Headlines

राहुल का आरोप, ट्रेड डील से कपास किसानों को नुकसान:सोशल मीडिया पोस्ट में बोले- व्यापार समझौता आगे कुआं, पीछे खाई की हालत में फंसाने वाला जाल

राहुल का आरोप, ट्रेड डील से कपास किसानों को नुकसान:सोशल मीडिया पोस्ट में बोले- व्यापार समझौता आगे कुआं, पीछे खाई की हालत में फंसाने वाला जाल

नई दिल्ली3 घंटे पहले
राहुल गांधी ने X पर वीडियो मैजेस पोस्ट किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील से कपास उगाने वाले किसानों और कपड़ा उद्योग पर उल्टा असर पड़ेगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शनिवार को अपने वीडियो पोस्ट में राहुल ने आरोप लगाया कि 18% टैरिफ बनाम 0% समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं, और किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।

राहुल बोले- अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग तबाह हो जाएगा

राहुल बोले- बांग्लादेश भारत से कपास आयात बंद कर सकता है

पोस्ट में राहुल ने कहा कि बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है – शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें।

राहुल ने बताया कि भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया – अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।

आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई? और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है – या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल?

पोस्ट में राहुल बोले अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा। और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।

राहुल ने कहा- बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है

राहुल ने वीडियो पोस्ट यह भी कहा-

  • भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोजगारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना।
  • एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स – दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती। लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024