Headlines

राहुल बोले- चुनाव आयोग अब लोकतंत्र का रक्षक नहीं:वोट चोरी की साजिश में शामिल; दावा- गुजरात SIR में गड़बड़ी, कांग्रेस का वोटर काटा गया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘जहां-जहां SIR है, वहां-वहां वोट चोरी है। SIR अब एक व्यक्ति, एक वोट के संवैधानिक अधिकार को नष्ट करने का हथियार बन चुका है, जिससे सत्ता का फैसला जनता नहीं भाजपा करे।

उन्होंनें शनिवार को X पोस्ट में लिखा- गुजरात में SIR के नाम पर जो किया जा रहा है, वह एक सुनियोजित, संगठित और रणनीतिक वोट चोरी है। चुनाव आयोग इस वोट चोरी की साजिश में प्रमुख सहभागी है।

राहुल ने दावा किया कि कांग्रेस को समर्थन देने वाले खास समुदायों और बूथों से चुन-चुनकर वोट हटाए गए। जहां-जहां भाजपा को हार का अंदेशा होता है, वहां मतदाताओं को सिस्टम से ही गायब कर दिया जाता है।

राहुल की पोस्ट गुजरात कांग्रेस की X पोस्ट पर आई है। इसमें कहा गया कि राहुल गांधी ने वोटों में हेराफेरी को उजागर किया। इसके बाद से भाजपा ने चुनाव में धांधली का ‘नेक्स्ट लेवल मॉडल’ अपना लिया है।

राहुल बोले- SIR थोपा गया

राहुल ने दावा किया कि कर्नाटक के आलंद में भी यही पैटर्न दिखा है। यही महाराष्ट्र के राजुरा में हुआ। अब यही ब्लूप्रिंट गुजरात, राजस्थान और हर उस राज्य में लागू किया जा रहा है। जहां SIR थोपा गया है। SIR को एक व्यक्ति, एक वोट के संवैधानिक अधिकार को खत्म करने के हथियार में बदल दिया गया है।

पहले देखिए गुजरात कांग्रेस की पोस्ट की तस्वीरें…

गुजरात कांग्रेस का दावा है कि नियमों के तहत SIR के बाद चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की। जनता से आपत्तियां दर्ज कराने का कहा। इसकी लास्ट डेट 18 जनवरी तय की गई थी। 15 जनवरी तक कुछ ही आपत्तियां आईं, लेकिन इसके बाद अचानक लाखों आपत्तियां (फॉर्म-7) दाखिल की गईं।

जब चुनाव आयोग ने 12 लाख आपत्तियों का आंकड़ा जारी किया, तो यह साफ हो गया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए खास जातियों, समुदायों और क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है। एक ही व्यक्ति के नाम से अलग-अलग नामों और हस्ताक्षरों के साथ दर्जनों आपत्तियां दाखिल की गईं हैं, जबकि चुनाव आयोग एक मूक दर्शक बना रहा।

कांग्रेस का आरोप है कि कांग्रेस ने आपत्तियों से जुड़ी जानकारी मांगते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इससे चुनावी धांधली पूरी तरह उजागर हो जाती है। चुनाव आयोग ने अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही सत्तारूढ़ दल के पास गिरवी रख दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024