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अजित पवार बोले- कई चुनाव लड़ चुका, अब दिलचस्पी नहीं:बारामती सीट से बेटे को उतारने की संभावना; कहा- पार्टी कहेगी तो हम तैयार हैं

महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार ने कहा है कि वे 7-8 बार चुनाव लड़ चुके हैं। अब उन्हें दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने बारामती विधानसभा सीट से अपने छोटे बेटे जय पवार को उतारने के संकेत दिए हैं। अजित 1991 से बारामती के विधायक हैं।

अजित पवार गुरुवार (15 अगस्त) को मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या समर्थकों की मांग पर जय को बारामती से मैदान में उतारा जाएगा।

इस पर अजित ने कहा, “अगर समर्थक ऐसा चाहते हैं, तो (NCP) संसदीय बोर्ड इस पर चर्चा करेगा। अगर संसदीय बोर्ड और लोगों को लगा कि जय को उतारना चाहिए तो हम तैयार हैं।”

इस बयान के बाद अटकलें तेज हो गईं कि शायद अजित पवार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, स्टेट NCP चीफ सुनील तटकरे ने कहा कि अजित ने अपने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की बात नहीं कही है।

पत्नी सुनेत्रा पवार और बेटे पार्थ-जय के साथ अजित पवार। (फाइल फोटो)

अजित के बड़े बेटे लोकसभा चुनाव हार गए थे
अजित के दो बेटे हैं- पार्थ और जय। बड़े बेटे पार्थ पवार ने 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, वे शिवसेना सांसद श्रीरंग बार्ने से काफी वोटों के अंतर से हार गए थे।

पार्थ चुनाव हारने के बाद चार साल के लिए राजनीति से गायब हो गए। पिछले साल जुलाई में अजित पवार के भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल होने के बाद पार्थ फिर से एक्टिव हुए। उन्हें कई बार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करते देखा गया।

अजित के खिलाफ उनके करीबी को उतारने की तैयारी में शरद गुट
हाल ही में NCP (शरद गुट) विधायक और शरद पवार के पोते रोहित पवार ने दावा किया था कि बारामती से उनकी पार्टी परिवार के किसी सदस्य को ही उतारेगी। रोहित ने कहा कि कि अजित के खिलाफ परिवार के किसी ऐसे व्यक्ति को मैदान में उतारा जा सकता है जो उनका बहुत करीबी है।

33 साल से बारामती विधायक हैं अजित
महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित बारामती पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। अजित पवार 1991 से अब तक लगातार 7 बार यहां के विधायक रहे हैं। उनसे पहले 1967 से 1990 तक उनके चाचा शरद पवार यहां से लगातार जीते थे।

बारामती पुणे के पांच और विधानसभा क्षेत्रों, दौंड, इंदापुर, पुरंदर, भोर और खडकवासला के साथ बारामती लोकसभा सीट का हिस्सा है। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले बारामती से 2009 से चार बार की सांसद हैं। 1996 से 2004 तक शरद पवार यहां के सांसद थे।

अजित पवार ने 2024 के लोकसभा चुनाव में चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ पत्नी सुनेत्रा पवार को मैदान में उतारा था। हालांकि, सुनेत्रा डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों के मार्जिन से चुनाव हार गईं।

अजित बोले- पत्नी को बहन के खिलाफ चुनाव लड़ाना गलती
अजित पवार ने 13 अगस्त को एक मराठी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि पत्नी सुनेत्रा पवार को चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ाना गलती थी। पवार ने कहा- मैं अपनी सभी बहनों से प्यार करता हूं। राजनीति को घर में घुसने नहीं देना चाहिए। बहन के खिलाफ सुनेत्रा को चुनाव लड़ाने का फैसला पार्टी संसदीय बोर्ड का था। अब मुझे लगता है कि यह गलत फैसला था। पूरी खबर पढ़ें…

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