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कृषिमंत्री शिवराज पंजाब बाढ़ में कमर तक पानी में उतरे:किसानों से फसलों का हाल जान रहे; बोले- 2 केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन कर रहीं

कृषिमंत्री शिवराज पंजाब बाढ़ में कमर तक पानी में उतरे:किसानों से फसलों का हाल जान रहे; बोले- 2 केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन कर रहीं

अमृतसर1 घंटे पहलेलेखक: अनुज शर्मा,अमित शर्मा
पानीपत में घुसकर फसलों की वास्विकता को देखते हुए कृषिमंत्री शिवराज चौहान।

बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात का जायजा लेने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज पंजाब दौरे पर हैं। अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय मंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्र अजनाला पहुंचे। यहां वह किसानों से मिले। किसानों ने उन्हें खराब हुई फसलों के बारे में बताया। उनके साथ कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला और BJP जनरल सेक्रेटरी तरुण चुग मौजूद रहे।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री डेरा बाबा नानक एरिया में पहुंचे। इस दौरान वह ट्रैक्टर में सवार थे। ट्रैक्टर पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ चला रहे थे। यहां केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ के पानी में उतरकर लोगों से बात की।

कांग्रेस विधायक अरूणा चौधरी ने कहा कि हर साल इन इलाकों में बाढ़ आती है। तीन महीने के लिए इन इलाकों के लोगों को अस्थाई पुल हटा दिया जाता है। वहां पर आने-जाने कोई रह सकता। सन्नी दियोल ने एक करोड़ के क़रीब पैसा भेजा था, लेकिन पुल नहीं बन पाया।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री से अमृतसर हवाई अड्‌डे पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुलाकात की और 5 जिलों में नुकसान की रिपोर्ट सौंपी। इनमें अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और फिरोजपुर शामिल हैं।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पंजाब भेजा है, ताकि वह जमीनी हालात का सीधा आकलन कर सकें। इसके बाद वह बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने रवाना हुए।

शिवराज ने कहा कि पंजाब हमेशा देश की सेवा में सबसे आगे रहा है। आज जब राज्य बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है, तब केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब के साथ खड़ी है।

कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र की दो टीमें पहले ही पंजाब पहुंच चुकी हैं। ये टीमें अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसे प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा।

शिवराज के दौरे के PHOTOS…

डेरा बाबा नानक में केंद्रीय मंत्री बाढ़ के पानी उतरे और लोगों को ढांढस बंधाया।
अजनाला में किसान से उसकी फसल के बारे में बात करते केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान।
अमृतसर पहुंचने पर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान।
गवर्नर से मुलाकात कर राज्य के हालातों के बारे में लेते मंत्री शिवराज।
पूर्व कैबिनेट मंत्री व अजनाला से विधायक कुलदीप धालीवाल ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात।

शिवराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही ये 4 अहम बातें…

  • पंजाब देश का गौरव है: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब हमेशा से देश की शान रहा है। जब भी देश पर संकट आया, पंजाब ने उसे अपने सीने पर झेला है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा में पंजाब की भूमिका बेहद अहम रही है और इसके लिए वह पंजाब को प्रणाम करते हैं।
  • 1400 गांवों पर बाढ़ का असर: शिवराज ने बताया कि अब तक 1400 गांवों के प्रभावित होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वह खुद इन गांवों का दौरा करेंगे और लोगों से मिलकर उनकी परेशानियां समझेंगे। साथ ही फसलों और संपत्ति को हुए नुकसान का भी जायजा लेंगे।
  • केंद्र सरकार पूरी तरह साथ खड़ी है: शिवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें हालात का आकलन करने के लिए पंजाब भेजा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में पंजाब के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी। उनके साथ केंद्रीय मंत्री बिट्टू, जाखड़ और पार्टी महासचिव भी रहेंगे।
  • केंद्रीय टीमें करेंगी नुकसान का आकलन: उन्होंने बताया कि आज दो केंद्रीय टीमें पंजाब पहुंच चुकी हैं। इनमें कृषि, ग्रामीण विकास, सड़क, ऊर्जा, वित्त और जल शक्ति विभाग के अधिकारी शामिल हैं। ये टीमें प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का विस्तृत आकलन करेंगी और अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेंगी।शिवराज ने कहा कि अभी उनका पूरा ध्यान लोगों की सेवा और राहत कार्यों पर है, इसलिए फिलहाल वह किसी सवाल का जवाब नहीं देंगे।
डेरा बाबा नानक इलाके में केंद्रीय मंत्री ट्रैक्टर पर सवार दिखे। इसे पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ चला रहे थे।

