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डबरा में कलश बांटते वक्त भगदड़…VIDEO:महिला की मौत, बच्ची समेत 8 घायल; महिलाओं को कुचलते निकली भीड़, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा कार्यक्रम के आयोजक

डबरा में कलश बांटते वक्त भगदड़…VIDEO:महिला की मौत, बच्ची समेत 8 घायल; महिलाओं को कुचलते निकली भीड़, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा कार्यक्रम के आयोजक

सलिल श्रीवास्तव/ डबरा3 घंटे पहले
ग्वालियर में कलश यात्रा के दौरान भगदड़ मच गई। हादसे में एक महिला की मौत।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कलश यात्रा शुरू होने से पहले भगदड़ मच गई। इसमें 70 वर्षीय महिला रति साहू की मौत हो गई। बच्ची समेत 8 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर है। ग्वालियर रेफर किया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भगदड़ तब मची जब कलश यात्रा से पहले कलश बांटे जा रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने अचानक स्टेडियम का गेट खोल दिया, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। महिलाएं एक दूसरे पर गिर गईं।

वहीं मृतक महिला की बहू ने बताया कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही से हादसा हुआ। भीड़ को कंट्रोल नहीं किया गया। इसी वजह से सास रति साहू को भीड़ कुचलते निकल गई। घायल सास को अस्पताल लेकर गए, तो डॉक्टर्स ने लापरवाही बरती। यहां ऑक्सीजन के लिए मेरी सास 30 मिनट तक तड़पती रही।

दोपहर में थी यात्रा, लेकिन सुबह से जुट गई थी भीड़

नवग्रह शक्तिपीठ प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत दोपहर 1 बजे कलश यात्रा प्रस्तावित थी। इसके लिए महिलाओं को सुबह 11 बजे स्टेडियम पहुंचने को कहा गया था, लेकिन सुबह 9 बजे से ही महिलाएं बड़ी संख्या में ग्राउंड पर जुटने लगी थीं।

भीड़ लगातार बढ़ती रही, लेकिन एंट्री गेट और अंदरूनी व्यवस्था के लिए पर्याप्त नियंत्रण नहीं किया गया। दावा है कि कलश यात्रा के लिए 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन भगदड़ के वक्त लोगों को 2 पुलिसकर्मी ही बचते दिख रहे हैं।

हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

भगदड़ तब मची जब यात्रा से पहले कलश वितरण किया जा रहा था।
कलश जल्दी और पहले पाने की होड़ में भीड़ बढ़ गई और भगदड़ मच गई।
भीड़ में दबी बच्ची को निकालकर अस्पताल ले जाया गया।

चप्पलों और टूटी चूड़ियों में दिखा हादसे का मंजर

हादसे के बाद स्टेडियम ग्राउंड में हर तरफ महिलाओं की चप्पलें, टूटी चूड़ियां और बिखरा सामान पड़ा मिला। यह दृश्य भगदड़ की भयावहता को बयान कर रहा था। कई महिलाएं हादसे के बाद भी ग्राउंड पर बैठी नजर आईं।

उनका कहना था कि उन्हें यात्रा के लिए बुलाया गया था, लेकिन न तो कलश मिला और न ही सही जानकारी दी गई।

डबरा में कलश यात्रा के दौरान भगदड़ के बाद महिला को अस्पताल ले जा रहे।

ड्यूटी पर 1000 पुलिसकर्मी, लेकिन सिर्फ 2 जवान बचाते दिख

कार्यक्रम में सुरक्षा के लिए करीब 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। आईजी, कमिश्नर, एसपी और कलेक्टर लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं को नियंत्रित नहीं किया जा सका।

भगदड़ के दौरान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि गेट खोलते ही भीड़ बेकाबू हो जाती है। महिलाएं कलश लेने के लिए दौड़ती हैं। महिलाएं जमीन पर गिर जाती हैं। एक दूसरे को कुचलते निकलती हैं। हादसे के वक्त घायलों को सिर्फ 2 पुलिसवाले बचाते नजर आए।

अस्पताल में घायलों को भर्ती कराया गया। डॉक्टर्स की टीम इलाज कर रही।

हादसे के कारणों की जांच की जा रही- डीआईजी अमित

कलेक्टर रुचिका चौहान ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि कलश लेने की जल्दी के कारण भीड़ बढ़ी और भगदड़ मची। वहीं डीआईजी अमित सांघी ने कहा कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

घायल बच्ची को गोद में उठाकर अस्पताल ले जा रहे परिजन।

हादसे में घायलों के नाम…

  • सरोज साहू पति लालाराम साहू, निवासी दर्शन कॉलोनी।
  • सुमन पति कमलकिशोर।
  • विनीत पिता बाबूलाल कोरी।
  • विमला।
  • पुष्पा।
  • दुर्गेश।
  • उम्मेद सिंह रावत निवासी आशोक नगर।
  • अनिता अहिरवार, ग्वालियर रेफर किया गया।

अद्भुत नवग्रह मंदिर के बारे में जानिए

एशिया का सबसे बड़ा और अद्भुत नवग्रह मंदिर ग्वालियर के डबरा में बना है। इसे अद्भुत इसलिए कहा जा रहा है कि एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां नवग्रह के साथ उनकी पत्नियां भी विराजमान हैं। 12 एकड़ जमीन पर सिर्फ मंदिर बना है।

यह मंदिर सनातन धर्म परंपरा, वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र आधार पर 108 खंभों पर स्थापित किया है। हिंदू धर्म में 108 अंक का विशेष महत्व है। 27 तारामंडल, जिनको नक्षत्र भी कहा जाता है। हर नक्षत्र की चार-चार दिशाएं होती हैं, जिनका योग 108 होता है।

मंदिर में नवग्रह की स्थापना बहुत अध्ययन के बाद की गई है। हर मंदिर और ग्रह को ऐसे स्थान दिया है कि कभी वह एक-दूसरे के सामने न आ सके। सूर्य मंदिर की स्थापना के साथ उनके तेज को नियंत्रित करने पानी का तालाब, नालियां व झरोखे बनाए गए हैं।

देश का सबसे बड़ा नवग्रह मंदिर: 12 एकड़ जमीन पर सिर्फ मंदिर बना

एशिया का सबसे बड़ा और अद्भुत नवग्रह मंदिर ग्वालियर के डबरा में बना है। वैदिक धर्म ग्रंथों एवं शास्त्रों में बताया गया है कि संपूर्ण ब्रह्मांड में कुल 27 तारामंडल हैं। इन तारामंडलों की चार दिशाएं हैं। यदि हम 27 को 4 से गुणा करते हैं, तो कुल 108 संख्या आती है।जिसका अर्थ यह है कि संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वरूप 108 अंक है।

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