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SIR के खिलाफ याचिका,सुप्रीम कोर्ट ने EC से जवाब मांगा:केरल सरकार ने प्रक्रिया रोकने की मांग की; तमिलनाडु और बंगाल भी अर्जी लगा चुके

सुप्रीम कोर्ट आज SIR के खिलाफ दायर केरल सरकार की याचिका पर चुनाव आयोग (EC) से जवाब मांगा है। केरल और अन्य की याचिकाओं में केरल में SIR कराने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई है।

जस्टस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई 26 नवंबर तय की है।

केरल में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं। इसलिए राज्य सरकार ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को स्थगित करने की मांग वाली याचिका दायर की थी।

याचिका में केरल सरकार ने कहा था कि कर्मचारियों की कमी के कारण चुनाव के साथ SIR करवाने से दिक्कतें बढ़ रही हैं। जब संवैधानिक चुनाव चल रहे हों, तो बेकार में जल्दबाजी करके सत्यापन की गुणवत्ता को कम करना, मताधिकार के लोकतांत्रिक अधिकार के खिलाफ है।

दरअसल केरल में लोकल बॉडी इलेक्शन 21 दिसंबर तक पूरे किए जाने हैं। राज्य सरकारी का कहना है कि इस लेवल पर SIR को पूरा करने की कोई जरूरत नहीं, खासकर तब जब विधानसभा चुनाव मई 2026 तक होने हैं।

केरल के अलावा तमिलनाडु और बंगाल भी SIR के खिलाफ याचिका लगा चुके हैं। इंडियन मुस्लिम यूनियन लीग की याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक SIR के खिलाफ अब तक 10 याचिकाएं लग चुकी हैं।

इधर, देश में अब तक 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में लगभग 99% (50.40 करोड़ से ज्यादा) वोटर्स को SIR फेज II के एन्यूमरेशन फॉर्म दिए जा चुके हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं।

केरल हाईकोर्ट ने याचिका पर फैसला नहीं दिया था

इससे पहले केरल हाईकोर्ट में चुनाव आयोग ने तर्क दिया था कि SIR एक देशव्यापी प्रक्रिया का हिस्सा है। यह आधे से ज्यादा पूरी हो चुकी है। इसे बीच में रोकने से अगले चुनाव चक्र की तैयारियां बाधित होंगी।

जस्टिस वीजी अरुण की बेंच ने कहा था कि बिहार, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की SIR को चुनौती देने वाली इसी तरह की याचिकाएं पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में हैं, इसलिए न्यायिक अनुशासन और शिष्टाचार के कारण हाईकोर्ट को इस मामले पर फैसला देने से बचना चाहिए।

गुजरात में BLO ने किया सुसाइड, एक की हार्ट अटैक से मौत

गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार तालुका के छारा गांव में कार्यरत शिक्षक और बीएलओ अरविंद मूलजी वढेर ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने अपने पैतृक गांव देवली में तनाव और काम के दबाव के कारण यह कदम उठाया। अरविंद ने मरने से पहले अपनी पत्नी के नाम सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने बताया है कि काम के दबाव से थक गया है।

वहीं, खेड़ा जिले में BLO के तौर पर काम कर रहे एक स्कूल टीचर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिवार ने मौत का कारण वोटर रोल के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े बहुत ज्यादा काम का दबाव बताया है। जिले के कपड़वंज तालुका के जम्बूडी गांव के रहने वाले BLO रमेशभाई परमार के भाई नरेंद्र परमार ने बताया कि सोते समय उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई।

कपड़वंज के नवापुरा गांव के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले रमेशभाई को हाल ही में BLO की ड्यूटी दी गई थी। काम खत्म करने के बाद, वह बुधवार शाम करीब 7.30 बजे घर लौटे। गांव में मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत है, इसलिए वह अपना काम खत्म करने भाई के घर गए। उन्होंने रात 11.30 बजे तक काम किया।

मृतक के भाई ने कहा- फिर वह रात का खाना खाने के बाद सो गए। जब वह सुबह नहीं उठे, तो हम उन्हें पास के हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटी शिल्पा ने भी यही बात कही और आरोप लगाया कि उनके पिता BLO से जुड़े काम की वजह से प्रेशर में थे।

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