गुरदासपुर में बोले मंत्री- किसान की फसल के साथ जिंदगी बर्बाद होती है

गुरदासपुर एरिया में मंत्री शिवराज चौहान ने लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कोई भी फसल हो, मैंने गन्ने की फसल को बर्बाद होते देखा है। जब फसल बर्बाद होती है तो वो फसल नहीं, बल्कि किसान की जिंदगी भी बर्बाद होती है। उसके बच्चों का भविष्य बर्बाद होता है। घरों में पानी भर रहा है, इससे घरों को नुकसान पहुंचा है। घर गिरने लगे हैं। मवेशी जो बंधे थे, वह बचे नहीं हैं। जो खुले थे, जहां जगह मिली वहां चले गए। वह सीमा पार भी चले गए। यह जल प्रलय की स्थिति है।

आपको निवेदन करने आया हूं, आपका नुकसान आंखों से देखा है। केंद्रीय टीम भी बाढ़ ग्रस्त एरिया का दौरा करेगी। मैं सिर्फ इतना ही कहने आया हूं कि संकट है, तकलीफ है। लेकिन इस संकट से पार निकालकर आपको ले जाएंगे। हर संभव मदद केंद्र सरकार भी करेगी। यह तो वह प्रदेश है, जब भी देश पर संकट आया है तो सबसे पहले अपने सीने पर सहने का काम किया।

आज आपके पास एक सेवक की तरह आया हूं। क्योंकि हर किसान से चर्चा संभव नहीं होती है। लेकिन स्थिति मैंने खुद देखी है। जो समाधान हो सकते हैं, वैसे समाधान करने से कसर नहीं छोड़ सकते हैं।

3 तस्वीरों में देखें, पंजाब में क्या बने हालात

बाढ़ के कारण किसी पर दीवार गिर गई तो किसी के घरों के अंदर तक पानी घुस गया, हालांकि इस दौरान प्रशासन की ओर से लोगों को पूरी मदद देने का प्रयास किया गया।
दीनानगर एरिया में एनडीआरएफ की टीमें लोगों को बाढ़ प्रभावित एरिया से निकालते हुए।
अजनाला में सड़कें टूटी हुई, लोगों को नावों में बाढ़ प्रभावित एरिया से निकाला गया।

23 जिलों में बाढ़ का असर, 1655 गांव डूबे पंजाब में अमृतसर से लेकर तरनतारन तक कुल 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, नवांशहर, मोहाली, संगरूर और मुक्तसर शामिल हैं।

राज्य के 1655 गांवों में पानी भर गया है। अमृतसर के 390, गुरदासपुर के 324, बरनाला के 37, बठिंडा के 13, फिरोजपुर के 111, होशियारपुर के 121, कपूरथला के 178, लुधियाना के 216 और मानसा के 114 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा पटियाला के 29, रूपनगर के 3 और तरनतारन के 70 गांवों में भी पानी घुसा हुआ है।

3.55 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित कुल 3,55,709 से अधिक लोग अब तक प्रभावित हो चुके हैं। सबसे ज्यादा असर अमृतसर (1,75,734), गुरदासपुर (1,45,006) और फाजिल्का (21,526) में देखने को मिला है। इसके अलावा फिरोजपुर, कपूरथला, मोगा, संगरूर और मोहाली में भी हजारों लोग संकट में हैं

इसके साथ ही अब तक 12 जिलों में 37 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें अमृतसर (4), बरनाला (5), बठिंडा (3), होशियारपुर (7), जालंधर (9), कपूरथला (3), पठानकोट (5) और संगरूर (1) शामिल हैं।पठानकोट जिले से 3 लोग लापता हैं। वहीं पशुधन हानि का सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन बड़ी संख्या में पशु बाढ़ की चपेट में आए हैं।

19,474 लोगों को सुरक्षित निकाला गया कुल 19,474 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया है। इनमें अमृतसर से 2734, बरनाला से 389, बठिंडा से 290, होशियारपुर से 3451, कपूरथला से 5615, जालंधर से 1428, मोगा से 195, रूपनगर से 615, पठानकोट से 1139 और तरनतारन से 1234 लोग शामिल हैं।राज्यभर में 167 राहत शिविर सक्रिय हैं, जिनमें अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मोगा, मोहाली, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, संगरूर और एसएएस नगर शामिल हैं।इन शिविरों में 1557 लोग रह रहे हैं। अमृतसर में 381, बरनाला में 390, फरीदकोट में 796, कपूरथला में 57, मानसा में 15, मोगा में 3, तरनतारन में 10 और पठानकोट में 47 लोग ठहरे हुए हैं।सरकार ने कहा है कि नुकसान का वास्तविक आकलन पानी उतरने के बाद ही संभव होगा, लेकिन अभी तक जनहानि, पशुधन और मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।

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