DC के सामने यमुना में लाश बहती आई:5 राज्यों को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे डूबा, मारकंडा, टांगरी-बेगना नदी ओवरफ्लो
हरियाणा में बारिश के बाद हालात बिगड़े हुए हैं। हथिनीकुंड बैराज के फ्लड गेट लगातार चौथे दिन (1 सितंबर सुबह 4 बजे से) खुले हुए हैं। इसमें अभी भी 1 लाख क्यूसेक के डेंजर लेवल से ज्यादा पानी आ रहा है। 7 बजे 1 लाख 36 हजार 844 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े पानी से दिल्ली जाती यमुना का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इससे यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत के यमुना से सटे इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। वहीं दिल्ली के औखला बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद फरीदाबाद में यमुना का जलस्तर डेंजर लेवल पर पहुंच गया है।
कुरुक्षेत्र के जलबेहड़ा में मारकंडा नदी का लेवल डेंजर लेवल पार कर गया है। यहां नदी का डेंजर लेवल 5 फुट है, लेकिन 14 हजार क्यूसेक पानी आने से 6.7 फुट पानी बह रहा है।
इससे पहले मारकंडा में नैंसी गांव के पास दरार पड़ चुकी है, जिसकी वजह से आसपास के खेतों में पानी घुस गया। मारकंडा का पानी ठसका मीरांजी गांव को क्रॉस करके हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 152 पर आ गया है।
अंबाला में टांगरी-मारकंडा और उसकी सहायक नदी बेगना उफान पर हैं। इसकी वजह से बाढ़ का पानी अंबाला-रुड़की नेशनल हाईवे-344 के ऊपर से बह रहा है। हाईवे की एक साइड बंद करनी पड़ी है।
एक ही तरफ से ट्रैफिक गुजरने से यहां जाम की स्थिति है। यह हाईवे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच कड़ी है। इस वजह से 5 राज्यों के वाहन जाम में फंस रहे हैं।
फरीदाबाद से गुजरने वाली यमुना नदी में शव बहता हुआ दिखाई दिया। उस दौरान पुल के ऊपर DC विक्रम सिंह यादव भी मौजूद थे। उन्होंने शव को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को निर्देश दिए, लेकिन यमुना के तेज बहाव के कारण शव पलवल की ओर बह गया।
आज सोनीपत, पानीपत, चरखी दादरी और झज्जर में बारिश हुई। इस दौरान सिरसा के ढाणी 400 में मकान की छत गिर गई। इसमें परिवार सुरक्षित है। फतेहाबाद जिले के गांव रामसरा में ड्रेन की मरम्मत करने के दौरान एक मनरेगा मजदूर को हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान निगे सिंह (42) निवासी ढिंगसरा निवासी के रूप में हुई है।
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प्रदेश में नदियों की क्या स्थिति…
- यमुना: फरीदाबाद में यमुना में 2 लाख 44 हजार 478 पानी बह रहा है। इस वजह से यमुना से सटे 12 गांवों में पानी घुस गया है।
- मारकंडा: कुरुक्षेत्र में गुरुवार शाम को मारकंडा नदी का जलस्तर 35 हजार 595 दर्ज किया गया। मारकंडा से सटे 8 गांव में भी पानी का लेवल बढ़ा है। शाहाबाद में SDRF की टीमें राहत कार्यों में लगी है। इसके अलावा इस्माइलाबाद और झांसा में हाई-अलर्ट घोषित किया गया है। इस्माइलाबाद के पास नैसी में मारकंडा के तेज बहाव के कारण तटबंध टूटा हुआ है, जिसे रिपेयर किया जा रहा है। मुलाना में ब्राह्मण माजरा के पास हाईवे पर खराब हालात हैं।
- घग्गर: कैथल के गुहला क्षेत्र में घग्गर नदी का जलस्तर 23 फीट तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान पर है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। संभावित बाढ़ के खतरे को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
- टांगरी: सुबह 4 बजे अंबाला में टांगरी नदी का जलस्तर 41 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। इस कारण कई इलाकों में 5-5 फीट तक पानी भर गया था। सुबह 9 बजे के बाद पानी का स्तर घटने लगा और यह घटकर 25 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। इससे निचले इलाकों में राहत मिलने लगी है
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