अजित पवार विमान क्रैश, डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर मिला:कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर डेटा रिकवर करने के लिए कंपनी से मदद मांगी
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रही है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के मुताबिक AAIB ने बताया है कि क्रैश के दौरान प्लेन का ब्लैक बॉक्स (दो फ्लाइट रिकॉर्डर) क्रैश के बाद तेज गर्मी में रहा, आग लगने से वह क्षतिग्रस्त हुआ।
मिनिस्ट्री ने बताया कि प्लेन में लगे इन दो इंडिपेंडेंट फ्लाइट रिकॉर्डर में शामिल डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) का डेटा AAIB ने फ्लाइट रिकॉर्डर लेबोरेटरी में सफलतापूर्वक डाउनलोड किया है। इस रिकॉर्डर को L3-कम्युनिकेशंस ने बनाया है।
अमेरिकी कंपनी हनीवेल का बनाया कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की डिटेल्ड टेक्निकल जांच की जा रही है। इसका डेटा रिकवर करने के लिए कंपनी से मदद मांगी गई है।
ब्लैक बॉक्स जलने के दावे पर NCP (शरद) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा कि ब्लैक बॉक्स भीषण आग और धमाकों से सुरक्षित रह सकता है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति से नहीं।
28 जनवरी: प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन
पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को NCP नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान क्रैश हुआ था। इस हादसे में उपमुख्यमंत्री सहित 5 लोगों की मौत हुई थी।
एक्सपर्ट्स बोले- ब्लैक बॉक्स जलना नामुमकिन
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लैक बॉक्स 1100° डिग्री में 1 घंटे, 260° डिग्री टेम्परेचर 10 घंटे तक झेल सकता है। बारामती में विमान जमीन से कुछ फीट ऊंचाई पर था। आग सीमित थी। बॉक्स का पूरी तरह से जल जाना असंभव है।
सुनेत्रा पवार ने CBI जांच को लेकर CM से मुलाकात की
अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार और NCP नेताओं ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर बारामती विमान हादसे की CBI जांच की मांग की।
सुनेत्रा के साथ उनके बड़े बेटे पार्थ पवार, NCP नेता सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, हसन मुश्रीफ भी थे। सुनेत्रा ने CBI जांच की मांग को लेकर CM को एक पत्र सौंपा। तटकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से बात करने का भरोसा दिया है।
DGCA बोला- CVR की तकनीकी जांच जारी
केंद्र के नागरिक उड्डयन मंत्रालय (DGCA) ने मंगलवार को बताया था कि बारामती प्लेन क्रैश की जांच AAIB को सौंपी गई है। मंत्रालय ने कहा- हादसे की जांच दुर्घटना और घटना जांच नियम, 2017 और ICAO Annex-13 के इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के तहत की जा रही है।
AAIB ने कहा कि जांच पूरी तरह तकनीकी और नियमों के अनुसार की जा रही है, ताकि निष्पक्ष और सबूत आधारित निष्कर्ष निकाला जा सके। ब्यूरो ने अपील की है कि जांच पूरी होने तक सभी लोग अटकलों से बचे रहें। जांच की डिटेल जल्द ही शेयर की जाएगी।
हादसे के दूसरे दिन मिला था प्लेन का ब्लैक बॉक्स
28 जनवरी की सुबह VSR वेंचर्स कंपनी का लेयरजेट 45 प्लेन बारामती में क्रैश हुआ था। इसका ब्लैक बॉक्स अगले दिन बरामद किया गया था। इसी में ब्लैक बॉक्स में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर भी है।
अजित पवार VSR वेंचर्स कंपनी की लेयरजेट 45 प्लेन सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुए थे। लगभग 8:45 बजे प्लेन क्रैश हो गया। पवार स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने होमटाउन बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे।
ब्लैक बॉक्स क्या होता है, 4 ग्राफिक्स और 6 सवाल-जबाव में जानिए…
ब्लैक बॉक्स से संबंधित 6 जरूरी सवाल-जवाब
1. इसे ब्लैक बॉक्स क्यों कहते हैं?
“ब्लैक बॉक्स” नाम को लेकर कई बातें कही जाती हैं। एक मान्यता है कि पहले इसके अंदर का हिस्सा काला होता था, इसलिए इसे यह नाम मिला। दूसरी राय यह है कि हादसे के बाद आग से जलकर इसका रंग काला हो जाता है, इसलिए लोग इसे “ब्लैक बॉक्स” कहने लगे।
2. ब्लैक बॉक्स दिखता कैसा है?
ब्लैक बॉक्स असल में ओरेंज रंग का होता है और बॉक्स जैसा नहीं दिखता। यह अलग-अलग आकार का हो सकता है—जैसे गोल, बेलनाकार या गुंबद जैसा। इसका आकार इतना बड़ा होता है कि प्लेन के मलबे में आसानी से मिल सके।
3. ब्लैक बॉक्स को हादसे के बाद कैसे खोजते हैं?
अगर विमान पानी में गिरता है तो ब्लैक बॉक्स का अंडरवाटर बीकन पानी छूते ही सिग्नल भेजना शुरू कर देता है। अगर हादसा जमीन पर होता है तो इसका चमकीला नारंगी रंग इसे ढूंढने में मदद करता है।
4. कैसे बचाता है डेटा?
ब्लैक बॉक्स को विमान के सबसे सुरक्षित हिस्से, आमतौर पर टेल सेक्शन में रखा जाता है। यह टाइटेनियम या स्टेनलेस स्टील से बना होता है। 1100 डिग्री सेल्सियस तापमान व समुद्र की गहराई में दबाव को झेल सकता है। पानी में गिरने पर यह 14,000 फीट गहराई तक से सिग्नल भेज सकता है।
5. ब्लैक बॉक्स मिलने में समय लग सकता है?
कुछ हादसों में ब्लैक बॉक्स ढूंढने में बहुत समय लगता है। कई बार ऐसा भी हो सकता है कि नहीं मिले। उदाहरण:
- श्रीविजया एयर जेट (9 जनवरी 2021): करीब 3 दिन में मिल गया।
- एयर फ्रांस 447 (1 जून 2009): 699 दिन बाद मिला।
- मलेशिया एयरलाइंस 370 (8 मार्च 2014): अब तक नहीं मिला।
5. भारत में जांच कहां होती है?
दिल्ली में हाल ही में DFDR & CVR लैब की शुरुआत हुई है, जहां ब्लैक बॉक्स से डाटा निकाला और एनालिसिस किया जा सकता है। यहीं पर इस ब्लैक बॉक्स की जांच भी की जाएगी।
