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गोरखपुर में ममता कुलकर्णी बोलीं- दाऊद आतंकी नहीं, VIDEO:मुंबई ब्लास्ट नहीं करवाया, मैं उससे कभी नहीं मिली

गोरखपुर में ममता कुलकर्णी बोलीं- दाऊद आतंकी नहीं, VIDEO:मुंबई ब्लास्ट नहीं करवाया, मैं उससे कभी नहीं मिली

गोरखपुर2 घंटे पहले
ममता तीन दिन के गोरखपुर दौरे पर हैं। मंगलवार को उन्होंने एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उसी में ये बातें कहीं। अब उनका वीडियो वायरल हो रहा है।

एक्ट्रेस से साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी फिर सुर्खियों में हैं। गोरखपुर में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर उन्होंने कहा, “उसने कोई बम ब्लास्ट नहीं किया, वह आतंकी नहीं है।”

उन्होंने यह भी साफ किया कि वह दाऊद से कभी नहीं मिलीं। कहा, “मैं आज पूरी तरह अध्यात्म के मार्ग पर हूं। राजनीति या फिल्म इंडस्ट्री से मेरा कोई संबंध नहीं है।” हालांकि, पूरे मामले पर बवाल होने के बाद ममता ने अपने बयान से किनारा कर लिया है और सफाई दी।

ममता तीन दिन के गोरखपुर दौरे पर हैं। मंगलवार को एक होटल में उन्होंने ये बातें कही थीं। बुधवार को उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षनाथ के दर्शन किए। साधु-संतों से मुलाकात की और भजन संध्या में शामिल हुईं। ममता इससे पहले महाकुंभ में चर्चा में रहीं, जब वे महामंडलेश्वर बनी थीं।

ममता ने बाबा गोरक्षनाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
ममता कुलकर्णी, किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के साथ भजन संध्या में शामिल हुईं।

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ममता की 3 बड़ी बातें पढ़िए-

1- मैं स्टारडम देख चुकी हूं, लेकिन आत्मसंतोष गुरु के चरणों में मिला

ममता ने कहा, “मेरा जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ। मेरी दादी ने मेरा नाम यमाई रखा था। मैंने 100 से अधिक फिल्मों का स्टारडम देखा, प्रसिद्धि भी पाई, लेकिन गुरु के चरणों में ही आत्मसंतोष मिला।”

2- नाथ संप्रदाय से मेरा जुड़ाव आध्यात्मिक है

महामंडलेश्वर ने कहा, “नाथ संप्रदाय से मेरा जुड़ाव आध्यात्मिक है। 1995 में मेरे जीवन में गुरु गगन गिरि महाराज का आगमन हुआ, जो नाथ संप्रदाय के महान तपस्वी थे। इसके बाद मेरे जीवन में बदलाव आया। यहां आने से पहले मैंने गुरु गोरखनाथ, मत्स्येंद्रनाथ और नाथ परंपरा से जुड़े साहित्य पढ़े। मैं लंबे समय से बाबा गोरक्षनाथ के दर्शन करना चाहती थी, लेकिन मेरी इच्छा आज पूरी हुई।”

3- निरंतर साधना के बाद सिद्धि प्राप्त हुई

ममता ने कहा, “मैंने 12 साल तक एक स्थान पर रहकर ब्रह्मचर्य का पालन किया। कठोर तपस्या की। 2016 से 2025 तक निरंतर साधना के बाद मुझे सिद्धि प्राप्त हुई। सनातन धर्म में छठ पूजा का बहुत महत्व है। द्वापर और त्रेता युग में भगवान राम और कृष्ण के काल से ही इस व्रत का प्रचलन है, जो आज पूरे देश में विशाल रूप ले चुका है।”

मंच पर किन्नर समुदाय के लोगों ने ममता कुलकर्णी और लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का स्वागत किया।

ममता कुलकर्णी के बयान पर संत भड़के

किन्नर जगतगुरु हिमांगी सखी ने कहा- ममता दाऊद की भेजी हुई कठपुतली किन्नर जगतगुरु हिमांगी सखी ने कहा- ममता कुलकर्णी अपने आप को महामंडलेश्वर बोल रही हैं। ये लोग सनातन धर्म के साथ खेल करने वाले हैं। ये दाऊद की भेजी हुई कठपुतली हैं। इनकी खुद भी आतंकवादी गतिविधियां होंगी। इसकी जांच होनी चाहिए। अब तक जांच क्यों नहीं बैठी? मुझे ये समझ नहीं आ रहा।

ममता ने इतनी बड़ी बात कैसे कह दी कि मुंबई बम ब्लास्ट में उसका (दाऊद) हाथ नहीं था। क्या ये छोटी बात है। संत समाज को पता नहीं क्या हो गया कि इनका इतना सपोर्ट कर रहे। अरे भाई उसे और किन्नर अखाड़े को बाहर करो।

