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बेंगलुरु के ट्रैफिक में फंसे एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला:कहा- अंतरिक्ष में यात्रा करना शहर के खराब ट्रैफिक को पार करने से कहीं ज्यादा आसान

बेंगलुरु के ट्रैफिक में फंसे एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला:कहा- अंतरिक्ष में यात्रा करना शहर के खराब ट्रैफिक को पार करने से कहीं ज्यादा आसान

बेंगलुरु4 घंटे पहले

एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने बेंगलुरु के खराब ट्रैफिक पर मजाकिया लहजे में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में यात्रा करना शहर के खराब ट्रैफिक को पार करने से कहीं ज्यादा आसान है।

शुभांशु गुरुवार को कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स,आईटी और बीटी विभाग ने फ्यूचराइज थीम पर बेंगलुरु टेक समिट में हिस्सा लेने पहुंचे थे।

उन्होंने मराठाहल्ली से बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर तक लगभग 34 किमी का सफर तय किया। इसे तय करने में आमतौर पर एक घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है। उन्हें कितना वक्त लगा। यह पता नहीं चल पाया।

उन्होंने कहा, ‘मैं बेंगलुरु के दूसरे छोर पर स्थित मराठाहल्ली से यहां पहुंचा हूं। मेरे इस प्रेजेंटेशन में जितना समय लगेगा, उससे तीन गुना समय मैंने सिर्फ सड़क पर बिताया है। उम्मीद है कि आप मेरे कमिटमेंट को समझेंगे।’

प्रियंक खड़गे बोले- सरकार इसे सुधारने की कोशिश करेगी

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने शुभांशु के टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि सरकार शहर में यात्रा समय कम करने और ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने की दिशा में काम कर रही है। हम कोशिश करेंगे कि ऐसी दिक्कतें आगे न हों।

एस्ट्रोनॉट और भारतीय वायुसेना के पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने युवाओं से अंतरिक्ष विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर स्पीच दी।
कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे (बाएं) और शुभांशु शुक्ला।
शुभांशु शुक्ला ने बच्चों से बात की।

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रिपोर्ट- बेंगलुरु में हर यात्री साल में 117 घंटे जाम में फंसता है

बेंगलुरु में हर दिन 190 किमी लंबा जाम लगता है।

जून 2025 में जारी ट्रैफिक पुलिस के हीटमैप के मुताबिक बेंगलुरु में हर दिन करीब 190 किमी तक लंबा जाम लगता है। 2024 के मुकाबले इस साल लोगों का वन-वे सफर 16% बढ़ गया है, यानी अब 19 किमी का रास्ता तय करने में करीब 63 मिनट लग जाते हैं।

हर यात्री साल में लगभग 117 घंटे सिर्फ ट्रैफिक में फंसा रहता है। जनवरी से जून 2025 के बीच शहर की सड़कों पर 3 लाख से ज्यादा नई प्राइवेट गाड़ियां जुड़ गईं।

सिर्फ जून में ही करीब 50 हजार वाहन रजिस्टर्ड हुए। ट्रांसपोर्ट विभाग के मुताबिक संख्या पूरी नहीं है, क्योंकि बाहर के जिलों और राज्यों की गाड़ियां भी रोज शहर में चलती हैं।

कौन हैं शुभांशु शुक्ला, ISS की यात्रा करने वाले पहले भारतीय

शुभांशु शुक्ला 18 दिन ISS पर रहे।

शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, टेस्ट पायलट और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने इस साल 25 जून को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। वे ISS पर 18 दिन रहे। वह 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। वे गगनयान मिशन में भी शामिल हैं।

शुभांशु शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं। इनकी की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई अलीगंज, लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से पूरी हुई। 12वीं के बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर किया और यहीं से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी।

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