प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चंद्रपुर में कहा, 2024 का लोकसभा चुनाव स्थिरता बनाम अस्थिरता के बीच का चुनाव है। एक ओर बीजेपी-NDA है, जिसका ध्येय है देश के लिए कड़े फैसले लो और बड़े फैसले लो। दूसरी ओर कांग्रेस और INDI गठबंधन है, जिसका मंत्र है कि जहां भी सत्ता पाओ खूब मलाई खाओ।
कांग्रेस पार्टी अपने कुकर्मों के कारण देश में जनता का समर्थन खो चुकी है। नतीजतन, वे अब फूट डालो और राज करो की रणनीति अपना रहे हैं। उन्होंने अपने घोषणापत्र में मुस्लिम लीग की याद दिलाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया है। साथ ही उनका एक सांसद भारत के विभाजन की मांग कर रहा है।
इंडी अलायंस के लोग दक्षिण भारत को अलग करने की धमकी दे रहे हैं। इंडी अलायंस में शामिल DMK पार्टी सनातन को डेंगू-मलेरिया कह कर उसके खात्मे की बात कर रही है और नकली शिवसेना वाले उन्हीं लोगों को महाराष्ट्र में रैली करवाते हैं।
मोदी के भाषण की 3 खास बातें…
- आज देश का दलित, पिछड़ा, आदिवासी और गरीब मोदी सरकार को अपनी सरकार मानता है। मोदी किसी शाही परिवार में पैदा होकर प्रधानमंत्री नहीं बना। मोदी एक गरीब परिवार में जन्म लेकर, आपके बीच रहकर, यहां तक आया है।
- राजनीतिक पार्टियों का दायित्व होता है कि वो जनता की समस्याओं का समाधान करे, लेकिन कांग्रेस पार्टी खुद ही समस्याओं की जननी है। पिछले 10 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। आपने NDA को पूर्ण बहुमत दिया। हमने देश की बड़ी-बड़ी समस्याओं का स्थायी इलाज किया है।
- पीएम ने ये भी कहा कि इंडी गठबंधन ने हमेशा देश को अस्थिरता में झोंका। इंडी गठबंधन की जब तक केंद्र में सरकार रही, तब महाराष्ट्र की लगातार उपेक्षा होती रही। कड़वे करेले को घी में तलें या शक्कर में घोलें, वह फिर भी कड़वा का कड़वा ही रहता है। ये कहावत कांग्रेस पर सटीक लागू होती है। कांग्रेस कभी नहीं बदल सकती।
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