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अभिषेक बनर्जी बोले-मुख्य चुनाव आयुक्त ने आपा खोया:SIR चर्चा के दौरान मेरी बात पर गुस्सा हुए; EC बोला- कर्मचारी को धमकाया तो एक्शन होगा

तृणमूल कांग्रेस (TMC) का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सामने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर आपत्तियां दर्ज कराने गया था। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का रवैया अग्रेसिव हो गया था।

मीटिंग के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा-

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जब हमने बात रखनी शुरू की तो मुख्य चुनाव आयुक्त अपना आपा खो बैठे। वह मेरी बात पर गुस्सा होने लगे। मैंने उनसे कहा कि आप नॉमिनेटेड हैं और मैं जनता द्वारा चुना हुआ हूं। आप अपने बॉस के प्रति जिम्मेदार हैं। मैं बंगाल की जनता के प्रति जिम्मेदार हूं। अगर उनमें हिम्मत है, तो मीटिंग की फुटेज सार्वजनिक करें।

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टीएमसी का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर इलेक्शन कमीशन (EC) की फुल बेंच से मुलाकात की। मीटिंग के बाद अभिषेक ने आरोप लगाया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और SIR को लेकर उनकी पार्टी की गंभीर आशंकाओं को दूर नहीं किया गया।

वहीं चुनाव आयोग (ECI) ने मीटिंग के बाद TMC से कहा कि उसके कार्यकर्ता चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी स्टाफ को धमकाने में शामिल न हों। आयोग ने चेतावनी दी कि BLO, ERO, AERO, ऑब्जर्वर या किसी भी चुनावी कर्मचारी को धमकाने के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभिषेक बनर्जी के 2 आरोप…

  • वोट चोरी EVM के जरिए नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट के माध्यम से की जा रही है। अगर महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में विपक्ष ने इस मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाया होता, तो चुनावी नतीजे अलग हो सकते थे।
  • घुसपैठ का हौवा खड़ा कर पश्चिम बंगाल को बदनाम किया जा रहा है। EC उन 58 लाख वोटरों की लिस्ट सार्वजनिक करे, जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं और बताए कि उनमें कितने बांग्लादेशी या रोहिंग्या हैं।

टीएमसी ने लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी कैटेगरी पर सवाल उठाए

टीएमसी ने EC द्वारा पिछली तारीख से लागू की गई लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी कैटेगरी पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत पिता के नाम में अंतर, उम्र का संदिग्ध अंतर जैसे कारणों से 1.36 करोड़ वोटरों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है।

TMC नेता ने मांग की कि सीनियर सिटीजन, दिव्यांग और को-मोरबिडिटी वाले लोगों को सुनवाई के लिए न बुलाया जाए, बल्कि घर पर ही प्रक्रिया पूरी की जाए।

TMC के प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा में पार्टी नेता डेरेक ओ’ब्रायन, सांसद साकेत गोखले, रीताब्रत बनर्जी, ममता ठाकुर, और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री मानस भुनिया, प्रदीप मजूमदार और चंद्रिमा भट्टाचार्य शामिल थे।

चुनाव आयोग ने कहा- BLO को आयोग द्वारा मंजूर मानदेय जारी करें

ECI ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि राज्य के सभी बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) को आयोग द्वारा मंजूर किया गया बढ़ा हुआ मानदेय तुरंत जारी किया जाए।

ECI ने बयान में कहा कि TMC प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया है कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान वोटिंग को और सुगम बनाने के लिए ऊंची इमारतों, गेटेड कम्युनिटी और झुग्गी-झोपड़ियों में अतिरिक्त पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।

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