किन्नर जगतगुरु हिमांगी सखी ने कहा- ये सनातन धर्म के साथ खेल करने वाले हैं।

यशवीर महाराज ने कहा- ममता के संत वस्त्र उतरवाने चाहिए

मुजफ्फरनगर में योग साधना आश्रम के प्रमुख संत यशवीर महाराज ने कहा- ममता कुलकर्णी ‘राष्ट्र विरोधी’ हैं। इनकी पदवी वापस ले लेनी चाहिए। दाऊद ने मुंबई में सैकड़ों निर्दोषों की हत्या कराई। वे उसे बेकसूर बता रही हैं। ये देशभक्ति नहीं, बल्कि देशद्रोह है। जिस अखाड़े ने उन्हें संन्यासी की पदवी दी। उसे तुरंत उनके संत वस्त्र उतरवाने चाहिए। संत बनना आसान नहीं, राष्ट्रभक्ति अनिवार्य है।

संत यशवीर महाराज ने कहा- ममता कुलकर्णी ‘राष्ट्र विरोधी’ हैं। इनकी पदवी वापस ले लेनी चाहिए।

अब ममता कुलकर्णी की सफाई पढ़िए…

‘दाऊद इस देश का टेररिस्ट है और रहेगा’ अपने बयान को लेकर घिरने के बाद ममता कुलकर्णी ने गुरुवार को दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए सफाई दी। उन्होंने कहा- दाऊद से मेरा लेना-देना नहीं है। दाऊद इस देश का टेररिस्ट है और रहेगा। मैं विक्की गोस्वामी की बात कर रही थी। उसका विस्फोट से कोई लेना-देना नहीं था। आज मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है। मेरा बयान गलत ढंग से दिखाया गया। मैं महामंडलेश्वर हूं। उसी के अनुरूप कार्य कर रही हूं।

ममता कुलकर्णी ने कहा- मैं विक्की गोस्वामी की बात कर रही थी।

महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में रही थीं

ममता 23 जनवरी को ममता अचानक प्रयागराज महाकुंभ पहुंचीं। दोपहर में वे किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मिलीं। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। फिर दोनों अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी से मिलीं और ममता को महामंडलेश्वर बना दिया गया। उनका नाम यामाई ममता नंद गिरि रखा गया।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई संतों ने इसका विरोध किया था। रामदेव ने कहा था- कोई एक दिन में संतत्व को प्राप्त नहीं कर सकता। इसके बाद 10 फरवरी को ममता ने किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर पद छोड़ दिया। हालांकि 2 दिन बाद यानी 12 फरवरी को उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था।

यह तस्वीर 24 जनवरी की है, जब ममता किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनी थीं।

विवादों में रहीं ममता, मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराया शाहरुख खान, सलमान खान, अजय देवगन, अनिल कपूर जैसे बड़े स्टार्स से साथ स्क्रीन शेयर करने वाली ममता उस वक्त विवादों में आईं जब उन्होंने साल 1993 में स्टारडस्ट मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराया था। वहीं, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने ममता को फिल्म ‘चाइना गेट’ में बतौर लीड एक्ट्रेस लिया था।

शुरुआती अनबन के बाद संतोषी, ममता को फिल्म से बाहर निकालना चाहते थे। खबरों के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड से प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें फिल्म में रखा गया। हालांकि, फिल्म फ्लॉप साबित हुई और बाद में ममता ने संतोषी पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप भी लगाया।

ममता कुलकर्णी का जन्म मुंबई की मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था।

ड्रग माफिया से रचाई शादी, साध्वी बनीं ममता पर आरोप लगा कि उन्होंने दुबई के रहने वाले अंडरवर्ल्ड ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से शादी की थी। हालांकि ममता ने अपनी शादी की खबरों को हमेशा ही अफवाह बताया। ममता का कहना था कि मैंने कभी किसी से शादी नहीं की। यह सही है कि मैं विक्‍की से प्‍यार करती हूं, लेकिन उसे भी पता होगा कि अब मेरा पहला प्‍यार ईश्‍वर हैं।

ममता ने 2013 में अपनी किताब ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगिनी’ रिलीज की थी। इस दौरान फिल्‍मी दुनिया को अलविदा कहने की वजह बताते हुए कहा था, ‘कुछ लोग दुनिया के कामों के लिए पैदा होते हैं, जबकि कुछ ईश्‍वर के लिए पैदा होते हैं। मैं भी ईश्‍वर के लिए पैदा हुई हूं।’

फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के बाद ममता विक्की गोस्वामी के साथ दुबई, केन्या जाकर रहने लगी थीं।

तमिल फिल्म से शुरू किया करियर ममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल, 1972 को मुंबई में हुआ था। ममता ने 1991 में अपने करियर की शुरुआत तमिल फिल्म ‘ननबरगल’ से की। साल 1991 में ही उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘मेरा दिल तेरे लिए’ रिलीज हुई। वेबसाइट आईएमडीबी के मुताबिक, एक्ट्रेस ने अपने करियर में कुल 34 फिल्में कीं। ममता को साल 1993 में फिल्म ‘आशिक आवारा’ के लिए बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था।

इसके बाद वह ‘वक्त हमारा है’, ‘क्रांतिवीर’, ‘करण अर्जुन’, ‘बाजी’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। उनकी लास्ट फिल्म ‘कभी तुम कभी हम’ साल 2002 में रिलीज हुई थी।

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