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गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड, बहनें खुद को कोरियन मानती थीं:यूट्यूब से भाषा सीखी; हिंदुस्तानी लड़के पसंद नहीं थे

भास्कर एक्सक्लूसिव

गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड, बहनें खुद को कोरियन मानती थीं:यूट्यूब से भाषा सीखी; हिंदुस्तानी लड़के पसंद नहीं थे

मनु/प्रथम/गाजियाबाद3 घंटे पहले

गाजियाबाद में 3 बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। पहले सामने आया कि उन्होंने कोरियन गेम खेलने के दौरान टास्क पूरा करते हुए मौत को गले लगाया। मगर 10 घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि पिता चेतन ने बच्चों को डांटा था। मोबाइल भी छीन लिया था। इसके बाद उन्होंने 3 फरवरी की रात 2 बजे बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया।

निशिका 16 साल, प्राची 14 साल जबकि पाखी 12 साल की थी। कमरे से मिली डायरी, परिवार ने बेटियों की जिंदगी के बारे में बताया, उससे सामने आया कि बच्चियां खुद को भारतीय नहीं, कोरियन मान रही थीं। उन्हें लड़के भी कोरियन पसंद आते थे। वे अपना नाम बदल चुकी थीं।

यूट्यूब चैनल बनाकर उस पर कोरियन कंटेंट जनरेट करती थीं। यूट्यूब की मदद से कोरियाई भाषा भी सीख ली थी। घर में बातचीत भी कोरियाई भाषा में करतीं थी। कैसे ये बच्चियां खुद को कोरियन समझने लगीं, ये इस रिपोर्ट में पढ़िए…

कोविड में स्कूल छूटा, फिर बच्चियां कोरियन मूवी देखने लगीं शुरुआत छानबीन में जो फैक्ट सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। 6 साल में बच्चियां कोरियन कल्चर में ढल चुकी थीं। कोविड काल (2020) में बहनों के स्कूल छूटे, तो मोबाइल पर कोरियन मूवी और फिर वेब-सीरीज देखने लगीं। निशिका कोरियन कल्चर में सबसे पहले ढली, बाद में प्राची और पाखी भी अपनी बड़ी बहन को फॉलो करने लगीं।

परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया- कोविड के दौरान तीनों लड़कियां कई-कई घंटे कोरियन म्यूजिक सुनती थीं। साथ ही, फिल्में, वेब सीरीज और वीडियो देखती रहती थीं। उन पर कोरियन कल्चर का इतना असर हुआ कि वो खुद को भारतीय की जगह कोरियन मानने लगी थीं।

कोरियन लोगों की तरह पहनावा, खाना, बात करने का तरीका अपनाने लगीं। वीडियो और इंटरनेट की मदद से कोरियन भाषा सीखने लगीं। आपस में कोरियन भाषा में बात भी करती थीं। स्थिति यह हो गई कि पिता को भारतीय और खुद को कोरियन बताने लगीं।

इसी सोसाइटी की 9वीं मंजिल पर चेतन रहते थे। उनकी 3 बेटियों ने 3 फरवरी की रात बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया।

तीनों ने मिलकर यूट्यूब चैनल बनाया, कोरियर कंटेंट बनाती थीं निशिका 2022 में धीरे-धीरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोरियर रील्स देखने लगी। उसका कोरियन रील की ओर रुझान बढ़ता गया। तीनों ने मिलकर एक यूट्यूब चैनल बनाया। उस पर कोरियन कल्चर आधारित कंटेंट अपलोड करती थीं।

यही वजह रही कि पिता ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिए थे। इस चैनल को तीनों बहनों ने एक महीने पहले खुद ही डिलीट भी कर दिया था। निशिका क्लास चार, प्राची क्लास तीन और पाखी दूसरी कक्षा तक पढ़ी थी।

पढ़ाई-लिखाई में रुचि कम होने से तीनों बहनें फेल होने लगीं तो स्कूल जाना बंद कर दिया। आर्थिक तंगी के चलते पिता चेतन ने भी पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दिया, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि एक खर्च कम हो रहा, वे प्लान कर रहे थे कि जब आर्थिक स्थिति सुधरेगी, तब दोबारा एडमिशन करवा देंगे।

छोटी बहन से बातचीत की बंद निशिका, प्राची और पाखी ने चार साल की छोटी बहन को भी साथ रखना शुरू कर दिया था। उसे भी कोरियन वीडियो दिखाना और भाषा सिखाने की कोशिश की। पिता ने यह देखा तो तीनों बहनों को डांटकर छोटी बेटी को इन सब से दूर रखने को कहा।

सूत्रों के अनुसार, उस दिन से तीनों ने छोटी बहन से दूरी बना ली। उससे बातचीत बंद कर दी। 3 फरवरी की रात तीनों बेटियां चेतन की पहली पत्नी के साथ कमरे में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे तीनों ने मां के गालों को चूमकर आई लव यू कहा और कमरे से निकल गईं।

