सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील के आरोपी क्रिश्चियन मिचेल जेम्स की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस पर चीफ जस्टिस जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने सुनवाई की। पिटीशन में जेम्स ने जीवन के अधिकार (आर्टिकल 21) के तहत रिहाई की मांग की थी। जेम्स ने ये भी दावा किया था कि वह जेल में 5 साल से ज्यादा वक्त गुजार चुका है। जेम्स ने ये भी कहा था कि इस मामले में जांच अभी भी खत्म नहीं हुई है और न ही अभी ट्रायल शुरू हुआ है।
इस पर बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि आप आर्टिकल 32 के तहत याचिका कैसे दायर कर सकते हैं? आर्टिकल 32 के प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति मौलिक अधिकारों के हनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगा सकता है।
पिछले साल 7 फरवरी को भी सुप्रीम कोर्ट ने जेम्स की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। शीर्ष कोर्ट ने कहा था कि उसे तभी छोड़ा जा सकता है, जब वह अधिकतम सजा अवधि का आधा वक्त पूरा कर ले।
