राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शनिवार को कहा कि युद्ध राष्ट्र की इच्छाशक्ति के लिए लड़े जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम साइकोपैथ (मनोरोगी) नहीं हैं, जिन्हें दुश्मन के शव या कटे हुए अंग देखकर संतोष या सुकून मिले। लड़ाइयां इसके लिए नहीं लड़ी जातीं।
उन्होंने कहा कि युद्ध किसी देश का मनोबल तोड़ने के लिए लड़े जाते हैं, ताकि वह हमारी शर्तों पर आत्मसमर्पण करे और हम अपने लक्ष्य हासिल कर सकें।
अजीत डोभाल ने शनिवार को नई दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह के दौरान ये बाते कहीं। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप अपनी इच्छाशक्ति बढ़ा सकते हैं। वही इच्छाशक्ति राष्ट्रीय शक्ति बन जाती है।
अजीत डोभाल की स्पीच की 5 बड़ी बातें…
- दुनिया में हो रहे सभी युद्ध और संघर्षों को देखें तो साफ है कि कुछ देश दूसरों पर अपनी इच्छा थोपना चाहते हैं। इसके लिए अपनी ताकत का प्रयोग कर रहे हैं। अगर कोई देश इतना शक्तिशाली है कि कोई उसका विरोध न कर सके तो वह हमेशा स्वतंत्र रहेगा। लेकिन अगर संसाधन और हथियार हों, पर मनोबल न हो तो सब कुछ बेकार हो जाता है।
- मनोबल बनाए रखने के लिए लीडरशिप जरूरी होती है। आज हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमारे देश में ऐसा नेतृत्व है। एक ऐसा लीडर जिसने 10 सालों में देश को कहां से कहां पहुंचा दिया।
- आज का स्वतंत्र भारत हमेशा से उतना स्वतंत्र नहीं था। इसके लिए हमारे पूर्वजों ने बड़े बलिदान दिए। अपमान झेला और बेबसी के दौर से गुजरे। कई लोगों को फांसी हुई। हमारे गांव जलाए गए। हमारी सभ्यता को नुकसान पहुंचाया गया।
- यह इतिहास हमें एक चुनौती देता है कि आज भारत के हर युवा के अंदर एक आग होनी चाहिए। ‘बदला’ शब्द शायद बहुत अच्छा न लगे, लेकिन बदला खुद एक ताकतवर एहसास है। हमें अपने इतिहास का बदला लेना है। हमें इस देश को उस मुकाम पर वापस ले जाना है, जहां हम अपने अधिकारों, अपने विचारों और अपने विश्वास के आधार पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें।
- हमारी सभ्यता बहुत विकसित थी। हमने किसी के मंदिर नहीं तोड़े। हम कहीं लूटने नहीं गए। हमने किसी दूसरे देश या लोगों पर हमला नहीं किया, लेकिन हम अपनी सुरक्षा और खुद को लेकर आने वाले खतरों को समझने में नाकाम रहे।
12 जनवरी को 3 हजार युवाओं से संवाद करेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी 12 जनवरी को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में देश और विदेश से आए 3,000 से अधिक युवाओं से संवाद करेंगे।
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री भारत मंडपम में आयोजित डायलॉग 2026 के समापन सत्र में हिस्सा लेंगे।
डायलॉग में चुने हुए प्रतिभागी प्रधानमंत्री के सामने 10 अलग-अलग विषयों पर अपनी अंतिम प्रस्तुतियां देंगे। वे युवा नजरिए और देश के लिए काम आने वाले विचार साझा करेंगे।
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