इसके बाद वह पूजा वाले कमरे में गईं। बालकनी पर 2 स्टेप वाले स्टूल लगाए। फिर एक-एक करके छलांग लगा दी। इससे पहले उन्होंने कमरे का लॉक लगा दिया। जिसे घटना के बाद परिवार ने तोड़ दिया।

घटना के बाद घरवालों ने आनन-फानन में दरवाजा तोड़ा।

साली से रिलेशन बढ़ाए, तो पत्नी घर छोड़ गई पुलिस की जांच में आया कि चेतन अपने कारोबार में 2 करोड़ रुपए का घाटा झेल चुका है, जिससे परिवार में क्लेश होता था। पहली पत्नी और फिर उसकी छोटी बहन हिना से दूसरी शादी कर ली थी। एक साल से चेतन ने उनकी तीसरी और सबसे छोटी बहन को भी घर में रखा हुआ था।

मई, 2025 में जब चेतन का पहली पत्नी से झगड़ा हुआ था। तब उसने कहा कि मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी, मेरी बहन से भी शादी कर ली। मैं उसे भी सहन कर चुकी, अब मेरी तीसरी बहन को घर में रख लिया। कम से कम उसकी तो जिंदगी बर्बाद मत करो। इसी बात पर पहली पत्नी नाराज होकर चली गई, जिसके बाद चेतन ने पत्नी के गुम होने की रिपोर्ट टीलामोड थाने में दर्ज कराई थी। बाद में पत्नी को दिल्ली से ले आया।

यह वही स्पॉट है, जहां तीनों बहनें कूदी थीं। पुलिस ने जगह को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं।

इस सुसाइड की कहानी में पुलिस 5 सवालों के जवाब ढूंढ रही-

सवाल 1. बालकनी पर जहां से तीनों बहनों ने कूदकर सुसाइड किया, वहां बॉलकनी में रेलिंग पर और बाहर की तरफ खड़े होने की जगह नहीं थी। जबकि सामने फ्लैट में रहने वाले ने कहा कि बच्ची रेलिंग पर बैठी हुई थी।

सवाल 2. जहां से तीनों ने छलांग लगाई, वहां नौवीं मंजिल की ऊंचाई करीब 85 फीट है। तीनों बच्चियों के शव जहां गिरे, वहां दीवार से एक शव करीब 1 फीट दूर, दूसरी बहन का शव 8 फीट दूर और तीसरी बच्ची का शव 9 फीट दूर मिला। इतनी ऊंचाई से आखिर दीवार से सटकर शव का गिरना संदेह पैदा कर रहा है।

सवाल 3. अगर तीनों बच्चियां बैठकर कूदी तो फिर तीनों के शव एक ही दिशा में गिरने थे।

सवाल 4. पड़ोसियों के मुताबिक, चेतन की दोनों पत्नियां बहनें हैं। घटना से पहले परिवार में झगड़ा हुआ था। पत्नियां अभद्र गालियां दे रही थीं? वे पति की तरफ इशारा कर रही थीं।

सवाल 5. नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिसकर्मी ने बताया- पुलिश कमिश्नर के सामने दोनों पत्नी नहीं आईं, अंदर से दरवाजा बंद कर लिया, पति एक ऑफिसर के पैर पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाता दिखा, फिर जोर-जोर से रोता रहा।

क्राइम स्पॉट की 3 तस्वीरें

बच्चियां इस कमरे में रहती थीं, जब पुलिस अंदर गई तो उसमें फर्श पर पुरानी फैमिली फोटो चिपकी हुई मिली। ज्यादातर फोटो उनके माता-पिता की थीं।
बच्चियां जिस कमरे की बालकनी से कूदीं, उसकी दीवारों पर जगह-जगह पेंसिल से कोट्स लिखे थे, फिर उसे मिटाया गया था। इस तस्वीर में ऊपर लिखा था- मेरा दिल टूट गया है। नीचे लिखा था- मैं बहुत अकेली हूं, बाद में उस पर क्रॉस बना दिया।
यह डायरी का एक पेज है। इसमें लिखा है कि इस डायरी को पढ़ लीजिए। इसमें सब कुछ सच लिखा हुआ है।

अब पूरा मामला जान लीजिए

बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूद गईं 3 बहनें गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी।

उनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल है। पिता के मुताबिक, तीनों बेटियों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। वे हर वक्त एकसाथ रहती थीं। एक साथ नहाती थीं और टॉयलेट जाती थीं। इस कदर गेम की लत थी कि स्कूल भी छोड़ दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का दावा है कि नोट में लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।”

घटना भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई, इसकी जांच की जा रही है।

पुलिस बोली- मोबाइल फोन में कोरियन कल्चर में ढलने के सबूत मिले एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों बहनों ने कथित रूप से सुसाइड किया है। जिसमें उनके पिता से पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। पता चला कि पिता कारोबार में घाटा भी आ चुका हैं, जिसमें मोबाइल फोन में कोरियन के साक्ष्य मिले हैं, जहां तीनों ने अपने अलग नाम रख रहे थें। इसमें पुलिस पूरे साक्ष्य के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

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