केंद्र ने 5 राज्यों के राज्यपाल बदले:पूर्व गृह सचिव अजय भल्ला मणिपुर, वीके सिंह मिजोरम गवर्नर बने; आरिफ मोहम्मद केरल से बिहार भेजे गए
नई दिल्ली9 मिनट पहले
केंद्र सरकार ने मंगलवार शाम को 3 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्ति किए, जबकि दो राज्यों में राज्यपालों की अदला-बदली की।
पूर्व गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को मणिपुर का राज्यपाल और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह को मिजोरम का नया गवर्नर बनाया गया है। इसके अलावा डॉ. हरि बाबू कंभमपति को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया है।
उधर बिहार और केरल के राज्यपालों की अदल-बदली की गई। केरल के मौजूदा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का और बिहार के मौजूदा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को केरल भेजा गया है।
राज्य मौजूदा राज्यपाल नई नियुक्ति
मिजोरम डॉ. हरि बाबू कंभमपति पूर्व सेना प्रमुख वी के सिंह
मणिपुर
लक्ष्मण आचार्य
अनुसुइया उइके को हटाने के बाद आचार्य को प्रभार दिया गया था।
अजय कुमार भल्ला
ओडिशा रघुवर दास (इस्तीफा दिया) डॉ. हरि बाबू कंभमपति
बिहार राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर आरिफ मोहम्मद खान
केरल आरिफ मोहम्मद खान राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
पूर्व गृह सचिव हैं मणिपुर के नए राज्यपाल अजय कुमार भल्ला
अजय कुमार भल्ला पूर्व गृह सचिव रह चुके हैं। सर्विस के दौरान केंद्र सरकार ने 4 बार उनका सेवा विस्तार किया था। अजय कुमार को लंबा प्रशासनिक अनुभव है। उनकी मणिपुर में नियुक्ति इस नजरिए से भी खास समझी जा सकती है है कि मणिपुर में मई 2023 में जातीय हिंसा शुरु हुई थी जो अब भी जारी है।
मणिपुर हिंसा को 600 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान अब तक 237 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 1500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए, 60 हजार लोग घर छोड़कर रिलीफ कैंप में रह रहे हैं। अब तक 11 हजार FIR दर्ज की गईं हैं और 500 लोगों को अरेस्ट किया गया है। पूरे राज्य में सेंट्रल आर्म्ड फोर्सेज की 288 कंपनियों में करीब 40 हजार जवान तैनात हैं।
जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह, दो बार केंद्र मंत्री भी रहे
जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह ऐसे पहले आर्मी चीफ हुए, जिन्होंने कमांडो की ट्रेनिंग ले रखी है। जनरल सिंह आजाद हिंदुस्तान के 26वें आर्मी चीफ रहे हैं। जनरल के पिता आर्मी में ही कर्नल और दादा जूनियर कमीशंड ऑफिसर थे।
16 दिसंबर 1971 के भारत-पाकिस्तान वॉर में वीके सिंह भी शामिल हुए थे। सिंह को ऑपरेशन पवन के दौरान उनकी विशिष्ट सेवा के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
वे मोदी सरकार में दो बार 2014-19 तक विदेश राज्य मंत्री रहे। दूसरी बार 2019-24 तक नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे।
केरल सीएम रहते हुए राज्य सरकार के निशाने पर रहे
केरल का राज्यपाल रहने के दौरान आरिफ मोहम्मद काफी चर्चा में रहे। केरल सीएम पिनाराई विजयन ने उन पर आरोप लगाया था कि वे उनके कई बिलों को मंजूरी नहीं दे रहे, जबकि इन बिलों को विधानसभा पास कर चुकी है।विजयन, आरिफ मोहम्मद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी गए थे। कोर्ट ने 20 नवंबर 2023 को गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान के ऑफिस को नोटिस दिया था।
ऐसे ही आरिफ मोहम्मद ने आरोप लगाया था कि केरल राज्य में स्मगलिंग करने वालों को CM ऑफिस से संरक्षण मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था- मुझ पर मुख्यमंत्री आरोप लगा रहे हैं कि मैं विश्वविद्यालय के पदों पर RSS के लोगों की भर्ती करना चाहता हूं। अगर एक भी ऐसा उदाहरण मिलता है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।
आंध्र विश्वविद्यालय एसोसिएट प्रोफेसर रहे हैं कंभमपति
डॉ. हरि बाबू कंभमपति आंध्र विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रहे हैं। 1993 में वॉलेंटरी रिटायरमेंट लेकर वे राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हुए थे। 2014 में विशाखापट्टनम लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं।
आर्लेकर शुरुआत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े, इसके बाद वे भाजपा में शामिल हुए। वे गोवा भाजपा के महासचिव और दक्षिण गोवा के अध्यक्ष रहे हैं।
2014 में जब गोवा सीएम मनोहर पर्रिकर को रक्षा मंत्री बनाया गया था, तब सीएम पद के लिए आर्लेकर का नाम सबसे आगे था। लेकिन उनकी जगह लक्ष्मीकांत पारसेकर को नया सीएम चुना गया था।
