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डीके शिवकुमार बोले- गुटबाजी मेरे खून में नहीं है:कर्नाटक में CM फेरबदल को नकारा; विधायकों के दिल्ली जाने पर बोले- सभी को मंत्रीपद की चाहत

डीके शिवकुमार बोले- गुटबाजी मेरे खून में नहीं है:कर्नाटक में CM फेरबदल को नकारा; विधायकों के दिल्ली जाने पर बोले- सभी को मंत्रीपद की चाहत

बेंगलुरु35 मिनट पहले
डीके शिवकुमार के करीबी एक मंत्री और कुछ MLA गुरुवार को कांग्रेस के टॉप नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली गए थे।

कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सीएम पद को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया। शिवकुमार ने शुक्रवार को X पर पोस्ट किया कि CM सिद्धारमैया अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। CM और मैंने, दोनों ने बार-बार कहा है कि हम हाईकमान की बात मानते हैं।

दरअसल यह चर्चा शिवकुमार के करीबी विधायकों के दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात के बाद शुरू हुई थी। समर्थकों ने दावा किया कि शिवकुमार को अगला सीएम बनना चाहिए। हालांकि डिप्टी सीएम ने कहा कि सभी विधायक हम सब के हैं। गुटबाजी मेरे खून में नहीं है।

CM ने कैबिनेट में फेरबदल करने का फैसला किया। हर कोई मंत्री बनना चाहता है इसलिए उनका दिल्ली में लीडरशिप से मिलना स्वाभाविक है। यह उनका अधिकार है। हम उन्हें रोक नहीं सकते।

क्या है पूरा मामला, 3 पॉइंट में समझें

  • दरअसल डीके शिवकुमार के करीबी एक मंत्री और कुछ MLA गुरुवार को कांग्रेस के टॉप नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली गए थे। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब चीफ मिनिस्टर सिद्धारमैया के बतौर मुख्यमंत्री ढाई साल पूरे हो चुके हैं।
  • 20 मई, 2023 को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद चीफ मिनिस्टर पद के लिए सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कड़ी टक्कर थी। कांग्रेस शिवकुमार को मनाने और उन्हें डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनाने में कामयाब रही थी। उस समय कुछ रिपोर्ट्स में चर्चा थी कि रोटेशनल चीफ मिनिस्टर फ़ॉर्मूला के आधार पर समझौता हो गया है, जिसके अनुसार शिवकुमार ढाई साल बाद चीफ मिनिस्टर बनेंगे, लेकिन पार्टी ने उन्हें ऑफिशियली कन्फर्म नहीं किया है।
  • माना जा रहा है कि शिवकुमार के कुछ लॉयल लोग चाहते थे कि उनके लीडर चीफ मिनिस्टर की कुर्सी पर बैठें। सूत्रों के अनुसार, मिनिस्टर एन चालुवरायस्वामी, MLA इकबाल हुसैन, एच सी बालकृष्ण और एस आर श्रीनिवास गुरुवार को दिल्ली गए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को 12 और MLA दिल्ली पहुंच सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले लगभग 12 MLC ने दिल्ली में डेरा डाला था और कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी से बात की थी।

3 दिन पहले शिवकुमार ने प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के संकेत दिए थे

डीके शिवकुमार ने बुधवार को संकेत दिए थे कि वे जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं। उन्होंने बेंगलुरु में इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहा था- मैं इस पद पर हमेशा नहीं रह सकता।

शिवकुमार ने कहा- साढ़े पांच साल हो चुके हैं और मार्च में छह साल हो जाएंगे। अब दूसरे नेताओं को भी अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा- मैं लीडरशिप में रहूंगा। चिंता मत करिए, मैं फ्रंटलाइन में रहूगा। मैं रहूं या न रहूं, इससे फर्क नहीं पड़ता। मेरी कोशिश है कि अपने कार्यकाल में पार्टी के 100 ऑफिस बनवाऊं।

सिद्धारमैया ने 16 नवंबर को खड़गे से मुलाकात की थी

कर्नाटक सरकार में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 16 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की थी। कांग्रेस नेताओं ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया था, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया ने खड़गे के साथ राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की।

सूत्रों ने अनुसार, अगर कांग्रेस हाईकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी देता है, तो यह संकेत होगा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे शिवकुमार के CM बनने की संभावना खत्म हो जाएगी।

शिवकुमार ने कहा था- अगर पार्टी है, तो हम सब हैं

शिवकुमार ने भी खड़गे से दिल्ली में मुलाकात की थी। उन्होंने मुलाकात के बारे में पूछने पर पत्रकारों से कहा था- पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलना आम है, कोई खास बात नहीं। मंत्रिमंडल में फेरबदल और नेतृत्व में बदलाव की अटकलों पर शिवकुमार ने कहा- अगर पार्टी है, तो हम सब हैं।

शिवकुमार ने खुद को पार्टी का वफादार सिपाही बताते हुए कहा था कि वह तब तक प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे जब तक नेतृत्व चाहेगा कि वह इस पद पर बने रहें। हालांकि, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 2023 में कहा था कि शिवकुमार 2024 के लोकसभा चुनावों तक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।

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