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शाह बोले- कांग्रेसी सरकारों ने शरणार्थियों को नागरिकता नहीं दी:इसकी वजह उनकी तुष्टिकरण की नीति; CAA में मुस्लिमों की सिटिजनशिप छिनने का प्रावधान नहीं

शाह बोले- कांग्रेसी सरकारों ने शरणार्थियों को नागरिकता नहीं दी:इसकी वजह उनकी तुष्टिकरण की नीति; CAA में मुस्लिमों की सिटिजनशिप छिनने का प्रावधान नहीं

अहमदाबाद3 घंटे पहले
रक्षाबंधन के मौके पर अमित शाह दो दिन के दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) सिर्फ देश के लाखों लोगों को शरण देने का ही कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देश में बस रहे शरणार्थियों को न्याय देने का नाम है। पहले की कांग्रेस सरकारों की तुष्टिकरण की नीति के चलते 1947 से 2014 तक जो लोग देश की भारत की शरण में आए, उनको कभी न्याय नहीं मिल सका।

शाह ने ये भी कहा कि ये लोग पड़ोसी देश में भी प्रताड़ित हुए और यहां भी प्रताड़ित होते रहे। लाखों-करोड़ों लोग अपने देश में ही तीन पीढ़ियों तक न्याय के लिए तरसते रहे। इंडी अलायंस की तुष्टिकरण की नीति ने इनको इंसाफ नहीं दिया, लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार ने इन्हें न्याय दिया।

CAA में मुस्लिमों की नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं- शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने मुस्लिमों को भी आश्वासन दिया कि CAA में किसी की भी नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं है, क्योंकि यह नागरिकता देने के बारे में है। पिछली सरकारों ने करोड़ों घुसपैठियों को देश में घुसने की अनुमति दी और उन्हें गैरकानूनी तरीके से नागरिक बनाया।

अमित शाह दो दिन के दौरे पर रविवार (18 अगस्त को) अहमदाबाद पहुंचे। उन्होंने शहर में 1003 करोड़ के विकास कार्यों की शुरुआत की। इसके बाद कार्यक्रम स्थल के बाहर सफाईकर्मियों और स्कूली बच्चों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने CAA के तहत नागरिकता पाने वाले लोगों से भी चर्चा की।

पड़ोसी देशों से आए लोगों ने CAA का समर्थन किया था।

गृह मंत्री बोले- कांग्रेस को उसके वोट बैंक के नाराज होने का डर था
शाह ने कहा- मैं आज CAA के बारे में बताना चाहता हूं कि यह देश में लागू क्यों हुआ। दरअसल, किसी भी देश का विभाजन धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए। भारत का विभाजन धर्म के आधार पर किया गया।जब भारत का विभाजन धर्म के आधार पर किया तो भयानक दंगे हुए। ये स्वाभाविक था। भारत के करोड़ो लोग ये भूल नहीं सकते कि पड़ोसी देशों में रहने वाले हिंदू, जैन, सिखों को कितनी वेदना झेलनी पड़ी। परिवार के परिवार उजड़ गए। इससे ज्यादा अत्याचार पूरी दुनिया में कहीं नहीं हुआ।

उस वक्त विभाजन का फैसला तो किया, जब उसके परिणाम आने लगे तो कांग्रेस के सभी नेताओं ने वादा किया था कि पड़ोसी देशों से जो शरणार्थी आते हैं, उनको नागरिकता दी जाएगी। भारत अपने यहां उनका स्वागत करेगा। करना भी चाहिए था, लेकिन जैसे-जैसे चुनाव आते गए, कांग्रेस नेता अपने फैसले से मुकरते चले गए।

शाह के मुताबिक, 1947 में किया गया जवाहर लाल नेहरू का वादा भुला दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया कि कांग्रेस को लगा कि इससे हमारा वोट बैंक नाराज हो जाएगा। लेकिन नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के बाद इन्हीं लोगों को नागरिकता देने के लिए CAA लागू किया गया। इसके बाद ही शरणार्थियों को देश में सही जगह मिल पाई और देश इस बात को कभी नहीं भूल सकता।

शाह ने पूछा- बांग्लादेश में बाकी के हिंदू कहां गए
केंद्रीय गृह मंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा को लेकर भी टिप्पणी की। कहा- बांग्लादेश में विभाजन के वक्त 27 प्रतिशत हिंदू थे, आज वे 9 फीसदी हैं, बाकी के हिंदू कहां गए? बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा एक साजिश का हिस्सा थी।

अहमदाबाद में 1000 करोड़ के विकास काम पूरे

सिंधु भवन के ऑक्सीजन पार्क, मकरबा में नए स्विमिंग पूल का उद्घाटन करते हुए गृहमंत्री।

सिंधु भवन के ऑक्सीजन पार्क, मकरबा में नए स्विमिंग पूल और व्यायामशाला का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा- अहमदाबाद में 1000 करोड़ के विकास काम पूरे करने के लिए मैं अहमदाबाद नगर निगम और सरकार का आभारी हूं। पिछले 5 साल में अहमदाबाद नगर निगम (AMC) और सरकार ने हर साल 5000 करोड़ के काम किए हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरण संरक्षण समेत कई तरह के काम किए हैं।

हमें ऑक्सीजन बढ़ाने का काम करना है- केंद्रीय गृह मंत्री

अहमदाबाद के सिंधु भवन के ऑक्सीजन पार्क में पौधा लगाते हुए अमित शाह।

शाह ने कहा कि आज मैं अगली पीढ़ी के लिए पेड़ लगाने के लिए अहमदाबाद के नागरिकों से अपील करने आया हूं। हमें अगले 100 दिनों में 30 लाख पेड़। यह बहुत सुंदर अभियान है। मैं इससे बहुत करीब से जुड़ा हुआ हूं।

आज मैं अहमदाबाद के लोगों से कहना चाहता हूं कि हम अपनी सोसाइटी, आसपास की जमीन या स्कूल में पेड़ लगा सकते हैं। हमें ऑक्सीजन बढ़ाने का काम करना है। जल जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी और मानव के लिए बहुत गंभीर हैं। पेड़ के नाम अभियान चल रहा है। मैं हर नागरिक से अपील करता हूं कि हर अहमदाबादवासी को एक पेड़ लगाना चाहिए। देशभर में पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया है। मैं नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील करता हूं।

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