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मणिशंकर अय्यर बोले- थरूर विदेश मंत्री बनना चाहते हैं:मैं गांधीवादी-नेहरूवादी हूं, राहुलवादी नहीं; पवन खेड़ा को जयराम रमेश का तोता बताया

मणिशंकर अय्यर बोले- थरूर विदेश मंत्री बनना चाहते हैं:मैं गांधीवादी-नेहरूवादी हूं, राहुलवादी नहीं; पवन खेड़ा को जयराम रमेश का तोता बताया

नई दिल्ली3 घंटे पहले
अय्यर ने सोमवार को कहा- मैं कांग्रेस पार्टी में हूं, मैंने पार्टी छोड़ी नहीं है।

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने सोमवार को कहा कि INDIA ब्लॉक को मजबूत करने के लिए एमके स्टालिन सबसे सही नेता हैं, जबकि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। अय्यर ने कहा कि राहुल भूल गए हैं कि मैं पार्टी का मेंबर हूं। इसलिए मैं गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हूं लेकिन राहुलवादी नहीं हूं।

अय्यर ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर एंटी-पाकिस्तान हैं। वे अगले विदेश मंत्री बनना चाहते हैं।

अय्यर ने पवन खेड़ा को प्रवक्ता की जगह ‘तोता’ बताया। उन्होंने कहा- पवन खेड़ा वही दोहराते हैं, जो जयराम रमेश उन्हें बताते हैं।

इसके बाद पवन खेड़ा ने X पर लिखा- मणिशंकर अय्यर का पिछले कुछ सालों से कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है। वे अपनी व्यक्तिगत क्षमता से बोलते और लिखते हैं।

अय्यर के बयान की 2 बड़ी बातें…

  • पवन खेड़ा पिछले दो साल से मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। अगर कांग्रेस पार्टी को अपने प्रवक्ता के लिए पवन खेड़ा के अलावा कोई नहीं मिलता, तो पार्टी की हालत वैसी ही रहेगी जैसी आज है। वहीं, जयराम रमेश को सिर्फ अपनी नौकरी बचानी है।
  • क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक पार्टी की क्या स्थिति होगी, जो केसी वेणुगोपाल जैसे राउडी को राहुल गांधी के लिए सरदार पटेल के स्तर तक उठा दे?

अय्यर बोले- केरल में कांग्रेस नहीं जीतेगी

केरल विधानसभा चुनाव को लेकर अय्यर ने कहा- मैं चाहता हूं कि कांग्रेस जीते, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह जीतेगी। कांग्रेस नेता आपस में बंटे हुए हैं। वे कम्युनिस्टों से ज्यादा एक-दूसरे से नफरत करते हैं।

उन्होंने पहले भी केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ की थी और कहा था कि पिनराई सरकार की उपलब्धियों के बाद वाम सरकार की वापसी संभव है।

‘INDIA ब्लॉक के लिए स्टालिन सबसे बेहतर’

अय्यर ने ANI से बातचीत में कहा कि अगर INDIA ब्लॉक को मजबूत करना है, तो एमके स्टालिन सबसे बेहतर व्यक्ति हैं। राहुल गांधी भारत के प्रधानमंत्री बन सकते हैं, बशर्ते कोई ऐसा हो जो अपना पूरा समय INDIA ब्लॉक को मजबूत करने और उसे एकजुट रखने में लगाए।

अय्यर के बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल- पार्टी का आधिकारिक रुख अय्यर के बयान से अलग है। इसे कांग्रेस की स्थिति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद जेबी मैथर- अय्यर ने उन राजनीतिक ताकतों को नहीं समझा है, जो आगामी केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों को तय करेंगी।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट- मैं इतना बता सकता हूं कि अय्यर कांग्रेस पार्टी में नहीं हैं। इसके अलावा मैं और कुछ नहीं कहना चाहता।

मणिशंकर अय्यर के पिछले चार विवादित बयान…

1. कश्मीर पर PAK नीति पर फख्र: 2018 में कराची गए अय्यर ने कहा था कि उन्हें कश्मीर पर पाकिस्तान की नीति पर फख्र है। वो पाकिस्तान से भी उतना ही प्यार करते हैं जितना कि हिंदुस्तान से। उन्होंने भारत को नसीहत देते हुए कहा था कि भारत को भी अपने पड़ोसी देश से प्यार करना चाहिए जैसा वो खुद से करते हैं।

2. PAK के लोग हमें दुश्मन नहीं मानते: 22 अगस्त 2023 को कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि पाकिस्तान के लोग हमें दुश्मन नहीं मानते। ये हमारे लिए बहुत बड़ा एसेट (संपत्ति) है। बीते 9 साल से पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं हो रही। इससे वहां की सरकार, आर्मी पर फर्क नहीं पड़ रहा, वहां के लोग परेशान हो रहे हैं। PM नरेंद्र मोदी को छोड़कर करीब-करीब हर प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान से बात की है।

3. PM मोदी को अपमानजनक शब्द कहे थे: 2019 में मणिशंकर ने मोदी पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था- जो अंबेडकर जी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति का सबसे बड़ा योगदान था। उनका नाम था जवाहरलाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकर जी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया, मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस प्रकार की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है। इस बयान के बाद पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था।

4. नरसिम्हा राव सांप्रदायिक थे: अगस्त 2023 में मणिशंकर अय्यर ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को सांप्रदायिक बताया था। उन्होंने कहा था- जब बाबरी मस्जिद गिराई जा रही थी, उस दौरान नरसिम्हा राव पूजा कर रहे थे। वे भारत को हिंदू राष्ट्र बताते थे। भाजपा के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं बल्कि पीवी नरसिम्हा राव थे।

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