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निलंबित IAS रानू साहू को SC से जमानत:कारोबारी दीपेश को भी बेल; लेकिन आय से अधिक संपत्ति में रानू सहित सौम्या-विश्नोई पर नई FIR

निलंबित IAS रानू साहू को SC से जमानत:कारोबारी दीपेश को भी बेल; लेकिन आय से अधिक संपत्ति में रानू सहित सौम्या-विश्नोई पर नई FIR

रायपुर3 घंटे पहले
कोल घोटाले में निलंबित IAS रानू साहू और कारोबारी दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस बीच EOW ने रानू साहू, सौम्या चौरसिया और समीर विश्ननोई पर नया केस फाइल किया है।

छत्तीसगढ़ कोल स्कैम मामले में निलंबित IAS रानू साहू और कारोबारी दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को जमानत मिल गई है। रानू साहू एक साल और दीपेश करीब डेढ़ साल से जेल में बंद था। ED ने दोनों को मनी लॉन्ड्रिंग और कोयला घोटाला केस में गिरफ्तार किया था। दोनों की जमानत 7 अगस्त तक के लिए मंजूर की गई है।

वहीं दूसरी ओर EOW ने निलंबित IAS रानू साहू सहित जेल में बंद निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया और समीर बिश्नोई के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। तीनों पर आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि नया केस 2 जुलाई को ही दर्ज कर लिया गया था।

निलंबित IAS रानू साहू और पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया जेल में बंद हैं। 22 जुलाई 2023 को रानू साहू और 2 दिसंबर 2022 को सौम्या गिरफ्तार हुई थी।

निलंबित IAS रानू साहू पर आपराधिक साजिश का आरोप

EOW ने अपनी FIR में बताया है कि, रानू साहू जुलाई 2021 से जुलाई 2022 तक कलेक्टर कोरबा के रूप में पदस्थ रहीं। उन्होंने लोकसेवक के रूप में कार्य करते हुये ये संपत्तियां अर्जित की। रानू साहू ने सूर्यकांत तिवारी और उसके सिंडिकेट के सदस्यों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश की।

कोयला ट्रांसपोर्टरों से डीओ और टीपी परमिट जारी किए जाने के लिए 25 रुपए प्रति टन की अवैध वसूली में सक्रिय सहयोग दिया। रानू साहू के जहां भी पदस्थ रहीं हैं, वहां पर किसी न किसी माध्यम से भ्रष्टाचार कर स्वयं को आर्थिक रूप से समृद्ध करती रहीं है। रानू साहू को अपनी सर्विस जॉइन करने के बाद से 31.10.2022 तक की स्थिति में वेतन के रूप में लगभग 92 लाख रुपए प्राप्त होने की जानकारी है।

जबकि अब तक उनके द्वारा लगभग 3 करोड़ 93 लाख 91 हजार 949 रुपए निवेश अचल संपत्ति में करने की जानकारी मिली है। इसके अलावा रानू साहू ने अचल संपत्ति, बीमा, शेयर, एसआईपी, में निवेश किया है।

सौम्या चौरसिया ने एक साल में खरीदी 9.20 करोड़ की संपत्ति

पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया साल 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। सौम्या चौरसिया ने राज्य प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के बाद से दिनांक 31.10.2022 तक के कार्यकाल में करीब 85 लाख 50 हजार रुपए वेतन और अन्य भत्तों के रूप में प्राप्त किया गया है।जबकि 9.20 करोड़ की अचल संपत्ति साल 2021 से 2022 के बीच खरीदा गया।

निलंबित IAS समीर बिश्नोई पर अपनी पत्नी प्रीति गोधरा के नाम से 5 करोड़ रुपए की कई अचल संपत्ति खरीदने का आरोप है।

दो माह पहले कारोबारी सुनील अग्रवाल को मिली थी बेल

कोयला घोटाला केस करीब दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी कारोबारी सुनील अग्रवाल को जमानत दी थी। इससे पहले इंद्रमणि कोल ग्रुप के डायरेक्टर सुनील अग्रवाल की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। ED ने 11 अक्टूबर 2022 को सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। ED के मुताबिक कोयला परिवहन में कमीशनखोरी की गई है।

सिंडिकेट बनाकर हुई 570 करोड़ की वसूली

छत्तीसगढ़ में अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ED की रेड में सामने आया था। दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।

इसके लिए सिंडिकेट बनाकर वसूली की जाती थी। पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया। जो व्यापारी 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा करता था। उसे ही खनिज विभाग पीट पास और परिवहन पास जारी करता था। इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपए की वसूली की गई।

EOW ने 7 दिन पहले मास्टर माइंड सूर्यकांत तिवारी और निलंबित IAS समीर विश्नोई समेत 13 लोगों को कोर्ट में पेश किया। पेशी के बाद जज के चैंबर से बाहर निकलते समय सूर्यकांत ने हंसते हुए विक्ट्री का साइन दिखाया था।

कोल स्कैम केस में कारोबारी सूर्यकांत किंगपिन

आरोप यह भी है कि पूरे मामले के किंगपिन सूर्यकांत तिवारी को पूर्व CM भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया का संरक्षण प्राप्त था। ईडी की रेड में पहले आईएएस समीर बिश्नोई फिर कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया।

दूसरे चरण में उनसे पूछताछ के बाद कोल व्यापारी सुनील अग्रवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया। साथ ही IAS रानू साहू और सौम्या चौरसिया को भी गिरफ्तार किया गया। EOW की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सौम्या ने सुप्रीम कोर्ट तक में जमानत याचिका लगाई पर उन्हें जमानत नहीं मिल पाई।

कोल घोटाले में जेल में बंद हैं ये आरोपी

निलंबित IAS रानू साहू और समीर बिश्नोई, पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्य चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी, संदीप नायक लक्ष्मीकांत, शिव शंकर नाग, मोइनुद्दीन कुरैशी, रोशन सिंह, निखिल चंद्राकर, परेश कुर्रे, राहुल कुमार, वीरेंद्र जायसवाल, हेमंत जायसवाल और चंद्र प्रकाश जायसवाल जेल में बंद हैं।

ED ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 पर दर्ज है FIR

छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले मामले में ED के प्रतिवेदन पर ACB /EOW ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है, जिस पर अब ACB की टीम जांच तेज कर दी है।

कोल केस में अब तक क्या हुआ

ED ने अब तक कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सचिवालय में काम करने वाली अधिकारी सौम्या चौरसिया, IAS समीर विश्नोई समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।

222 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई है और इस पूरे मामले की जांच जारी है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा इसे प्रदेश का बड़ा आर्थिक अपराध मानते हुए शिकायत प्रदेश की ACB से की थी।

ढेबर-सौम्या के खिलाफ केस लड़ रहे ED के वकील सौरभ पांडे की जान को खतरा

छत्तीसगढ़ सरकार ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के वकील डॉ सौरभ पांडे को सुरक्षा दी है। दैनिक भास्कर को डॉ. पांडे ने बताया कि, उन्हें इंटेलिजेंस की ओर से सुरक्षा दी गई है। हाल ही में वकील ने सुरक्षा की मांग सरकार से की थी। उन्होंने अपनी जान के खतरे की आशंका जताई है। सौरभ पांडे कांग्रेस सरकार में प्रभावशाली रहे अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ केस लड़ रहे हैं। इनमें सौम्या चौरसिया और अनवर ढेबर भी शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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