केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जयपुर में 9000 नव नियुक्त कॉन्स्टेबल को नियुक्ति पत्र दिए। राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने राम राम से भाषण की शुरुआत की।
उन्होंने कहा- आज 9000 कॉन्स्टेबलों को किसी सिफारिश नहीं अपनी योग्यता से नियुक्ति मिली है। कोई राज्य तभी आगे आ सकता है जब नियुक्ति पारदर्शिता से की हो। भजनलाल ने कांग्रेस सरकार का पेपर लीक का सिलसिला खत्म कर उससे निजात दिलाई है। इस दौरान चूरू के रतन नगर पुलिस थाने को सर्वश्रेष्ठ थाने का पुरस्कार मिला।
इससे पहले जोधपुर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा- माहेश्वरी समाज जॉब सीकर नहीं रहा, जॉब क्रिएटर रहा है। ऐसे ही सदियों तक यह समाज देश की सेवा करता रहे। राम मंदिर पर पुस्तक लिख रहा युवक मेरे पास आया। मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे पास क्या जानकारी है? उसने बताया कि आजादी के बाद राम मंदिर के लिए सबसे पहले प्राणों की आहूति देने वाले दोनों भाई माहेश्वरी समाज से थे।
अमित शाह ने कहा कि देश के सांस्कृति पुनर्जागरण में भी माहेश्वरी समाज का योगदान बहुत बड़ा है। माहेश्वरी समाज के हाथ में तलवार भी अच्छी लगती है, तराजू भी। समाज के दिए हुए भामाशाहों की सूची बनाएंगे तो कई पेज भर जाएंगे। शनिवार को शाह पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में चल रहे माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन को संबोधित कर रहे थे।
स्वदेशी के साथ स्वभाषा का भी उपयोग करें केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा- देश को हर क्षेत्र में सर्वप्रथम लाने के लिए तीन चीजें जरूरी हैं, जिन्हें माहेश्वरी समाज कर सकता है। पहली, जो उत्पादन करते हैं तो वो करिए, लेकिन साथ में ऐसी चीजों का उत्पादन भी करें, जो भारत में नहीं बनती है।
दूसरी, स्वदेशी। जितना हो सके, उतना स्वदेशी चीजों का उपयोग करें। यह तय कर लें कि मेरे देश में बनी है, उसी चीज का व्यापार करूंगा। स्वदेशी के साथ स्वभाषा का भी उपयोग करें।
जब मुगलों के साथ लड़ते थे तो राजा-महाराजा के खजाने भरने का काम माहेश्वरी समाज ने किया। जब अंग्रेजों से लड़े तो महात्मा गांधी की लड़ाई का खर्च माहेश्वरी समाज के सेठों ने उठाया है। जब देश आजाद हुआ तो उद्योग के क्षेत्र में माहेश्वरी समाज ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।
जहां न पहुंचे रेलगाड़ी, वहां पहुंच जाए मारवाड़ी अमित शाह ने कहा कि चाहे उत्पादन का क्षेत्र हो, चाहे टेक्नोलॉजी को अपनाना हो, माहेश्वरी समाज ने प्रगतिशील समाज का परिचय दिया है। हमारे गुजरात में कहावत है कि जहां न पहुंचे रेलगाड़ी, वहां पहुंच जाए मारवाड़ी।
अमित शाह ने कहा कि जब समाज के आयोजन होते हैं तो कई प्रगतिशील लोग टीका-टिप्पणी करते हैं, मैंने ऐसी कई टिप्पणी झेली है। हमारे यहां समाजों के ऐसे महाकुंभ भारत को मजबूत करते हैं, भारत को विघटित नहीं करते। यदि हर समाज अपने गरीब भाई-बहनों की देखभाल स्वयं कर ले तो भारत से गरीबी मिट जाए। यदि हर समाज आत्मनिर्भर बन जाए तो पूरा भारत आत्मनिर्भर बन जाएगा।
