लखनऊ के रहने वाले आदित्य श्रीवास्तव देश की सबसे कठिन UPSC की परीक्षा में टॉप कर IAS बन गए। वह अभी हैदराबाद में IPS की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उनका यह तीसरा अटेम्प्ट था।
अपनी ट्रेनिंग के बीच आदित्य ने दैनिक भास्कर को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया। इस कामयाबी में क्या-क्या चुनौतियां आईं, परीक्षा की तैयारी किस तरह की…जैसे कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने यह भी बताया कि फाइनल इंटरव्यू में किस तरह के सवाल पूछे गए थे। एक सवाल का वे जवाब नहीं दे पाए थे।
उनसे हुई बातचीत हूबहू पढ़िए…
सवाल : जैसे ही पता चला, आप टॉपर बन गए हैं, आपको कैसा लगा?
जवाब : यह मेरी चाहत थी। जैसे ही मैंने सुना कि टॉप किया है, मैं एकदम स्थिर हो गया… और फिर अपनी क्लास में चला गया।
सवाल : टॉपर बनने तक की यह जर्नी कैसी रही, किस तरह का स्ट्रगल रहा?
जवाब : खुद के खिलाफ एक चैलेंज जैसा था। मेरा पहला प्रीलिम्स क्लियर नहीं हुआ था। यह थोड़ा हताश करने वाला था। कहां, क्या गलती हो रही है, इस पर फोकस किया। कई चीजें सीखने वाली थीं। मेरे परिवार वालों ने मुझे सपोर्ट किया। टीचर्स और मेंटोर का पूरा सहयोग मिला, जिस वजह से यह कामयाबी मिली।
सवाल : आपने इंजीनियरिंग की, 40 लाख का अच्छा पैकेज छोड़ दिया। क्यों लगा कि सिविल सर्विस में जाना चाहिए?
जवाब : मैंने कानपुर IIT से इंजीनियरिंग करने के बाद कॉर्पोरेट कंपनी में काम किया। वहां मुझे मजा नहीं आ रहा था। डेस्क की नौकरी भा नहीं रही थी। मुझे सोशली कनेक्ट होना था। पर्सनालिटी लॉस भी हो रहा था। यह सभी कारण थे कि मैंने फील्ड स्विच करने की ठान ली। पापा का पूरा सपोर्ट था। कॉरपोरेट नौकरी तो कभी भी मिल जाएगी, इसी सोच के साथ आगे बढ़ा।
सवाल : सिविल सर्विसेज के लिए कैसे तैयारी की, किसकी मदद ली?
जवाब : नौकरी छोड़ने के बाद मैं घर चला आया। मैंने घर से ही पूरी तैयारी की। मेरे कुछ सीनियर थे, उनके टच में रहता। यह मेरे आईआईटी कानपुर के वो सीनियर हैं, जो यूपीएससी क्वालिफाई कर चुके थे। अब उनसे पूछे बिना उनका नाम नहीं ले सकता। लेकिन, उन्होंने मेरा पूरा मार्गदर्शन किया।
सवाल : UPSC की तैयारी करने वालों के लिए क्या टिप्स देंगे?
जवाब : इस एग्जाम के लिए हार्ड वर्क तो बहुत लोग करते हैं। सभी किताबें पढ़ लेते हैं। लेकिन स्मार्ट वर्क पर ज्यादा फोकस होना चाहिए, जैसा मैंने किया। मैंने पिछले 10 साल के पेपर्स का एनालिसिस किया। 3 साल के यूपीएससी के पैटर्न को ध्यान से देखा कि क्या कुछ स्टेटमेंट फ्रेम किए जा रहे हैं। किस स्टेटमेंट को रॉन्ग या राइट बनाया जा रहा है। बाकी डाटा एनालिसिस तो जरूरी होता है। यह सभी को करना ही चाहिए।
सवाल : अपनी कामयाबी की सबसे बड़ी वजह किसे मानते हैं?
जवाब : मेरा सक्सेस मंत्र तो कंस्टिटेंसी ही है। यह लॉन्ग जर्नी होती है। जरूरी यही है कि आप कंस्टिटेंस रहें। अपने टारगेट को सेट करें। उस गोल को अचीव भी करें। समय-समय पर खुद का एनालिसिस करें। कमियों को फुल-फिल करने पर फोकस करें।
सवाल : फाइनल इंटरव्यू में किस तरह के सवाल पूछे गए थे?
जवाब : मेरा इंटरव्यू 13 मार्च को हुआ। इंटरव्यू में 60% सवाल पुलिस से जुड़े थे। उसके बाद थोड़े सवाल मेरी हॉबी से जुड़े थे, जो डायनासोर पर आधारित थे। बाकी आईएएस कैरेक्टरिस्टिक (विशेषता), अप्रोच को लेकर सवाल थे कि आप इसे खुद में कैसे देखते हैं? इसके अलावा कई और सवाल थे।
सवाल : डायनासोर में आपसी दिलचस्पी कैसे हो गई?
जवाब : यह मेरे बचपन से जुड़ी विचित्र कहानी है। पापा ने मुझे गाडजिला मूवी दिखाई थी। मैं सच में समझ बैठा कि वह डायनासोर है। इसके बाद डायनासोर के बारे में जानने की चाहत दिमाग में बैठा ली। यही मेरा फेवरेट सब्जेक्ट हो गया। डायनासोर से जुड़ी सभी फिल्में, किताबें और सब कुछ पढ़ डाला। अभी भी पढ़ता हूं। इंटरव्यू में भी इसी से जुड़ा सवाल पूछा गया। पूछा गया कि आर्कियोप्टेरिक्स क्या है? डायनासोर और पक्षियों में क्या अंतर था? आर्कियोप्टेरिक्स कब पाए गए थे? इन सभी का मैंने ठीक से जवाब दे दिया था।
सवाल : इंटरव्यू में क्या किसी सवाल पर आप फंसे भी थे?
जवाब : जहां तक मुझे याद है, मैं ललिता कुमारी जजमेंट वाले सवाल में उलझ गया था। यह पुलिसिंग के दौरान स्टडी में कराया जाता है। मैं इसी सवाल में फंस गया था। अब मैंने इसकी स्टडी कर ली है। मुझे पता है कि ये केस क्या था।
सवाल : डेली रूटीन कैसी है? IPS ट्रेनिंग से हटकर वहां कैसे तैयारी कर सके?
जवाब : यहां एकेडमी में सुबह पौने 5 बजे उठ जाता हूं। साढ़े पांच बजे से हमारा शेड्यूल शुरू होता है। यह शाम 7 बजे तक चलता था। इसके बाद मैं UPSC की तैयारी में जुट जाता था। शाम को ही मुझे समय मिलता था। मैंने IPS ट्रेनिंग के दौरान ही इंटरव्यू की भी तैयारी की।
सवाल : आज की पीढ़ी का काफी समय सोशल मीडिया में जा रहा है, आप इसे कितना वक्त देते थे?
जवाब : मैंने पूरी तरह सोशल मीडिया को नहीं छोड़ा। इंस्टाग्राम अभी भी चलाता हूं। पहले भी चलाता रहा। मैं यह नहीं सजेस्ट करूंगा कि किसे क्या छोड़ना चाहिए और क्या नहीं। बस अपने मकसद पर फोकस रहना चाहिए।
