुष और 35 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 1.58 लाख पुलिसकर्मियों को पदोन्नति भी दी गई है।
- पुलिस विभाग में चयनित 60,244 सिपाहियों का प्रशिक्षण चल रहा है। वहीं, अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
- मिशन रोजगार के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1,939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक और 219 प्रधानाचार्यों सहित कुल 8,966 नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं।
- 2017 से अब तक सहायता प्राप्त गैर-सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया है।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिए जा रहे हैं, ताकि वे छोटे उद्योग शुरू कर सकें। हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
- मनरेगा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 20 करोड़ से ज्यादा मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है। इस योजना से 47 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार मिला है।
एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में यूपी नंबर वन
- सरकार की अवस्थापना-आधारित विकास नीति का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंड-लॉक्ड राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है।
- कृषि के क्षेत्र में भी प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा जैसे प्रमुख फसलों के उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का योगदान सबसे अधिक है।
- सिंचाई सुविधाओं में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्ष 2016-17 में जहां सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वहीं 2024-25 तक यह बढ़कर करीब 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है। इसी तरह फसल सघनता भी 2016-17 में 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 193.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
- ऊर्जा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2016-17 में 5,878 मेगावॉट रही ताप विद्युत उत्पादन क्षमता, दिसंबर 2025 तक बढ़कर 9,120 मेगावॉट हो गई है, जो करीब 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है।
देश के 65 फीसदी मोबाइल का उत्पादन यूपी में
- उत्तर प्रदेश अब भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन गया है। देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन का करीब 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। इसके साथ ही भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां भी उत्तर प्रदेश में स्थापित हैं। इससे प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
- उद्योग और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ते निवेश के साथ-साथ नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर यह हुआ है कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर श्रेणी” में स्थान मिला है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और उद्यमिता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अयोध्या को 100 करोड़ मिलेंगे, स्मार्ट फोन टैबलेट बांटे जाएंगे
- अयोध्या के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए प्रस्तावित।
- फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़ रुपए प्रस्तापित।
- जेवर एयरपोर्ट पर पांच रनवे बनाया जाएगा।
मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर को 800 करोड़ मिलेंगे
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी नई योजनाओं के लिए 800 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
- नई सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
- लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के प्रबंधन, संचालन, सुरक्षा और रखरखाव के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल एंप्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 575 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है।
- कृषि और इससे जुड़ी योजनाओं के लिए कुल बजट का 9 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है।
- उत्तर प्रदेश में एआई मिशन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
कौशल विकास और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे
- सरकार ने अपने कार्यकाल में अब तक गन्ना किसानों को 3 लाख 4 हजार 321 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया है। यह रकम पिछले 22 वर्षों में किए गए कुल गन्ना भुगतान से करीब 90 हजार करोड़ रुपए अधिक है।
- पीपी मॉडल के तहत अलग-अलग जिलों में कौशल विकास और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनके लिए अलग से कौशल विकास केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
केंद्र से यूपी को क्या मिला, वित्त मंत्री ने बताया
- केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को दो हाई स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ीसे जोड़ा गया है।
- बजट में प्रदेश के पुरातात्विक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों सारनाथ और हस्तिनापुर के विकास की योजना भी शामिल की गई है।
- हर जिला अस्पताल में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की स्थापना।
- प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल और 10 हजार टूरिस्ट गाइडों के कौशल विकास का प्रावधान किया गया है।
- केंद्र सरकार ने डायबिटीज और कैंसर की दवाओं के दाम कम करने की घोषणा भी की है, जिसे एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।
डेटा सेंटर क्लस्टर्स बनेंगे, एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना होगी
- उत्तर प्रदेश में डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स की स्थापना की जाएगी।
- प्रदेश में एआई मिशन की स्थापना और टेक युवा समर्थ युवा योजना लाई जाएगी।
- इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए टेक्नोलॉजी मिशन की स्थापना की जाएगी।
- विश्व बैंक की सहायता से यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी।
- डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित किया जायेगा। कृषि वितरण एवं निर्यात को बढ़ावा देने की योजना लाई जायेगी। त्वरित आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना लाई जा रही है।
वित्त मंत्री बोले- 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए
- वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने सरकार की उपलब्धियों और प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार बेहतर हुई है। वर्ष 2018-19 में प्रदेश 29वें स्थान पर था, जो 2023-24 में सुधरकर 18वें स्थान पर पहुंच गया है।
- वित्त मंत्री ने कहा कि फरवरी 2024 में प्रदेश में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया गया। इसके तहत अब तक करीब 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
- उन्होंने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों में से अब तक करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से ज्यादा परियोजनाओं के लिए चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं, जिससे निवेश को जमीन पर उतारा जा रहा है।
सीएम योगी-वित्त विधानसभा पहुंचे, विक्ट्री साइन दिखाया
