जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बीच विधानसभा चुनाव के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मुख्यमंत्री कैंडिडेट की तलाश शुरू कर दी है। इस पर पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता अजय कुमार सदोत्रा ने शनिवार (17 अगस्त) को मीडिया से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री कैंडिडेट का चुनाव पार्टी की संसदीय बोर्ड करेगी।
सदोत्रा ने यह भी बताया कि कार्यकारिणी की बैठक में उम्मीद है उमर अब्दुल्ला विधानसभा चुनाव ना लड़ने के अपने फैसले पर पुनर्विचार जरूर करेंगे। साथ ही संसदीय बोर्ड पहले फेज के लिए कैंडिडेट की लिस्ट 20 अगस्त तक जारी करेगी।
EC ने 16 अगस्त को विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार (16 अगस्त) को चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया। इस बार जम्मू-कश्मीर में चुनाव 3 फेज में होगा। वहीं चुनाव का नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित होंगे।
20 अगस्त से शुरू हो जाएगा चुनाव के पहले फेज की प्रक्रिया
चुनाव आयोग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में चुनाव के पहले फेज के लिए गजट नोटीफिकेशन 20 अगस्त से शुरू हो जाएगा। पहले फेज के नॉमीनेशन के लिए आखिरी तारीख 27 अगस्त होगी।
जम्मू-कश्मीर: नई सरकार का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल का होगा
सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने का आदेश दिया था। राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ये पहला विधानसभा चुनाव होगा। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटाया था। इसके बाद से यहां LG मनोज सिन्हा प्रशासक हैं। चुनाव के बाद नई सरकार का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल का होगा।
जम्मू-कश्मीर की 90 सीटें, परिसीमन में 7 जुड़ीं
जम्मू-कश्मीर में 2014 के विधानसभा चुनाव में 87 सीटें थीं। जिनमें से 4 लद्दाख की थीं। लद्दाख के अलग होने पर 83 सीटें बचीं थीं। बाद में परिसीमन के बाद 7 नई सीटें जोड़ी गईं। उनमें 6 जम्मू और 1 कश्मीर में है। अब कुल 90 सीटों पर चुनाव होगा। इनमें 43 जम्मू, 47 कश्मीर संभाग में हैं। 7 सीटें SC (अनुसूचित जाति) और 9 सीटें ST (अनुसूचित जनजाति) के लिए रिजर्व हैं।
