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दिल्ली में EC के बाहर TMC नेताओं का प्रदर्शन:डेरेन ओ ब्रॉयन को उठा ले गई पुलिस, 10 हिरासत में; NIA, ED और CBI डायरेक्टर को हटाने की मांग

TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन को पुलिस उठाकर ले गई।

दिल्ली में इलेक्शन कमीशन ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे TMC नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। डेरेन ओ ब्रायॅन को पुलिस उठाकर ले गई। 10 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल इलेक्शन कमीशनर से मिलने पहुंचा था। इसके बाद सभी धरने पर बैठ गए।

सोमवार शाम को पुलिस ने नेताओं को उठा दिया। टीएमसी नेताओं ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर प्रदर्शन किया था। धरना देने वालों में TMC के 5 सांसद डेरेक ओ ब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, डोला सेन, साकेत गोखले और सागरिका घोष शामिल रहे।

वहीं तीन पूर्व सासंद अर्पिता घोष, शांतनु सेन और अबीर रंजन विश्वास मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक विवेक गुप्ता और टीएमसी युवा नेता सुदीप राहा भी धरना दे रहे थे। इनकी मांग है कि NIA के डीजी, ED और CBI के डायरेक्टर को तुरंत हटाया जाए।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने TMC के विरोध प्रदर्शन पर कहा, देश की जनता जानती है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए नहीं बल्कि शाहजहां शेख को बचाने के लिए यह प्रदर्शन हो रहा है। पूर्व TMC नेता शाहजहां शेख ED पर हमले का आरोपी है। जिसे 29 फरवरी को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

टीएमसी नेताओं ने NIA के डीजी, ED और CBI के डायरेक्टर को तुरंत हटाने को लेकर पोस्टर भी लहराए।
प्रदर्शन करने वालों में TMC सांसद डोला सेन भी शामिल थी। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लिया।

अब जानिए पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच दो बड़े विवाद…
पिछले चार महीनों में पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच दो बड़े विवाद चर्चा में रहे। 5 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के भूपतिनगर में NIA टीम पर हमला हुआ था। वहीं इससे पहले 5 जनवरी को संदेशखाली में ED टीम पर हमला हुआ था।

पहला मामला- 5 अप्रैल: पश्चिम बंगाल के भूपतिनगर में NIA टीम पर हमला, अफसर चोटिल हुए

भूपतिनगर में लोगों ने NIA की गाड़ी पर पथराव किया।

पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर ईस्ट के भूपतिनगर में 5 अप्रैल की रात NIA की टीम पर हमला हुआ। इस दौरान एक अफसर को चोटें भी आई हैं। भूपतिनगर में NIA टीम के सामने लोग लाठी-डंडे लेकर अड़ गए। NIA की टीम ने जब आरोपियों को ले जाने की कोशिश की, तो लोगों ने उनका विरोध किया। लोगों ने NIA की गाड़ी पर पथराव किया।

कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर NIA टीम भूपति नगर में 2022 में हुए बम धमाके की जांच करने पहुंची थी। पुलिस ने 3 लोगों- बोलाई मैती, समय मैती, और मानव दत्त जाना को गिरफ्तार किया है।पश्विम बंगाल के गर्वनर सीवी आनंद बोस ने कहा, मुझे घटना के बारे में पता चला है, दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

CM ममता ने कहा- NIA अफसरों ने रात में रेड क्यों की
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि NIA के अफसरों पर हमला नहीं हुआ है, बल्कि उन्होंने ही महिलाओं पर हमला किया। NIA अफसरों ने रात में रेड क्यों की? क्या उनके पास पुलिस की परमिशन थी? लोगों ने वैसे ही बर्ताव किया, जैसा रात में किसी भी अनजान व्यक्ति के आने पर किया जाता।

दक्षिण दिनाजपुर में ममता ने कहा कि NIA इलेक्शन से पहले लोगों को गिरफ्तार क्यों कर रही है? क्या भाजपा को लगता है कि वे हर बूथ एजेंट को गिरफ्तार कर लेंगे। NIA की मदद लेकर भाजपा गंदी राजनीति कर रही है।

2022 में हुए था बम ब्लास्ट, तीन लोगों की जान गई थी

बम का धमाका इतना भीषण था कि खपरैल की छत वाला मिट्‌टी का घर तहस-नहस हो गया।

भूपतिनगर में 3 दिसंबर 2022 को एक घर में बम ब्लास्ट हुआ था, जिसमें घर की छत उड़ गई थी। हादसे में तीन लोगों की जान गई थी। पिछले महीने NIA ने इस मामले में पूछताछ के लिए तृणमूल कांग्रेस के आठ नेताओं को समन भेजकर 28 मार्च को न्यू टाउन में NIA ऑफिस बुलाया था।

वहीं, TMC ने इस ब्लास्ट के लिए भाजपा को दोषी ठहराया था। TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा था भाजपा ने TMC नेताओं की एक लिस्ट NIA को दी है। इसके आधार पर NIA इन नेताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है।

दूसरा मामला- 5 जनवरी: संदेशखाली में ED टीम पर हमला हुआ था
पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में 5 जनवरी को ED और CRPF की टीम TMC नेता के घर रेड करने पहुंची थी। इस दौरान भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। करीब 200 लोगों ने जांच एजेंसी के दो वाहनों में तोड़फोड़ की। इसमें कुछ अफसरों के सिर में चोट आई थीं। ED ने बताया था कि भीड़ ने अधिकारियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और बटुए छीन लिए।

5 जनवरी को ED की टीम संदेशखाली में शाहजहां शेख के घर रेड डालने पहुंची थी। तब भीड़ ने टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें ED अधिकारी घायल हो गए थे।

ED पर हमले के केस में शेख शहाजहां गिरफ्तार हुआ
पूर्व TMC नेता शाहजहां शेख को 29 फरवरी को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शेख की गिरफ्तारी ED पर हमले के केस में हुई थी। बंगाल पुलिस ने कहा था कि शेख ED अफसरों पर हुए हमले के मुख्य आरोपियों में शामिल था।

हमले के बाद शेख 55 दिन तक फरार था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने जांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दी। शेख शाहजहां अब भी CBI की हिरासत में है।

गिरफ्तारी के बाद शाहजहां शेख को बशीरहाट कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया

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